मौसी ने माँगा मेरा साथ एक रात के लिए – 1

मौसी की शादी को अभी ज्यादा दिन भी नहीं हुए थे और मौसा से उनकी अभी से लड़ाई भी होने लग गयी थी। अब कुछ दिन बाअद मौसी का फोन मम्मी के पास आया जिसमे मौसी मम्मी से कह रही थी की वह कुछ दिन के लिए हमारे घर पर आ रही है। 

अब मेरी मम्मी ने एक अच्छी बेहेन होने के नाते मौसी से कहा की वह आराम से हमारे घर पर जब तक चाहे रह सकती है। मौसी भी अब कुछ ही दिन बाद अपना कुछ सामान लेके आ गयी। 

हमारे घर में 3 कमरे थे जिनमे से मै बिच वाले में सोया करता था और तीसरे वाला कमरा मेहमानो के लिए बनाया गया था जहा एक बिस्तर और टीवी रखा हुआ था। अब मौसी भी अपना सामान लेके तीसरे कमरे में चली गयी और अपना बैग खोल कर कपडे निकालने लगी। 

मम्मी ने उन्हें कहा की वह थक गयी होगी इसलिए नाहा कर अपने कपडे ही बदल ले। मौसी कुछ ही देर में जल्दी से नाहा कर आ गयी और मौसी ने अब मम्मी की एक मैक्सी को पेहेन लिआ। 

अब मौसी मम्मी के साथ कहना बनवाने में मदद करने लगी और मै अंदर बैठा टीवी देख रहा था। अब रात का खाना खाने के बाद हम सभी ने कुछ 10 बजे तक  टीवी देखा और अब हम सभी के सोने का समय हो गया था। 

 मै अब अपने कम्मरे में चला गया और मौसी भी अपने कमरे में जाके सोने लगी। अभी कुछ रात के 12 बजे होंगे की मेरे दरवाजे पर दस्तक हुई और मै अचानक ही डर गया की इतनी रात को मेरे कमरे में कोण आ रहा है। 

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मौसी आयी मेरे कमरे में 

अब मेने जैसे ही अपना गेट खोला मेने देखा की मौसी बाहर कड़ी रो रही है और मेने अब उन्हें अपने कमरे में लाते हुए चुप होने के लिए कहा। मेने मौसी से पूछा की वह अब रो क्यों रही है और मौसी ने मुझे बताया की अभी मौसा से फोन पर उनकी फिर से लड़ाई हुई है। 

अब मेने मौसी को कुछ बाते बोलते हुए चुप कराया और कहा की बीवी और पति में तो ऐसी लड़ाई होना आम बात ही है। अब मौसी ने मुझे कहा की यह कोई छोटी लड़ाई नहीं है और उन्हें अगर मौसा का सच पहले पता होता तो वह उनसे कभी शादी नहीं करती। 

अब मुझे लगा की कही मौसा का किसी और से तो  कोई चक्कर नहीं है ना ? मौसी ने मुझे मना किआ और मेने अब मौसी से कहा की फिर ऐसी कोनसी बात है जो उन्हें इतना रुला रही यही। 

अब मौसी से मुझे कहा की मै अभी छोटा हु इसलिए इन बातो को समझ नहीं पायूँगा। पर मेने का हाथ पकड़ते हुए कहा की मै अब ब्बड़ा हो गया हु और मै सभी रिश्तो को अच्छे से समझ भी सकता हु। 

मौसी ने मुझे अब कहा की जब भी मौसा उन्हें प्यार करते है उनका दिल छू नहीं पाते है। मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और मेने मौसी से कहा की मुझे वह सही से समझाये।

कुछ देर ऐसे होने के बाद अब मौसी गुस्से में आ गयी थी और उन्होंने मुझे कहा की बात ऐसी है की मौसा का औजार उनके लिए बहुत ही ज्यादा छोटा है जो उन्हें खुश नहीं कर पाता है। 

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मौसी ने मांगी मुझसे एक रात

मै थोड़ा चौक गया था और अब मौसी ने मुझे कहा की क्या मै अब समझ गया हु वह उदास क्यों है और क्या मै उनके लिए कुछ कर सकता हु ? मेने मौसी से कहा की मुझे नहीं पता मै उनकी कैसे मदद करू पर मै उनकी मदद करना चाहता हु। 

अब मेने जैसे ही यह बात कही मौसी ने मुझे कहा की अगर ऐसा है तो मै उन्हें एक रात दे दू जिससे वह अपने आप को खुश कर ले। मै अब सोच में पड़ गया और मौसी ने मुझे ताना मरते हुए कहा की देखो कहने सब आसान ही होता है। 

मुझे भी अब थोड़ा गुस्सा आ गया था और मेने मौसी से कहा की मै अपनी बात का बहुत ही ज्यादा पक्का हु इसलिए वह जैसा जैसा कहती है मै करने के लिए तैयार हु और वह मुझे बस बता दे की मुझे क्या करना है। 

मौसी अब थोड़ी सी खुश हो चुकी थी और मै बहुत ही अजीब महसूस कर रहा था क्युकी मेने अपनी मौसी के बारे में कभी भी कुछ बुरा नहीं सोचा था। अब मौसी ने मुझे कहा मुझे बस अपना जिस्म उन्हें आज रात के लिए देना है और पूरा समय चुप रहना है। 

मेने मौसी की बात के लिए अब हां भर दी और अब मै मौसी के कहने पर अपने ही बिस्तर पर आराम से लेट गया और मौसी ने अब अंदर से धीरे से दरवाजा बंद कर लिआ। 

आगे पढ़िए भाग 2 में। …. 

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