मौसी की लड़की को पटाकर कुतिया बनाके चोदा

मेरा नाम मोहन है और मेरे नाम की तरह सभी लड़किआ मुझ पर मोहित हो जाती है। यह कहानी मेरे कॉलेज के दिनों की है जब में हॉस्टल में रहता था। मेरा घर पर  आना जाना बहुत कम था जिसकी वजह से आधे से ज्यादा रिश्तेदार मुझे जानते तक नहीं थे। 

मेरे सभी जानने वाले मुझे बहुत ही प्यार करा करते थे। खासकर लड़कीआ , में बचपन से ही दिखने मै अच्छा था जिसकी  मुझ पर लड़किआ जान छिड़कती थी। यह बात गर्मिओ की है, हमारे घर पर मेरे मम्मी पापा की शादी की 25 वि शादी की सालगिरा का महोत्सव था। मुझे हस्टल में फ़ोन करके घर पर बुला लिआ गया। जैसे ही मै घर पंहुचा हमारा पूरा घर मेहमानो से भरा हुआ था। हर तरफ लोग रात की तैयारी कर रहे थे। मेने अपना बेग सोफे पर रखा और मम्मी से मिलने चला गया। 

मम्मी से मिलने के बाद जैसे ही मै अपना बेग लेने वापस आया तो मेरा बेग वह से गायब हो चूका था। मैने आस पास खड़े सभी लोगो से पूछा तभी एक बचे ने मुझे बताया की मेरा बेग एक लड़की अपने साथ ले गयी थी जिसकी तरफ उसने इशारा भी किआ। मै गुस्से में उस लड़की के पास पंहुचा और अपने बेग के बारे में पूछा। जैसे ही वो लड़की मुड़ी मैने देखा की वह मेरी बड़ी मौसी की लड़की पूनम थी जो की अब बड़ी हो चुकी थी। 

वह मुहे देखकर बहुत खुश हुई और मुझे बताया की उसने मेरा बेग अंदर वाले  कमरे में रख दिआ है। पूनम देखने में अब पहले जैसी नहीं लग रही थी।  उसके लहंगे में से उसका पतला पेट बहुत ही सुन्दर दिख रहा था।  पूनम के बूब्स भी उभरे हुए और गोल थे जो की उसके लहंगे में चार चाँद लगा रहे थे। 

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पूनम को फसाया अपने प्यार के जाल में 

अब मै पुनम के बारे में ही पूरा दिन सोचता रह गया।  मम्मी पापा का फंक्शन पुरा हो चूका था और सभी मेहमान घर के लिए निकलने को अपना अपना सामान बाँध रहे थे। मैने अब अपनी मौसी को ढूँढना शुरू कर दिआ। मौसी को ढूंढने के बाद मेने मौसी से नमस्ते करि और उनका आदर भी किआ। अंदर से पूनम शॉर्ट्स पहनती हुई बाहर की ओर आयी।  पूनम की जाँघे मोटी और बहुत ही ज्यादा गोरी थी जिनको देख मेरे लंड में भी पानी आ रहा था। 

अब मैने मौसी को कुछ दिन और रुकने के लिए कहना शुरु कर दिआ। मौसी मेरी बात मजाक में ले रही थी और थोड़ी जिद्द करने के बाद मौसी ने मुझसे कहा की वह पूनम को यही छोड़ जाएँगी अगर मै ऐसा चाहु तो। मैने कुछ देर सोचने का कटक करने के बाद मौसी को हामी भर दी। 

अब पूनम एक हफ्ते के लिए मेरे ही घर पर रहने वाली थी। पूनम भी इस चीज से शायद खुश थी क्युकी इस वजह से उसे कॉलेज भी नहीं जाना पड़ रहा था। अब धीरे धीरे 2 दिन बीते और मेरी और पूनम की बाते बढ़ने लगी। 

पूनम ने मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा। मैने इस बार में उसे की कोई भी जवाब नहीं दिआ और वह समझ गयी थी मेरा अभी ब्रेकअप हुआ है। अब मै और पूनम खुल कर बाते करने लगे थे। एक दिन पुनम ने फिर से वही शॉर्ट्स पहने थे जिसको देखते हुए मेने उसकी तारीफ करि और नीलम की जांघो पर एक हाथ फेर दिआ। 

नीलम ने मुझे इस बात पर कुछ भी नहीं बोला। अब मेरी हिम्मत बढ़ चुकी थी और अब मै कभी पूनम को गले लगता या पीछे से दबोच लेता था। मै और पूनम किसी कपल के तरह साथ में रह रहे थे। अब एक बार की बात है जब मेने पूनम को पीछे से अपनी बाहो में में भर लिआ। मेरे बहो में आते ही पूनम ने अपना मुह्ह घुमा लिए। हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और पूनम के बूब्स भी मेरी छाती पर चिपके हुए थे। 

अब पूनम ने मेरे होठो पर अपने होठ मिला दिए और हमारे गीले होठ एक दूसरे से मिलाकर चूसने लगी। मेने भी अपना हाथ पूनम के सर के पीछे रखा और उसके होठो का थूक चाटते हुए किस करने लगा। पूनम मुझे किस करे ही जा रही थी और रुकने का नाम नहीं ले रही थी। मैने पूनम को रोकते हुए उसे एक कमरे में चलने के लिए कहा और उसे तीसरी मंजिल पर ले गया जहा हम बहुत कम जाया करते थे। 

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शुरू हुआ हवस का खेल और पूनम हुई हवस में पागल 

अब कमरे में जाते ही मै पूरा खुल गया और पूनम को गले पर किस करने लगा। पूनम हवस में आ चुकी थी और मुझे प्यार से चूमे जा रही थी। अब पूनम की टीशर्ट में हाथ डालते हुए मेने पूनम का एक बूब्स हाथ में ले लिए और दबाना शुरू कर दिआ। पूनम को बहुत ही मजा आ रहा था और वह मेरी जीभ से होठ तक चूसे जा रही थी। 

पूनम के बूब्स के निप्पल बहुत ही टाइट हो गए थे जीने मेने अपनी उंगलिओ से रगड़ना शुरू कर दिआ। पूनम वासना से तड़पने लगी और अब उसने मेरे पजामे के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ लिआ।  पूनम की टीशर्ट ऊपर करते हुए मेने पूनम को ऊपर से नंगा कर दिआ और उसके बूब्स को दोनों हाथो से दबाने लगा। पूनम बिस्तर पर लेट चुकी थी और मै उसके ऊपर लेटते हुए बूब्स को चूसने लगा। पूनम मेरे सर को सेहला रही थी और अपने बूब्स को दबाते हुए मुझसे चुसवा रही थी। 

अब मेने पूनम को चुम्बन करते हुए पेट पर से उसकी नाभि को चूसने लगा। पूनम अह्ह्ह करते हुए मेरी हरकतों का आनंद ले रही थी। अब मेने पूनम की जींस का बटन खोला और उसको उतार फेका। पुनम की चूत पूरी तरह से पानी से भीगी हुई थी और उसकी लाल रंग की पैंटी पूरी तरह भीगी हुई थी। मैने अपने दोनों हाथो से पूनम की गांड उठाते हुए पूनम की पैंटी भी उतार दी। 

पूनम की चूत पूरी तरह चिकनी थी , उसपर एक भी बाल नहीं था और उसकी चूत के पानी से पूरी चूत रसभरी हो रखी थी। मैने अपनी जीभ को अब पूनम की चूत पर लगाया और चूत को चाटना चालू कर दिआ। पूनम की चूत नमकीन पानी से भरी हुई रही जिसे मै अपने होठो से चूसे जा रहा था। पूनम पूरी तरह पागल हो गयी थी और अपनी चूत अपने हाथो से रगड़ने लगी थी। 

अब मै भी अपनी पेंट और शर्ट उतार कर पूर्ण नंगा हो गया। मेरा लम्बा लंड देखकर पूनम दंग रह गयी थी और पूनम ने मेरा लंड अपने हाथो में ले लिआ। मेरा लंड चूसते हुए पूनम बड़ी बड़ी आहे भर रही थी और मेरा लंड किसी भुकी रंडी की तरह चूसे जा रही थी। 

अपना मोटा लंड पुनम की चूत में घुसाके पूनम को किआ पागल 

अब मेरा लंड भी पूरी तरह खड़ा हो चूका था, और मेने अपना लंड हाथ में लेते हुए पूनम की चूत की फैंको के बीच में फेरना शुरू कर दिआ। अब जोर लगते हुए मैने अपने लंड का सुपाड़ा पूनम की चूत में डाल दिआ। पूनम मेरा लंड लेने के लिए तड़प रही थी और अब मैने एक जोर के धक्के से अपना लंड पूनम की चूत में घुसना शुरू कर दिआ। पूनम मेरा मोटा लंड अपनी चूत में लेकर तड़पने लगी थी और दर्द से करहा रही थी। 

थोड़ा रुकते हुए मेने अपने धक्के धीरे किये और पूनम के शांत होने के बाद उसकी चूत चोदना शुरू कर दी। पूनम भी अब मेरे लंड के मजे ले रही थी और अपनी चुदाई करवाते हुए आअह्ह्ह्ह आह्हः कर रही थी। पूनम अपनी चूत हिलाते हुए मुझसे चुद रही थी और हम दोनों की वासना में खोये हुए चुदाई का मजा ले रहे थे और मै अब पूनम की चूत मारते हुए बहुत तक गया था।  

अब मैने पूनम को कुतिया बनने  के लिए बोल दिआ। पूनम भी हवस में खोयी हुई थी और अपनी गांड उठते हुए वह भी कुतिया के पोज में आ गयी। पूनम की चूत में मैने अपना लंड पीछे से पेलते हुए चुदाई चालू कर दी। उसकी चूत से सफ़ेद पानी निकलने लगा था जिससे मेरा लंड सन भी रहा था। पूनम आँखे बंद करते हुए मुझसे चुदाई के मजे लिए जा रहे थी और मै भी उसकी गांड पर अपना लंड पटके जा रहा था।

अब चुदाई करते हुए हमें 15 मिनट हो चुके थे और मेरे लंड भी तनाव लेने लगा था। मैने अपना लोडा जल्दी से पूनम की चूत  से निकलते हुए उसके मुह्ह में दे दिआ जिसे पूनम ने जोरो से चूसना शुरू कर दिआ। मेरा लंड वह जोर जोर से अपने होठो से सोखे जा रही थी और एकदम से मेरा सारा वीर्य मैने उसके मुह्ह में फेक दिआ। पूनम ने भी बिना हिचकिचाए सारा वीर्य पी लिए और मुस्काती हुई बिस्तर पर लेट गयी। 

हम दोनों ने कपडे पहने और एक दूसरे को थोड़ी देर और चूमने के बाद निचे चले गए और बाते करने लगे। यह चुदाई मुझे हमेशा याद रहेगी और इस चुदाई के बाद पूनम ने मुझे कई बार अपने घर बुलाकर भी अपनी चूत मरवाई जो आप दूसरी कहानी में पढ़ सकते है। 

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