मौसी की गांड उठा उठा कर मारी – 1

मेरी मौसी की उम्र 25 साल हो गयी थी और वह मेरी मम्मी से काफी छोटी थी। मौसी को देख ोी भी उनकी सह उम्र नहीं बता सकता था इसलिए मौसी की शादी की भी किसी को कोई जल्दी नहीं थी। 

मौसी  दिखने में भी बहुत माल थी जीने देख मेरा लंड को खुद ही खड़ा हो जाया करता था और मौसी को सलामी देने लगता था। मौसी भी कई बार मेरे लंड को देख लेती थी पर कुछ भी नहीं बोलती थी। 

सर्दिओ का मौसम चल रहा था और सभी की त्वचा रूखी सी हो गयी थी। यह सर्दिओ की एक आम बात होती है जब सभी की त्वचा सूखने लगती है। हम सभी लोग छत पर बदन पर तेल लगा रहे थे और नानी भी वही मम्मी के साथ थी। 

निचे मौसी अकेली थी इसलिए नानी ने  मुझे कहा की मै थोड़ा सा तेल मौसी को  भी दे आयु जिसे वह अपने शरीर पर लगा ले। जैसे ही में निचे गया मौसी रजाई में पड़ी हुई थी और मौसी के बूब्स रजाई से बाहर थे। 

मौसी को देख मेरा  लंड एकदम खड़ा हो गया और इस बार मौसी ने मेरे लंड को भी देख लिआ। मौसी  थोड़ा सा हसी और मेने अब तेल मौसी की तरफ करा और कहा की यह उन्हें अपने शरीर पर लगाना है। 

मौसी हसी और मुझे कहा की वह अभी गरम है और रजाई में है इसलिए वह तेल नहीं लगाना चाहती है। मेने मौसी से  नानी ने करने को कहा  ठंडी में उन्हें कोई नुक्सान ना हो। 

मौसी ने अब मुझे कहा की अगर ऐसी बात है तो मै खुद ही उन्हें तेल लगा दू जिससे वह ठंडी से बची रहे। मेने भी इस काम के लिए हां भर दी और अब मौसी ने अपने शरीर से रजाई हटा ली। 

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तेल लगाकर मौसी के बूब्स को दबाया 

अब मेने थोड़ा सा तेल अपने हाथ में लिआ और हाथो को मौसी के बदन पर रखा जिससे मौसी थोड़ी सी काँप गयी और मेने अब अच्छे से उनके शरीर को रगड़ना शुरू किआ। 

मौसी अच्छे से मजे लेते हुए मुझसे तेल लगवा रही थी और अब कुछ देर बाद मौसी ने मुझे कहा की में उनके पेट पर भी तेल लगा दू। मेने हां किआ और मौसी ने अपना टॉप थोड़ा सा ऊपर कर लिआ। 

मौसी के पेट पर मेने अब अपने  हाथो से अच्छे से तेल मसल दिआ जिससे वह थोड़ी सी गरम हो गयी। अब मौसी ने मुझे कहा की  मै थोड़ा सा तेल पेट के ऊपर भी लगायु और मसल दू। 

मेने अब  अपना हाथ थोड़ा सा ऊपर किआ और मौसी के बूब्स पर  मेरी उंगलिआ लगने लगी। मौसी ने मुझे अब थोड़ा सा और ऊपर हाथ करने के लिए कहा जिससे उनके बूब्स मेरे हाथो के बहुत ही ज्यादा करीब आ गए। 

मौसी के बूब्स पर मेरे हाथ पूरी तरह से छू रहे थे जिससे मौसी अब धीरे धीरे गरम होने लग गयी थी। मौसी का बदन तपने लगा था और मौसी की धड़कन भी अब तेज चलने लगी थी। 

मौसी अब गहरी सासे लेने लगी थी और अब मेने अपना हाथ थोड़ा सा और ऊपर कर लिआ जिससे मौसी के बूब्स पर अब मेरा हाथ सही से आ गया। मौसी ने भी मुझे कुछ नहीं कहा और वह आराम से लेटी रही। 

मौसी के  बूब्स की निप्पल एकदम कड़ी हो गयी थी जो मेरे हाथो पर लग रही थी और अब मेने थोड़ा सा तेल और अपने हाथो में ले लिआ और वापस से मौसी के बूब्स पर अपने हाथ चलाने लगा। 

अब मौसी के बूब्स में अच्छे से अपने दोनों हाथो से दबाने लगा और मौसी भी लम्बी लम्बी साँसे लेती हुई हवस से भारती जा रही थी। मौसी को भी अपने चुचो को दबवाने में  बहुत मजा आ रहा था। 

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मौसी की चुत पे भी लगाया तेल और करि चुत की मसाज

अब मौसी ने मुझे कहा की ऊपर तेल अछे से लग चूका है इसलिए मै थोड़ा सा तेल उनके पेरो की तरफ भी लगा दू। इसका मतलब मै समझ चूका समझ चूका था और मेने अब मौसी के पेट पर से हाथ फेरते हुए उनकी चुत की तरफ हाथ किये। 

मौसी की पेट पर अब मेने अपने हाथ गहरे चलाने शुरू किये और कुछ ही देर बाद मौसी की चुत पर अपने हाथ में डालता चला गया। मौसी की चुत पर थोड़े से बात थे पर मेने अब मौसी की चुत पर भी थोड़ा सा तेल लगा दिआ। 

अपनी उंगलिओ से मौसी की चुत को मेने थोड़ा सा मसल दिआ जिससे मौसी और भी कामुक हो गयी। मौसी की चुत की फांको में मेने अपनी उंगली भी सरका दी जिसे उनकी चुत का दाना मै अच्छे से रगड़ स्कू। 

अबतक मौसी हवस से पागल हो गयी थी और अपने ही चुचो से खेलने लगी थी। मेने अब मौसी की चुत में अपनी एक उंगली डाल दी और मौसी की चुत चुदाई उंगली से करना शुरू हो गया। 

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