मौसी की चुदाई का मजा मिला ठंडी की रात में

मेरी मौसी की उम्र ज्यादा नहीं थी और न ही उनकी अभी शादी हुई थी। मौसी दिखने में बहुत ही ज्यादा सेक्सी और सुन्दर भी थी और उन्हें देख कर कोई भी नहीं बोल सकता था की वह अभी 28 साल की है। 

मौसी को देख मेरे अंदर ठरक आ जाती तह जिसकी वजह से मुझे कई बार अपने लंड को रगड़ना भी पड़ता था। वही दूसरी तरफ मेरी मौसी मुझसे बहुत प्यार से बात भी करती थी जो मुझे बहुत अच्छा लगता था। 

अंदर ही अंदर मेरे अंदर मौसी की चुदाई करने की चाहत थी जिसकी वजह से मै मौसी से कई बार उलटी बाते भी कर देता था की जैसे वह आज बहुत ही जवान और सुन्दर दिख रही है और इससे कई बार मौसी मेरी बातो का बुरा भी मान जाती थी। 

आज मौसी बाकि दिन से बहुत ही ज्यादा सेक्सी दिख रही थी और मौसी को देख मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था और मुझे बस यही मन कर रहा था की मै जाके मौसी की मोटी गांड को पकड़ कर दबा दू। 

जैसे तैसे मेने खुद को अब रोक रखा था और मौसी को यह पता लग गया था की मेरी नजरे मौसी की गांड के ऊपर ही है। आज वैसे भी मौसी ने पजामा पहना हुआ था और मौसी की गांड की लकीर भी उसमे से साफ़ साफ़ दिख रही थी। 

मौसी की नजर अब मेरे ऊपर ही थी और मेने मौसी को देखना अब थोड़ा कम कर दिआ। मौसी ने अब अपने पजामे को थोड़ा सा और ऊपर कर लिआ जिससे मौसी की चुत से उनका पजामा पूरी तरह से चिपक गया। 

अब मुझसे मौसी की गांड के साथ उनकी चुत की लकीर भी दिख रही थी जिससे मेरे लंड में तनाव आना शुरू हो गया था और यह शायद मौसी ने देख भी लिआ था। 

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मौसी ने बुलाया मुझे अकेले में 

अब मौसी ने मुझे अपने पास  बुलाया और मेने अपने लंड को कोने में करते हुए खुद को मौसी के सामने पेश किआ। मौसी ने अब मुझे कहा की मै उन्हें इतनी देर से ऐसे क्यों देख रहा हु। 

मेने अब मौसी से कहा की वह आज बाकि दिनों से बहुत ज्यादा सुन्दर दिख रही थी और मेने मौसी से कहा की मुझे कभी कभी मन करता है की मै उनसे आज ही शादी कर लू। 

अब मौसी हसने लगी और मुझसे कहने लगी की मै अभी छोटा हु और उनसे शादी नहीं कर सकता हु। पर मेने मौसी से कहा की मुझे वह बहुत ज्यादा पसंद है और मौसी यह सुन कर थोड़ी देर के अब चुप हो गयी। 

मौसी ने अब मुझे कहा की थोड़ी देर के लिए मै उनके साथ वह चालू। मौसी ने अपनी उंगली से एक कोने में इशारा किआ और हम दोनों वह चले गए। मेने अपना लंड अभी भी थामा हुआ था और मौसी को यह पता भी था। 

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मौसी की चुदाई करि खड़े हुए। 

अब वह पहुंच कर मौसी ने मुझे कहा की मै अपना हाथ जेब से बाहर निकलू और मै चुपचाप बही खड़ा रहा। अब मौसी के दुबारा कहने पर मेने  अपनी जेब से हाथ बाहर निकाल लिआ। 

अब मेरा खड़ा हुआ लंड पजामे में साफ दिख रहा था और मौसी मेरे लंड को देख कर हसने लग गयी। मौसी को देख कर मुझे थोड़ा थोड़ा डर भी लग रहा था। अब मौसी ने कहा की मेरे पास आओ। 

मौसी ने मेरी कोलर को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और मेरे लंड को पजामे के ऊपर से ही पकड़ा और हिलाने लग गयी। मुझे बहुत मजा आने लगा और मौसी अब मुझे देख कर मुस्काने लगी। 

 मेरे लंड को सहलाते हुए मौसी ने अब  मेरे  होठो से अपने होठो को मिलाया और चुम्बन करना शुरू कर दिआ। मै भी खड़ा हुआ मौसी को चूमे जा रहा था और मौसी निचे मेरे लंड को सहलाते हुए पूरी तरह से खड़ा कर चुकी थी। 

अब मेने भी अपना हाथ मौसी के पजामे पर रखा और उनकी चुत को सहलाने लगा।   मौसी भी अब काफी कामुक हो गयी थी और मेने काफी देर मौसी की चुत को मसला। 

अब मौसी ने चारो तरफ देखा और अगले ही पल मेरे लंड को बाहर निकाल लिआ और उसे देख कर ख़ुशी के मारे चौक गयी। मौसी से अब रुका नहीं गया और मौसी ने अपना पजामा निचे कर लिआ और मेरे लंड को चुत के छेद पर लगाकर झुक गई। 

मौसी ने अब मुझे कहा की मै धक्के मारु। मेने अब खड़े खड़े ही मौसी की चुत में  अपना लंड अंदर बाहर करना चालू कर दिए और मौसी की  आहो को साथ मै उनकी चुदाई करता जा रहा था। 

यह कड़ी चुदाई  काफी देर चली और अब मेरे लंड से पानी  निकलने  लगा था और मेने अपना लंड झट से चुत से बाहर निकाल लिआ और मौसी ने भी अपना पजामा ऊपर कर लिआ। 

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