माँ बाप की लड़ाई पर कर दी मम्मी की ही चुदाई

मेरे घर में मम्मी और पापा दोनों ही एक से बढ़कर एक थे जिनमे हमेशा ही लड़ाई होती रहती थी। मै ज्यादातर अपने कमरे में ही रहा करता था जिससे मै उनकी लड़ाइयो से दूर रह सकू। 

मेरी मम्मी दिखने में बहुत खूबसूरत थी और पापा से कुछ 5 साल छोटी भी थी। मम्मी जब भी सूट पहना करती थी हर कोई यही कहता था की उनकी अभी तक शादी भी नहीं हुई है। मेरे पापा दिखने में अब थोड़े बूढ़े से हो गए थे और कभी कभी बिना वजह बीमार भी हो जाते थे। 

एक रात मम्मी पापा की लड़ाई बहुत ही ज्यादा बढ़ गयी जिसकी वजह मुझे पता नहीं चली थी। अब पापा ने गुस्से में आकर घर से जाने का फैसला कर लिआ अपना सामान बांधने लगे। पापा बहुत ही गुस्से में थे इसलिए मेने उनसे कोई बात नहीं कही। 

पापा के जाने के बाद मम्मी बहुत रो रही थी जिसकी वजह से मेरी भी आंखे नम हो गयी थी और मै भी खड़ा खड़ा रो रहा था। मम्मी ने मुझे पास बुलाते हुए चुप कराया और खाना बनाने के लिए चली गयी। 

मम्मी ने खाना बनाके मुझे भी दिआ और खुद भी खाना लेकर खाने के लिए बैठ गयी। रात के 11 बज रहे थे और मै निचे बैठा हुआ पापा की राह देख रहा था की क्या पता वह गुस्सा कम होने पर वापस आ जाये। रात के 12 बज गए पर पापा अभी तक नहीं आये। 

मम्मी ने मुझे कहा की आज रात मै उनके पास ही सो जायु क्युकी क्या पता रात को पापा आ जाये और फिर से लड़ाई हों लगे। अब मै बिस्तर के एक कोने को पकड़ के निचे ही सो गया और मम्मी भी अब सोने के लिए बिस्तर पर आ गयी। 

और भी हवस से भरी कहानिया: Chudai Kahani

मम्मी ने मुझे बताई पापा से लड़ाई की वजह 

अब रात के करीब 2 बज रहे होंगे की मेरी तभी आंख खुल गयी और मेने देखा की मम्मी ने मुझे पीछे से अपनी बाहो में ले रखा था। मम्मी मुझे जोर से पकडे हुए थी इसलिए मेने मम्मी से दूर होते हुए खुद को दूसरे कोने पे ले गया। 

अब कुछ देर बाद मम्मी ने मुझे वहा भी आते हुए अपनी बाहो में ले लिआ और गले लगाकर सोने लगी। अब मम्मी को मेने झटके से खुदसे दूर कर दिआ जिससे मम्मी की आंखे खुल गयी और मेने मम्मी से कहा की मै अब ऊपर सोने जा रहा हु। 

मम्मी का चेहरा बहुत उदास हो गया और वह रोने लगी। मेने मम्मी को सँभालते हुए उनके रोने का कारण पूछा तो मम्मी ने कुछ नहीं कहा और मेरे आगे रोटी रही। अब मम्मी ने कुछ देर बाद मुझे कहा की क्या मुहे उनकी लड़ाई की वजह पता है। 

मेने मम्मी को ना कहा और मम्मी ने मुझे कहा की क्या मुझे वह वजह जननी है ? मेने हां कही और मम्मी ने मुझे बताया की पापा के बुढ़ापे की वजह से वह शारीरिक तोर पर खुश नहीं रह पा रही है जिससे उन्हें कई बार बहुत बुरा लगता है। 

अब मै मम्मी से कुछ भी नहीं बोल पा रहा था और मम्मी ने मुझे कहा की आज रात वह अकेले नहीं रहना चाहती है। अब मै मम्मी को मना भी नहीं कर पाया और चुपचाप कोने में जाकर सो गया। 

अब कुछ ही देर बाद मम्मी ने मुझे फिर से गले लगा लिआ और सोने लगी। इस बार मेने मम्मी को कुछ नहीं कहा और शांति से सो  गया पर कुछ ही देर बाद मुझे अपने लंड पर किसी का हाथ महसूस होना शुरू हो गया। 

धीरे धीरे मेरा लंड तनाव में भी आ गया और मेने पीछे देखा तो मम्मी अपने हाथ से मेरा लंड सेहला रही थी। अब मम्मी से मेने उठते हुए कहा की वह ये क्या कर रही है। मम्मी ने कहा की आज रात वह रोना नहीं चाहती है और उनकी ख़ुशी का एकमात्र जरिया बस मै ही हूँ। 

मम्मी के दुःख को देख मै चुप था और मम्मी अब मेरे लंड को सहलाये जा रही थी। मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया जिसके बाद मम्मी ने मेरे पजामे में हाथ डालके उसे हिलाना शुरू कर दिआ। मुझे भी अब आराम सा आ रहा था इसलिए मै एकदम चुप सब देख रहा था। 

अब जैसे ही मेने मम्मी को देखने के लिए अपना चेहरा पीछे की तरफ किआ मम्मी ने मुझे देखा और कहा की मै भी उनके बूब्स की मसाज अपने हाथ से करू। मुझे थोड़ी झिझक होने लगी पर मम्मी ने खुद मेरा हाथ अपने बूब्स पर रख दिआ और अपने हाथ से बूब्स दबाने लगी। 

अब मै मम्मी के बूब्स दबा रहा रहा था पर मम्मी मेरा लंड हिलाये जा रही थी। हम दोनों की खूब गरम हो गए थे जिसके बाद मम्मी ने करीब आते हुए मेरे होठो को चूसना शुरू कर दिआ। मम्मी और मै एक दूसरे के होठो से प्यार से चूसे और चूमे जा रहे थे। 

अब मम्मी और मै भूल चुके थे की हम दोनों माँ बेटे है और चुदाई हमारा रिश्ता नहीं है। मम्मी मेरे लंड को हिलाये जा रही थी और मै मम्मी के चुचे दबाये जा रहा था और अब मम्मी ने अपने कपडे खोलने शुरू कर दिए। 

मौसी की हवस करि शांत और मौसी की चुत से निकाल दिआ पानी

मम्मी की चुत मारी जोर जोर से और मम्मी को दिआ चरमसुख 

मै मम्मी से पुरे बदन को चूमने लगा जिससे वह बहुत कामुक हो गयी और मेरी पीठ खरोचने लगी। मम्मी अब पूरी तरह से नंगी हो गयी थी और उनका सुनहरा बदन मेरे सामने था। मेने मम्मी के बूब्स की निप्पल बारी बारी से चूसते हुए उन्हें और मजे देने की सोची और उनकी चुचिओ को चूसने लगा। 

मम्मी पूरी तरह से सब भूल चुकी थी और हवस से पागल हो गयी थी। अब मम्मी उठी और मुझे बिस्तर पर लिटा दिआ और मेरा पजामा निचे कर दिआ। मम्मी से मेरा लंड अपने मुह्ह में लेते हुए अब चुसाई करनी चालू करि जिससे मै भी अलग एहसास में खो गया। 

मम्मी मेरे लंड को जोर जोर से चूसे जा रही थी जिससे वह बहुत सख्त हो गया था। अब मम्मी ने मेरे लंड को खड़ा लिआ और उसे अपनी चूत में लेकर उसपर बैठ गयी। मम्मी ऊपर निचे होकर मेरे लंड को अपनी चुत में लेने लगी और मुझसे चुदने लगी। 

कुछ 20 मिनट की चुदाई के बाद मम्मी थक गयी थी पर उन्हें चुदाई में बहुत मजा आ रहा था। अब मेने मम्मी को अपने निचे कर दिआ और उनकी चुत में वापस से अपना लंड घुसा डाला। 

मम्मी की चुत में मेने अपना लंड इस बार अंदर तक पंहुचा दिआ और जोर जोर से मम्मी की चुदाई करने लगा। मम्मी का बदन मेरे धक्को से हिल रहा था और मम्मी आहे भर्ती हुई आह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कर रही थी। 

चुदाई अछि होने से मम्मी को बहुत मजा आ रहा था और मम्मी बेटा और तेज और तेज चिल्लाते हुए मेरा हौसला बढ़ा रही थी। मम्मी की चुत भी मेरे लंड को प्यार से लिए जा रही थी जिससे मम्मी अपनी उंगलिओ से रगड़ भी रही थी। 

अब मम्मी चरमसुख का मजा ले रही थी और मेरे चुदाई के धक्को से जोर जोर से अपनी चुत को मसल रही थी। अब मम्मी की चुत से सफ़ेद पानी आने लगा और मम्मी का चेहरा भी लाल होने लगा। मम्मी ने अपनी चुत तेज तेज मसलनि शुरू कर दी और मेने भी चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी। 

मम्मी की चुत  से अचानक पानी की धार निकलने लगी और मम्मी करहाना शुरू हो गयी। मेरे 5 धक्को के बाद मम्मी का बदन ढीला हो गया और मम्मी को चरमसुख मिल गया था जिससे मम्मी बहुत ही ज्यादा खुश थी। 

Leave a Comment