मौसी का कमर दर्द और मेरा कमाल | Part – 1

आप सभी ने पहले ही शीर्षक पढ़ लिआ होगा की यह कहानी मेरी मौसी की है जिनका नाम रंजना था। रंजना मौसी हमारी बिच वाली मौसी थी जो मेरी मम्मी से छोटी और छोटी मौसी से बड़ी थी। रंजना मौसी पढ़ाई के साथ जॉब भी किआ करती थी और घर संभालने में मामा की मदद भी किआ करती थी।

 रंजना मौसी दिखने में बहुत ही खूबसूरत और अछि थी जिससे मेरा दिल उनपर कई बार फ़िदा भी हो गया था। पर मेरी मौसी होने के कारण मै उनसे कुछ केह भी नहीं सकता था। दिन पे दिन मौसी की जवानी बढ़ती जा रही थी जिससे उनके बूब्स और भी मोठे और रसीले दिखने लगे थे। जब भी मै नानी के घर जाया करता था मौसी की चुदाई के बारे में ही सोचता रहता था। 

रंजना मौसी कपड़ो के नाम पर बाद जींस फ्राक और टॉप ही पहना करती थी जिससे वह और भी सेक्सी दिखती थी। अब मम्मी कुछ दिन बाद नानी के घर कुछ दिनों के लिए जाने वाली थी। मैने भी मम्मी के साथ चलने का प्लान बना लिआ कुछ दिन बाद हम नानी के घर क लिए रवाना हो गए। 

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मौसी की जवानी और मेरी तेल मालिश 

नानी के घर पहुंचने के बाद वहा सब बहुत ही खुश थे, नानी ने मेरा माथा भी पुचकारा और मुझे आशीर्वाद देते हुए अंदर बुलाया। अंदर जाते ही मौसी ने मुझे गले से लगा लिआ और अपनी ख़ुशी जाहिर करने लगी। मौसी के बूब्स मेरे मुह्ह में धस गया थे जिससे मुझे भी एक अछा एहसास हो रहा था। 

उसी दिन शाम को नानी की थोड़ी तबियत खराब हो गयी जिससे सभी  चिंता में पड़े हुए थे। नानी के पैर बहुत दुःख रहे थे जिन्हे मेने उनके पास बैठते हुए दबाना शुरू कर दिआ। सभी लोग मेरी इस बात से बहुत खुश थे और मुझे शब्बासी भी दे रहे थे। और कुछ 15 मिनट तक पैर दबाने के बाद नानी ने मुझे रोकते हुए कहा की अब उनके पैरो में दर्द नहीं है। 

उसी दिन से मेरे हाथो की मालिश के चर्चे पूरे घर में फेल गए और। अब मम्मी भी मुझसे कभी कभी अपने पैर दबवाने लगी और किसी  तरह ही मेने उनकी सभी बाते मानी। ऐसे ही 2 दिन बिना पते चले गए बीत गए और मौसी की चुदाई के सपने बस सपने ही रह गए। 

तीसरा दिन आया और इस दिन एक अजीब सी बात हुई। नानी की तबियत थोड़ी ज्यादा खराब हो गयी और सभी लोग उनको लेके हॉस्पिटल चले गए। छोटी मौसी सुबह ही कॉलेज के लिए रवाना हो गयी थी जिसके बाद पूरे घर में बस मै और रंजना मौसी रह गए थे। 

मौसी मुझसे बाते करने लगी और बहुत ही चिंता में नानी का ख्याल करने लगी। उनका मूड ठीक करने के लिए मैने उन्हें कहा की नानी वापस आते ही मै उनके पैरो की मालिश दुबारा कर दूंगा जिससे वह पूरी तरह ठीक हो जाएगी। यह सुनने के बाद मौसी ने मुझसे कहा की उनकी कमर आजकल बहुत दर्द कर रही है तो क्या में उनकी भी कमर दबा सकता हु क्या। 

यह मेरी लिए एक खुल्ला मौका था जिसे मेने जल्दी से पकड़ा और मौसी को कमर ऊपर करके लेटने को कह दिआ। मैने पहले हाथ में थोड़ा बॉडी लोशन ले लिआ जिससे मैने मौसी की कमर पर लगते हुए मालिश करना शुरू कर दिआ। मौसी की कमर बहुत ही पतली थी जिसपे मै अपने हाथ ऊपर से लेके निचे तक फिरा रहा था। 

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मौसी के कमर की मालिश 

मौसी को भी शायद इससे बहुत आराम मिलने लगा था अब मैने अपने पूरे हाथ मौसी की कमर पर घुमाने शुरू कर दिए और मौसी की कमर दबाने लगा। मौसी की ब्रा तक पहुंचते ही मै अपने हाथ वापस ले लेता और मौसी की निचे की कमर की मालिश करने लगता। ऐसा कई बार करने के बाद मैने मौसी से कहा की क्या वह पूरी कमर की मालिश करवाना चाहती है। मौसी ने हां बोलते हुए थोड़ी सी ख़ुशी जताई। 

अब मैने मौसी को उनकी ब्रा निकालने के कहा, जिसपे मौसी ने थोड़ा विचार करने के बाद अपनी ब्रा के हुक खोल दिए। अब मौसी की पीठ मेरे सामने पूरी नंगी हो रखी थी। मौसी के मोठे बूब्स उनकी दोनों तरफ से थोड़े थोड़े बहार आ रहे थे जिनपे मालिश करते हुए मै अपने हाथ भी लगाना शुरू कर चूका था। 

मौसी को भी अपनी मालिश कराने में मजा आ रहा था और 20 मिनट की मसाज के बाद मौसी ने मुझे रोक दिआ और कहा की अब उनकी छाती ऐसे लेटे लेटे बहुत दर्द होने लगी है और वह कुछ देर आराम करना चाहती है। मैने मस्ती करते हुए मौसी  अगर वह चाहे तो मै उनकी सामने भी मसाज कर सकता हु।

मौसी ने भी पता नहीं कैसे मालिश के लिए हां भर दी और ऊपर मुह्ह करके मेरे सामने लेट गयी। मौसी के बूब्स बहुत ही बड़े बड़े और रसीले से देख रहे थे जिन्हे देख मेरा लंड एकदम खड़ा होने लगा था। मौसी ने भी यह सब शायद देख लिआ था और वह मुझे देखकर थोड़ा थोड़ा मुस्कुरा भी रही थी।

अब मेने वापस अपने हाथ में थोड़ा सा बॉडी लोशन लिआ और मौसी को उनका टॉप ऊपर करने के लिए कह दिआ। मौसी ने दोनों हाथो से अपना टॉप ऊपर किआ और अब उनके बड़े बॉब्स और मेरे हाथो के बिच में उनकी ब्रा था। जिसे मेने यह बोलते हुए खुलवा लिआ की ब्रा की वजह से मालिश अछि तरह नहीं हो पायेगी। 

मौसी का कमर दर्द और मेरा कमाल | Part – 2

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