भाभी और मॉल के अंदर मजा – 2

जैसे ही मैं वहां से निकलने को हुआ, तो भाभी जी ने मुझे पीछे से रोका और कहा- आप अपना नंबर तो दे दो। मुझे याद था कि उन्होंने नंबर न लिया है न दिया है। मैं तो बस देखना चाहता था कि ये मुझे कितना लाइक करती हैं। 

फिर हम दोनों ने नंबर एक्सचेंज किए और मैं वहां से निकल गया। इसके बाद फोन पर हमारी ढेर सारी बातें होने लगीं। व्हाट्सएप पर भी चैट होने लगी और कॉलिंग पर भी। कभी कभी मैं उनसे डबल मीनिंग बातें भी कर लेता था जिसका उन्होंने कभी बुरा नहीं माना। 

भाभी को जब भी मुझसे कोई काम होता था तो वो मुझे फोन कर देती थीं और मैं उनके घर जाकर उनके वो सारे काम कर दिया करता था। कभी कभार तो मैंने अपने बहुत से जरूरी काम छोड़कर उनके काम किए थे क्योंकि मुझे उन्हें जमकर चोदना जो था। 

हमारे बीच करीब 15-20 दिन तक बातें हुईं। ये समय हमारे बीच एक दूसरे को समझने में निकल गया। फिर आखिरकार वो दिन आ ही गया, जिस दिन का मुझे इंतज़ार था। करीब बीस दिन बाद साक्षी भाभी के पति को एक महीने के लिए शहर से बाहर जाना पड़ा। 

इसी समय का तो मैं काफी समय से इंतजार कर रहा था। मैं भाभी को पटाने के चक्कर में कभी उन्हें मूवी दिखाने तो कभी शॉपिंग कराने ले जाता था और वो मुझे कभी भी मना नहीं करती थीं। 

भाभी की हवस भुजाइ और दिआ भाभी को चरमसुख

कपल बनके देखि मूवी और उठाया फायदा 

ऐसे ही एक बार हम दोनों मूवी देखने गए थे तो मैंने कपल वाली टिकट्स ली थी, वो भी कॉर्नर वाली। हम दोनों हॉल में आ गए और मूवी देखने लगे। भाभी ने उस समय शिफोन की साड़ी पहन रखी थी जिसमें वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थीं। 

मैंने फिल्म देखते हुए भाभी का हाथ पकड़ लिया। भाभी ने मेरी तरफ देखा और स्माइल पास कर दी। मैंने सोचा भाभी ने कोई विरोध नहीं किया तो क्यों न अब आगे बढ़ा जाए। तब मैंने भाभी की जांघों पर हाथ फेरने शुरू कर दिए, तो भाभी मुझे गर्म होती नजर आईं। 

चूंकि हमारी सीट कॉर्नर की थी और हॉल में अंधेरा था। वहां सब मूवी देखने और आपस में ही बिजी थे, तो मैंने मौका देखते हुए भाभी के होंठों पर होंठ रख दिए और उन्हें किस करने लगा। 

पहले भाभी ने नानुकुर की, फिर भाभी भी बहुत समय से चुदी नहीं थीं, तो उन्होंने जल्दी ही हारकर मेरा साथ देना शुरू कर दिया। मैंने 20 मिनट तक भाभी के होंठों को चूसा और सारा रस निचोड़ लिया। 

फिर भाभी मेरे लंड पर हाथ फेरने लगीं और कहने लगीं- अपने इसके भी तो दर्शन कराओ। मैंने अपनी पैंट की जिप खोलकर लंड भाभी के हाथ में दे दिया। पहले वो उसे सहलाती रहीं, फिर नीचे झुककर लंड चूसने लगीं। 

मुझे भी जोश चढ़ने लगा और मैं भी भाभी के मम्मों को मसलने लगा साथ ही उनकी चूत पर हाथ फेर रहा था। भाभी बहुत ज्यादा गर्म हो गईं और उन्होंने धीरे से मेरे कान में कहा- अब बर्दाश्त नहीं होता। मेरे अन्दर लंड डाल दो। 

मैंने भाभी की साड़ी और पेटीकोट में हाथ डालकर उनकी पैंटी नीचे कर दी। उनकी साड़ी पेटीकोट को ऊपर करके अपने लंड को उनकी चूत में टिका दिया। मैं उनके होंठों को किस करता रहा ताकि जब मैं झटका मारूं, तो ये चिल्लाए नहीं। 

आंटी को दिआ लॉलीपॉप और आंटी ने करवाए मजे

मूवी देखते हुए ही करि भाभी की चुत चुदाई

भाभी के अनुसार वो बहुत समय बाद चुद रही थीं, तो उनको दर्द होना लाजिमी था। मैंने अपने होंठों से उनके होंठ दबा लिए और एक जोरदार धक्का मारा। मेरा आधे से ज्यादा लंड उनकी चूत में दाखिल हो गया। वो कसमसा उठीं … मगर मैंने उनके होंठ दबाए हुए थे, तो उनकी आवाज नहीं निकल सकी। 

तब भी उन्होंने दर्द के मारे मेरे होंठ ऐसे भींच लिए, जैसे मैंने उनकी चुत में कोई लोहा घुसेड़ दिया हो। भाभी की चूत में भारी दर्द हो रहा था। फिर मैंने दूसरा धक्का मारा तो लंड उनकी बच्चेदानी से जा टकराया और वो सीत्कार करने लगीं। 

मैं फिर थोड़ी देर शांत हो गया। उसके बाद मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा और भाभी चुदाई का मजा लेने लगीं। करीब 15 मिनट बाद मैं डिस्चार्ज होने वाला था तो मैंने भाभी की चुदाई तेज कर दी। इतनी देर में भाभी एक बार झड़ चुकी थीं। 

मैंने उनसे पूछा- रस कहां निकालूं? उन्होंने कहा- अन्दर ही झड़ जाओ। मैं 4-5 धक्कों के बाद उनकी चूत में ही झड़ गया। हम दोनों शांत हो गए और अलग हो गए। मूवी खत्म होने में भी 15 मिनट ही रह गए थे। 

फिर हमने अपने कपड़े ठीक किए और बची हुई मूवी को बीच में छोड़कर ही वहां से बाहर आ गए। मैं उनको उनके घर छोड़ आया क्योंकि मुझे मेरे ऑफिस से बॉस का फोन आया था। 

उन्होंने मुझे अर्जेंट बुलाया था तो मैं भाभी को छोड़कर अपने ऑफिस चला गया। भाभी को हॉल में चुदने में मजा तो बहुत आया था लेकिन उनको अभी भी चुदने की बहुत खुजली थी। उनका पति उन्हें अच्छे से चोदता नहीं था … और वो मुझे रोक रही थीं। 

दूसरे दिन उन्होंने रात को करीब 9 बजे मुझे अपने घर बुलाया। मुझे लगा कि कुछ काम होगा क्योंकि उस समय उनका पति बाहर गया हुआ था। जब मैं उनके घर पहुंचा तो मैं भाभी को देख कर हतप्रभ रह गया। भाभी चुदाई का पूरा मूड बनाए हुई थीं।

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