बाजार में मिली भाभी को घर पे रगड़ा – 1 

एक बार मैं बाजार में गया हुआ था कि एक भाभी पर मेरी नजर जाकर रुक गई। उसके 34 के चूचे और 30 की कमर और 34 की गांड गजब का फिगर बना रही थी। उसने पीले रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो उसकी गांड की शेप को और ज्यादा उभरी हुई दिखा रही थी। 

चलते हुए भाभी की गांड ऐसे हिलती थी जैसे दो बड़े तरबूज एक दूसरे से टकराकर डोल रहे हों। उसकी मस्त मोटी रसीली गांड देखकर मेरा लंड तो उसकी चुदाई के लिए मचल उठा। भाभी एक दुकान में घुसी तो मैं भी उसके पीछे घुस गया। बर्तनों की दुकान थी। 

वो कुछ सामान देखने लगी तो मैं भी उसके आसपास मंडराने लगा। मैं बहाने से भाभी की गांड पर लंड लगाने की कोशिश कर रहा था जो मेरी पैंट में तना हुआ था। एक दो बार मैं लंड लगाने में कामयाब भी हो गया। 

उसको पता चल गया कि मैं उसकी चूत के चक्कर में घूम रहा हूं। फिर वो उस दुकान से निकल गई और मैं भी भाभी के पीछे पीछे निकल गया। वो अगली दुकान में जा घुसी। उस दुकान में ज्यादा भीड़ थी। 

मैं भी भाभी के पीछे पीछे चल रहा था। अब मेरी हिम्मत बढ़ चुकी थी क्योंकि वो एक दो बार मेरे लंड की तरफ देख चुकी थी और मुझसे नजरें भी मिला चुकी थी। मैंने फिर से भाभी की गांड पर लंड लगाया और अबकी बार उसने मौका देखकर मेरा लंड पैंट के ऊपर से ही अपने हाथ में पकड़ लिया। 

उसने लंड को दबाकर छोड़ दिया। मैं जान गया कि भाभी की चूत भी चुदाई के लिए तड़प रही है। फिर वो जब निकलने लगी तो मेरी ओर घूमते ही मैंने उसके चूचे दबा दिए। उसने कुछ नहीं कहा और चुपचाप वहां से निकल गई। 

मोह्हले की चुड़क्कड़ भाभी का प्यार

भाभी के घर में घुस के चुत मसल दी

अब मेरे लिए भी लाइन क्लियर थी। मैं भाभी के पीछे पीछे हो लिया। वो आगे आगे चलती रही और मैं पीछे पीछे चलता रहा। फिर वो एक गली में जाकर जल्दी से एक घर में घुस गई और दरवाजा बंद कर लिया। 

अब मैं सोच में पड़ गया कि क्या करूं? मुझे डर भी लग रहा था और लंड भी खड़ा हुआ था। मेरा बदन पूरा पसीने से भीग गया था। फिर मैंने घबराते हुए दरवाजे की बेल बजाई। भाभी ने गेट खोला तो मैंने कहा- भाभी, बहुत प्यास लगी है मुझे, एक गिलास पानी मिल सकता है क्या? 

पानी लेने के लिए वो पीछे मुड़ी तो मैं भी उसके पीछे घुस गया और उसको पकड़ कर पीछे से उसकी चूचियों को दबाने लगा। वो जल्दी से दरवाजे की ओर लपकी और उसको अंदर से बंद कर दिया।

फिर मुझे और ज्यादा सेक्स चढ़ गया और मैं उसकी चूचियों को दोनों हाथों में भरकर जोर जोर से दबाने लगा। वो एकदम से जोर जोर से सांसें लेने लगी और उसका बदन कांपने लगा। 

इतने में मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया। वो पहले तो हटने का नाटक करती रही लेकिन दो मिनट के बाद मेरे होंठों को पूरा साथ देते हुए चूसने लगी। मेरे हाथ नीचे की ओर बढ़ने लगे। 

मैंने उसकी साड़ी को नीचे से उठा दिया और उसकी पैंटी में हाथ देकर उसकी चूत को मसलने लगा। भाभी की चूत पर मुझे बाल महसूस हो रहे थे जिनमें गीलापन आ गया था। मैंने उसके होंठों को चूसते हुए उसकी चूत में उंगली करना शुरू कर दिया। 

घुमा कर चुदाई से भर दी भाभी की चुत 

मुझसे रुका नहीं जा रहा था, जल्दी से मैं उसके घुटनों में बैठ गया और साड़ी के अंदर मुंह देकर उसकी पैंटी नीचे खींच दी। मैंने उसकी जांघें चौड़ी करवा दीं और उसकी गीली चूत को चूमना और चूसना शुरू कर दिया। 

वो सी … सी … करने लगी और मेरे सिर को हटाने की कोशिश करने लगी। मगर मैं उसकी चूत को खाने में लगा रहा। कभी मैं उसमें उंगली से चोदने लगता तो कभी जीभ देकर कुरेदने लगता। 

इतने में ही उसकी जांघें बुरी तरह से कांपने लगीं। मैं तेजी से उसकी चूत में जीभ को चला रहा था। उसने मेरे सिर को चूत में दबाना शुरू कर दिया। मुझे लगा कि यही मौका है भाभी की चूत में लंड देने का! मैं जल्दी से उठा और पैंट की चेन खोलकर लंड बाहर निकाल लिया। 

मैंने उसकी साड़ी को गांड तक ऊपर उठा दिया और दूसरे हाथ से लंड को पकड़ कर उसकी चूत पर सेट कर दिया। फिर एक जोर के धक्के के साथ मैंने भाभी की चूत में लंड को अंदर घुसा दिया और उसको चोदने लगा। 

दो-तीन मिनट तक उसकी चूत में धक्के मारने के बाद मैंने लंड को बाहर निकाल दिया। अगर मैं और ज्यादा चोदता तो मेरा वीर्य बहुत जल्दी झड़ जाता इसलिए मैं पूरा मजा लेना चाहता था। 

लंड निकाल कर मैंने भाभी को दूसरी तरफ घुमा दिया और उसके चूतड़ों में लंड को लगा दिया। हल्के हल्के धक्के देते हुए मैंने उसके कान में कहा- नाम तो बता दो भाभी अपना! वो बोली- पारुल … मैं- आह्ह … पारुल … क्या मस्त गांड है तुम्हारी … इतनी मोटी और रसीली गांड को तो हर कोई चोदने के लिए तड़प जाए। 

फिर मैंने उसको घुमाकर एकदम से बांहों में भर लिया और उसके होंठों को चूसने लगा। कभी मैं उसके गालों को चूम रहा था और कभी उसकी गर्दन को चूम रहा था। उसने अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया और ब्लाउज खोलकर एक तरफ कर दिया। उसकी मोटी मोटी और गोरी चूचियों को पाकर मैं तो जैसे धन्य हो गया।

बाजार में मिली भाभी को घर पे रगड़ा – 2 

Leave a Comment