बेटे ने करि मम्मी की चुदाई – 3

इतना मस्त अहसास और ऊपर से वो मेरे लौड़े के साथ जीभ से खेल रही थीं। मैं आंख बंद करके इस सुख को लेने लगा। कुछ देर बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने अपना लौड़ा माँ के मुँह से बाहर निकाल लिया। 

अब उन्होंने मेरी कमर से खींच कर मेरे लौड़े को लपका और फिर से अपने गले तक ले लिया। मैं खुद को रोक न सका और उनके मुँह में ही झड़ गया। उनका पूरा मुँह मेरे माल से भर गया और कुछ मेरे बिस्तर पर भी गिर गया। 

पर वो अभी भी कहां मान रही थीं, लगातार मेरा लौड़ा चूसे जा रही थीं। दस मिनट तक लंड चूसने के बाद वो साइड में हो गईं। मेरा लौड़ा फिर से खड़ा हो गया था। मैंने पूछा- बस हो गया क्या? 

वो बोली- नहीं। अब वो मेरा निक्कर उतार कर मेरा लौड़ा सहला रही थीं और मैं उनकी चूत में उंगली कर रहा था। मैंने ध्यान दिया कि माँ की चुत में मेरी दो उंगलियां बड़े आराम से जा रही थीं। फिर वो अचानक से उठीं और तकिये पर बैठ गईं। 

उन्होंने मेरे मुँह को सीधे अपनी चूत में दबा दिया। मेरी नाक चूत की फांकों में फंस गई थी। पर मैंने झटका देकर अपनी नाक बाहर निकाली और मैं माँ की चूत चाटने लगा। 

मैडम की चुत को दी शांति – 1

मैडम की चुत को दी शांति – 2

मम्मी की चुत की करि चटाई 

वो मदहोश होकर कराह रही थीं और मैं मजे ले लेकर सिसकारियां भर रहा था। अब बारी चुदाई की थी तो वो मेरी तरफ मुड़ीं और बोलीं- फुद्दी तो तेरे बाप ने मार ली … तू मेरी गांड मार ले! 

मैंने आज से पहले सेक्स नहीं किया था। मैंने हामी भर दी। पर इतने में वो बोलीं- जा पहले रसोई से सरसों के तेल की बोतल ले आ। मैं बोतल लेकर आया तो वो घोड़ी बन कर चुदने को तैयार थीं। 

मैंने भी अपने लौड़े पर तेल की मालिश की और चूतड़ों पर लौड़ा दे मारा। लंड का अहसास लेकर माँ सिसकते हुए बोलीं कि अब पेल भी दे उसको। मैंने माँ की गांड में आराम आराम से लौड़ा डालना शुरू कर दिया और जैसे ही आधा लंड उनकी गांड में चला गया, तो वो मस्ती से चिल्लाने लगीं। 

मैंने लौड़ा बाहर निकाल दिया और एकदम से लंड को फुद्दी में घुसा दिया। कुछ धक्कों के बाद माँ को चैन आ गया और वो मेरी तरफ घूम कर चूमने लगीं। फिर मुझे अपनी तरफ खींचा, इतने में मैंने झटके मारने शुरू कर दिए। 

मेरी माँ ‘उह आह आह आह …’ कर रही थीं और मैं पूरा लंड अन्दर बाहर कर रहा था। वो कामुक सिसकारियां भर भर कर बोल रही थीं कि आंह और तेज़ और तेज़। मैं भी पूरा मजा ले रहा था। चोदते चोदते मैं उनके चुचों को भी खींच देता था, जिससे वो और मजा ले रही थीं। 

मैंने लंड बाहर निकाल लिया। माँ ने मुझे एक बार फिर से लौड़ा गांड में डालने को बोला। इस बार मैंने ज्यादा तेल लगाया और माँ का मुँह तकिए के नीचे दबा दिया ताकि वो ज्यादा न चिल्ला सकें। 

मौसी की बेटी के बड़े बूब्स और कारनामे – 1

मम्मी की गांड में घुसा दिआ लंड 

इस बार फिर से वही हुआ। शायद पापा कभी गांड नहीं मारते होंगे। मैं धीरे धीरे डालने की कोशिश करता रहा पर वो बहुत ज़ोर से कराह रही थीं। मैंने अपने लंड को गांड से निकाल कर चूत में पेल दिया। 

मैं उसके कान के पास गया और कान काटने लगा। इससे माँ की सांसें और तेज़ हो गईं। मैंने पूछा- पापा तुम्हें गाली देकर क्यों खींच रहे थे? माँ ने सेक्स की उत्तेजना में सच बोल दिया- तेरे पापा ने मुझे तेरे दोस्त विशाल के साथ सेक्स करते हुए देख लिया था। 

ये सुन कर मुझे गुस्सा भी आया पर अपनी माँ के साथ सेक्स करते हुए मुझे ये बात इतनी बुरी भी नहीं लगी। वो और ज़ोर ज़ोर से आवाज ले रही थीं, कभी कभी गलती से बीच में वो विशाल का नाम लेकर भी मुझे तेज़ चोदने को बोल रही थीं। 

फिर मैंने पूछा- तुम्हारी चूत इतनी चौड़ी किसने की? पापा ने या विशाल ने? इस बार भी माँ ने विशाल की ही तारीफ की। अब मैं उन्हें और तेज़ चोद रहा था और कुछ देर बाद माँ ने पोजीशन बदलने को कहा। 

अब वो मेरे लंड के ऊपर आ गईं। मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा था और उनकी चूत की गहराई में जा रहा था। वो उछल उछल कर मेरा साथ दे रही थीं। लगातार 20 मिनट सेक्स करने के बाद वो झड़ गईं। 

फिर वो जैसे ही साइड में हटने लगीं, मैंने उनको बालों से पकड़ कर अपने लंड की तरफ ले लिया और उनके मुँह में अपना पूरा लंड घुसा दिया। मैं उन्हें रंडी कह कह कर लंड चुसवा रहा था और वो पूरा लंड मुँह में लेकर बाहर निकाल रही थीं। बार बार मुँह में ले लेकर माँ ने मुझे अपने मुँह में ही झाड़ लिया और पूरा माल पी गईं।  

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