मम्मी को दिआ चरमसुख का आनंद | मदर्स डे का तोहफा 

मदर्स डे आने ही वाला था और आप सभी तो जानते ही होंगे की इस दिन सभी होनी मम्मी को खुश करने की पूरी कोशिश करते है। तो बस मेने भी ऐसा ही कुछ करना चाहा पर बात कही और ही पहुंच गयी। 

मई का महीना चल रहा था और आज से बस 2 दिन बाद ही मदर्स डे आने वाला था। मै अपने घर का एकलौता लड़का था इसलिए मुझे मम्मी के लिए कुछ न कुछ तो करना ही था। मै काफी दिनों से इस बारे में सोच रहा था की इस बार मम्मी को क्या गिफ्ट दिआ जाये। 

काफी दिन तक मुझे कुछ भी समझ नहीं आया इसलिए मेने यह बात मम्मी से ही पूछना ठीक समझा की उन्हें मुझसे क्या चाहिए। आज मदर्स डे था और सुबह उठते ही मेने अपनी मम्मी को मदर्स डे की बधाई दी और वह यह सुनकर काफी खुश भी हुई। 

मै आपको बता दू की मेरे पापा ज्यादातर दुबई में ही रहते है इसलिए मै भी मम्मी के साथ उनके कमरे में सोता हु। पापा के दूर रहने से मै और मम्मी एक दूसरे से अपनी सभी बाते भी शेयर करते थे। सुबह नाश्ते के बाद मेने मम्मी से पूछा की उन्हें मुझसे क्या गिफ्ट चाहिए। 

मम्मी ने मुझे देखते हुए एक मुस्कान दी और मुझे कहा की गिफ्ट देने की मुझे कोई भी जरूरत नहीं है। मेने फिर भी उनसे जबरदस्ती पूछा और काफी देर तक एक ही बात कहता रहा। अब मम्मी ने बहुत देर बाद परेशान होक मुझसे कहा की उनके लिए मै बस आइसक्रीम ले आऊ। 

मुझे पता था यह बात भी मम्मी ने ऊपरी मन से कही थी पर मै फिर भी शाम होते ही मम्मी के लिए आइसक्रीम ले आया। हम दोनों के आइसक्रीम खायी और सोने के लिए अपना अपना बिस्तर लगा लिआ। मेने फिर से मम्मी से पूछा की आज का दिन अभी भी बाकि है और वह मुझसे कुछ भी मांग सकती है। 

कुछ देर तक मम्मी ने कुछ भी नहीं कहा और बाद में मुझसे कहा की आज की रात मै उनके पास आकर ही सो जाऊ। मै भी बिना कुछ सोचे सीधा मम्मी के पास चला गया और उन्हें गले लगाकर सोने लगा। कुछ देर बाद मम्मी ने टीवी बंद कर दी और सोने लगी। 

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मम्मी ने मांग लिआ अपना मदर्स डे का तोहफा 

रात में मेरी नींद हमेशा ही पानी पिने की लिए खुलती थी और उस रात भी ऐसा ही हुआ। पर जैसे ही मेरी आंख खुली मेने अपन लंड खड़ा पाया। पर मम्मी अब मुझपर अपने हाथ रखे हुए सोई हुई थी और मैने उन्हें उठाना सही नहीं समझा। 

मुझे खुद पर शर्म भी आ रहे थी की मै अपनी मम्मी के साथ होने के बाद भी हवस से भर गया था। पर अचानक मेने एक हाथ अपने पजामे पर महसूस किआ और मै एकदम से मम्मी से दूर हो गया। मेने मम्मी की तरफ देखा तो मम्मी अपने सारे कपडे उतार चुकी थी। 

यह देख मै एकदम चुका हुआ था और मेने मम्मी से कहा की यह सब वो क्यों कर रही है। मम्मी ने मुझसे कहा की बस आज की रात की ही बात है और उन्हें मुझसे तोहफे में मेरा जिस्म चाहिए। मेने मम्मी को साफ़ मन कर दिआ। 

पर मम्मी ने मुझसे कहा की मैने उन्हें अभी तक मदर्स डे का तोहफा भी नहीं दिआ है इसलिए यह उनका हक़ है। मुझे बहुत अजीब सा लग रहा था पर मै अब फास चूका था और उस समय मेरे दिमाग पर शायद हवस भी भरी हो गयी थी। 

अब मै मम्मी की इस बात पर राजी जो गया और मम्मी ने मुझे छोटा लाल बल्ब जलने के लिए बोल दिआ। मम्मी उस समय भी बस अपनी ब्रा और पैंटी में ही मेरे साथ सो रही थी और उन्होंने अब वो भी अपने जिस्म से अलग कर फेक दी। 

लाल रौशनी में मम्मी बहुत ही मादक दिख रही थी और उनके दोनों बूब्स वह बारी बारी खुद ही दबा रही थी। अब मम्मी ने मुझे बिस्तर पर आने को कहा और मुझसे भी अपने सरे कपडे उतारने को बोला। मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था पर मम्मी ने खुद अपने हाथो से मेरे सरे कपडे उतार मुझे नंगा कर दिआ। 

मेरा लंड उस समय खड़ा हो रखा था और अब मम्मी ने मुझसे उनके बूब्स दबाने को कहा। मै अपने एक हाथ से मम्मी के दोनों बूब्स बरी बरी दबा रहा था और मम्मी ने अब मेरा लंड पकड़ते हुए उसे हिलना शुरू कर दिआ।

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मम्मी मेरा लंड जोर जोर से हिलाये जा रही थी जिससे मेरा पूरा जिस्म गरम हो गया था। अब मम्मी ने मेरा मुह्ह ऊपर किआ और मुझे किस करना शुरू कर दिआ। मम्मी ने अपने होठ पूरी तरह से भिगाये हुए थे और वह मेरे होठो को बुरी तरह से चूसे जा रही थी। 

अब मै  भी यह बात भूल गया की वह मेरी मम्मी है और मेरी हवस ने मुझ पर काबू कर लिआ। मै भी मम्मी के होठो को जोर जोर से चूसे जा रहा था और उनके बूब्स के निप्पलों को बारी बारी अपने होठो से चूस रहा था। 

मम्मी भी मेरा लंड लगातार हिलाये जा रही थी और अब मम्मी ने आप एक हाथ अपनी चूत पर फिराना शुरू कर दिआ। मैने इतने में मम्मी का हाथ हटाया और अपनी एक उंगली उनकी चूत ने घुसके चूत को रगड़ने लगा। 

अब मम्मी पूरी तरह हवस से भर गयी थी और मम्मी अब मेरे ऊपर आ गयी। मम्मी ने मेरा लंड अपनी चूत पर सेट किआ और मेरा लंड पूरा अपनी चूत में लेकर उसपर बैठ गयी। मम्मी अब आगे पीछे होते हुए मेरे लंड पर चढ़कर चुदने लगी। 

मम्मी ने मुझे बताया की उनको चुदाई के लिए पापा को कई बार बुलाना पड़ता है जिसे वह बहुत अकेला महसूस करती थी। पर आज का यह गिफी उन्हें बहुत खुश कर रहा है। मै भी मम्मी की चूत में अपनी लंड पूरी तरह घुसाए जा रहा था और मम्मी को खुश करने में लगा था। 

मम्मी आह्ह्ह्हह्ह ाओह्ह्ह्हह्हह करे जा रही थी और उनकी आहे पूरे कमरे में भर गयी थी। मैने अब मम्मी को अपने लंड से उतारा और उनकी टांगे खोलकर उन्हें बिस्तर पर लिटा दिआ। 

मैने वापस से अपना लंड उनकी चूत की फांको में फिराया और वह गप से मम्मी की चूत में समां गया। मैने मम्मी की चुदाई पूरी तेजी से करना शुरू कर दी।मम्मी भी अपनी चूत एक हाथ से मसले जा रही थी और मै अपने लंड से उनकी चुदाई की गेहराइओ में जाये जा रहा था। 

मेरी रफ्तार बढ़ती जा रही थी और मम्मी भी अब चरमसुख के पास पहुंच चुकी थी। मम्मी आंखे बंद करती हुई मेरे लंड से चुदाई का मजा ले रही थी और वह कभी अपने बूब्स तो कभी अपनी चूत की खाल को मसले जा रही थी। 

मम्मी की लगातार चुदाई करने के बाद अचानक मुझे महसूस होने लगा की मेर लंड अब झड़ने ही वाला है। मेने झटके से अपना लंड मम्मी की चूत से निकाला और जमीन की तरफ उसका मुह्ह कर दिआ। 

पर मेरा लंड अभी झडा नहीं था और मम्मी ने मेरा लोडा पकड़कर अपने मुह्ह में लेकर चूसना शुरू कर दिआ। मम्मी बुरी तरह तेज तेज मेरा लंड चूसे जा रही थी और मेरा लंड भी लाल हो गया था। तभी अचानक मेरे लंड से तेज वीर्य की धार सीधा मम्मी के मुह्ह में बह गयी और मम्मी मुझसे खुश हो गयी। 

उस रात मेने और मम्मी ने 3 बार चुदाई का खेल खेला और मम्मी इस मदर्स डे के गिफ्ट से मुझसे बहुत ज्यादा खुश थी। अगले एक महीने मै मम्मी के साथ में ही सोया और मम्मी को कई बार चरमसुख का मजा दिआ। 

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