मौसी की हवस करि शांत और मौसी की चुत से निकाल दिआ पानी

हर साल हम लोग परिवार के साथ नानी के घर जाया करते थे पर इस बार कुछ उल्टा ही हो गया। मौसी इस साल हमारे घर पर पहले ही आ गयी जिससे वह दिल्ली भी घूम सके। मौसी दिखने में बहुत सुन्दर और सेक्सी थी जिसपर को भी फ़िदा हो जाए। 

मौसी से मेरी काफी अछि बनती थी और हम दोनों बहुत मजाक भी किआ करते थे। मौसी मुझसे उम्र में 5 साल बड़ी थी पर वह दिखने में किसी लड़की जैसी ही दिखती थी। मौसी हमेशा जींस में ही रहती थी जिससे उनकी गांड उठी हुई रहती थी। 

मौसी की गांड को देख मै कई बार अपना लंड भी हिला चूका था पर अब मेरा मन मौसी की चुदाई करने का था। पर वह मेरी मौसी थी जिससे चुदाई के बारे में पूछने से मुझे बहुत डर लगता था। 

एक दिन की बात है मै बाथरूम में नाहा रहा था और गर्मिओ की वजह से एकदम नंगा होकर शावर ले रहा था। तभी मौसी ने पर्दा हटा दिआ और मुझेनंगा देख हसने लग गयी। मेने एकदम से अपना लंड छुपाया और वापस से पर्दा लगा लिआ। 

मौसी काफी देर तक वही हस्ती रही और मेरे बाद नहाने चली गयी। दिन का समय था पापा ऑफिस गए थे और मम्मी निचे घर का काम कर रही थी। अब दुपहर हो गयी और मम्मी टीवी देखते हुए ही सोने लग गयी। 

अब मौसी ऊपर मेरे कमरे में आयी और मुझसे बाते करने लगी। मौसी ने हस्ते हुए कहा की मेरा खीरा तो मेरी उम्र के हिसाब से बहुत ही ज्यादा बड़ा है। मै मौसी का मतलब समझ गया जिससे मुझे शर्म आ गयी। 

बुआ की चूत की कर दी मालिश और बुआ हो गयी लंड की प्यासी 

मौसी और मै बातो से हो गए गरम

अब मौसी ने मुझसे कहा की क्या मेने कभी अपने खीरे का इस्तेमाल किआ है या यह ऐसे ही बेकार हो रहा है। मेने मौसी से मन करते हुए अपनी गर्दन हिल्ला दी। मौसी ने मुझे कहा की मै बहुत मतलबी हु जो अपना खीरा किसी को नहीं देता। 

मौसी का ध्यान मेरे लंड पर ही था और मौसी ने अपने पास बुलाते हुए कहा की आज वह मेरे खीरे का इस्तेमाल खुद करेंगी। इतने में मौसी ने मेरा लंड अपने हाथ में भर लिआ और मौसी मेरे लंड  को सहलाने लग गयी। 

मौसी मेरे लंड से खेले जा रही थी और मौसी ने अब मेरा लंड मेरे पजामे से बाहर निकाल लिआ और हिलाने लगी। मौसी ने मेरी तरह ऊपर देखा और हस्ते हुए लंड को मुह्ह में ले लिआ। मौसी जोर जोर से मरेर लंड की चुसाई करने लगी जिससे वह और भी बड़ा हो गया। 

मेरा विशाल लंड देख मौसी बहुत खुश दिख रही थी और अब मौसी ने अपने कपडे निकाल मेरे होठो को चूमना शुरू कर दिआ। कुछ देर बाद हम दोनों पुरे नंगे हो चुके थे और मौसी और मै एक दूसरे के शरीर को चूमे जा रहे थे। 

मौसी के चुचो को बारी बारी से चूसते हुए मै उनके बूब्स की निप्पल को और भी ज्यादा खड़ा कर रहा था। मौसी भी अब हवस से भर चुकी थी और मौसी की चूत में भी शायद अब आग लग रखी थी। 

मौसी की चूत सहलाते हुए मेने मौसी को और भी कामुक कर दिआ और अब उनकी चूत के मुह्ह पर अपना लंड रख दिआ। मौसी की चूत में एक ही धक्के से मेरा लंड पूरा अंदर घुस गया जिसके बाद मेने मौसी की तेजी से चुदाई शुरू कर दी।

आंटी को था चुदाई का शोक जो पूरा करने में बीत गयी जवानी

मौसी की चूत से निकल गया पानी और मौसी जो गयी शांत

मौसी अपनी चुत को मसलते हुए आहे भर रही थी और मै भी मौसी की चुत बहुत तेजी से मार रहा था। मौसी की चुत में अब ख्जलि तेज होती जा रही थी जिसकी वजह से मौसी अपनी चूत हाथ से रगड़ रही थी। 

मौसी की आहे तेज होती जा रही थी और मौसी बिस्तर पर नंगी पड़ी हुई आआअह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह नई आवाजे निकाल रही थी। मौसी को अपनी चुदाई का पूरा मजा मिल रहा था जिससे मौसी भी बस चुदाई चरमसुख ले रही थी। 

अब मौसी की चीखे तेज होती चली गयी और मै भी अपना लंड मौसी की चुत में जोर जोर  से अंदर बाहर कर रहा था। अचानक मौसी का बदन ऐठने लग गया और मौसी तेज तेज सांसे लेने लगी। 

अब मौसी की चुत से सफ़ेद पानी निकलना शुरू हो गया था और मौसी की चुत ने एक ही झटके से सारा पानी मेरे लंड पर ही निकाल दिआ।

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