बेहेन के गीले बदन को दबोचा और मारी चूत दबादब 

बारिश का मौसम चल रहा था और हमेशा की तरह मौसम खराब ही था। यु तो परिवार में हम 4 लोग ही थे पर पापा ज्यादातर दूसरे शहर में ही रहा करते थे। हमारी मम्मी भी सिलाई सिखने के लिए घर से दूर आती और जाती थी। 

 मै और मेरी बेहेन ही ज्यादातर घर को संभाला करते थे और काम करते थे। मेरी बेहेन मुझसे एक साल ही छोटी थी पर वह बहुत ही ज्यादा बातूनी और नटखट भी थी। मै और मेरी बेहेन घर पर बहुत मजे करते थे। उसके और मेरे दोस्तों का घर पर आना जाना भी रोज का ही था। 

अब बारिश का मौसम चल रहा था और मेरी बेहेन को बारिश में नहाने का बहुत ज्यादा शोक था। जब भी बारिश आती वह नहाने के लिए छत पर चढ़ जाया करती थी। मुझे अपनी बेहेन से बहुत प्यार भी था और हम दोनों अच्छे से रहते भी थे। 

एक दिन बहुत तेज बारिश हो रही थी और मेरी बेहेन हमेशा की तरह छत पर चढ़कर बारिश का मजा लेने लगी। कुछ देर बाद मेरी बेहेन ने मुझे आवाज लगायी और ऊपर बुलाया। मै बारिश से बचता हुआ एक कोने में चला गया और उससे मुझे बुलाने का कारण पूछा। 

मेरी बेहेन ने मुझे भी बारिश में नहाने के लिए कहा और खुद बारिश के मजे लेने लग गयी। मै उसे काफी देर तक वागी खड़ा देखता रहा और भीगने के लिए मना करता रहा। कुछ देर बाद बेहेन ने मेरे पास आते हुए मुझे भी बारिश में खींच लिआ और भीगा दिए। 

अब मै भी पूरा भीग चूका था इसलिए मेने भी बारिश में नहाते हुए मजे लेने शुरू कर दिए। हम दोनों मस्ती करे हुए भीगे जा रहे थे की तभी मेने देखा की मेरी बेहेन की सफ़ेद रंग की टीशर्ट में से उसके बूब्स के काले उभरे हुए निप्पल साफ़ दिख रहे थे।

मेने कुछ देर तक उसे नजरअंदाज करता रहा पर कुछ देर बाद मेरी हवस मुझ पर हावी हो गयी और मै अपनी बेहेन के करीब जाने लगा। नहाते हुए में उसके बूब्स पर कभी कभी अपने हाथ भी फेरने लग गया और मेरी बेहेन को भी यह शायद समझ आ गया था। 

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भाई बेहेन दोनों हो गए एक साथ नंगे और शुरू हुआ कामवासना का खेल

अब नहाते हुए हमें बहुत देर हो गयी थी और मेने अपनी बेहेन से कहा की अब मै कपडे बदलने निचे जा रहा हु। मै ऊपर से निचे तक पूरा भीगा हुआ था और सरे घर में पानी ना हो इसलिए मेने अपने कपडे कमरे के बाहर ही उतारने शुरू कर दिए। 

तभी मेरी बेहेन एकदम से निचे आ गयी और मेने अभी अपने कपडे उतारने शुरू ही किये थे। मेरी बेहेन भी मेरी पीछे आकर कड़ी हो गयी ठंडी से कापने लगी। मेने उसे जल्दी से कपडे बदलने को कहा। मेरी बेहेन ने मुझसे पूछा की मै अपन कपडे वही क्यों उतार रहा हु। 

मेने उसे बताया की सारा घर गिला न हो जाये इसलिए मै यही अपने कपडे छोड़ रहा हु। ऐसा सुनते हु मेरी बेहेन के कहा की ठीक है मै भी फिर यही कपडे निकाल देती हु और अंदर ही कपडे पेहेन लुंगी। 

मेरी बेहेन के शायद टीशर्ट के अंदर कुछ नहीं पहना था इसलिए उसने सबसे पहले अपनी सलवार खोलते हुए उसे निचे गिरा दिआ। मेरी बेहेन की नंगी टांगे देख मेरा लंड एकदम खड़ा सा हो गया और में भी अभी सिर्फ अपने कच्छे में ही था। 

मेरी बेहेन ने मेरा लंड देख लिआ और हसने लग गयी। मेरी बेहेन ने मुझसे कहा की हम दोनों को एक दूसरे से शर्म नहीं आनी चाहिए क्युकी हम दोनों शुरू से ही साथ में बड़े हुए है और नहाये भी साथ में ही क्युकी मम्मी हम दोनों को साथ में ही नहलाती थी। 

मेरी बेहेन ने अब अपनी टीशर्ट भी उतार दी और मेरे सामने ही नंगी हो गयी। मेरी बेहेन के बूब्स एकदम गोल और उभरे हुए थे जिनपर काले रंग के निप्पल खड़े दिख रहे थे।  मेरी बेहेन ने अब अपनी पैंटी भी वही उतर दी और मुझे भी कपडे उतारने के लिए कह दिआ। 

मेने भी झट से से सारे अपने कपडे उतार दिए और अंदर कमरे में चले गए। मेरी बेहेन ठंडी से काँप रही थी और हम दोनों अभी भी नंगे ही थे और मुझसे अब रहा नहीं गया और मेने अपने बेहेन को पीछे से बाहो में भर लिआ। और मेरा खड़ा लंड उसकी गांड में धसने लग गया। 

मेरी बेहेन को मेरे जिस्म की गर्मी  से शायद मजा आ रहा था और मेरा लंड भी उसकी गांड में अंदर घस रहा था। मेने पीछे से अपनी बेहेन के दोनों बोस को हाथो में भर लिआ और चुचिओ को मसलने लगा। 

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मेरी बेहेन भी अब गरम हो गयी थी और पीछे से मेरे लंड और जिस्म का मजा ले रही थी। मेने अपनी बेहेन का मुह्ह घुमाया और उसने मुझे कासकर अपनी बहो में भर लिआ और शर्म से मुह्ह मेरे सीने पर छुपा लिआ। 

अब मेने अपनी बेहेन का मुह्ह उठाया और प्यार से उसके होठो को चूसने लगा। कुछ देर बाद वह भी मेरे होठो का मजा लेने लगी और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लग गए। मेरा लंड उसकी चूत पर रगड़ खा रहा था और वह और भी गरम हो रही थी। 

अब मेने अपनी बेहेन को बिस्तर पर लिटाया और उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिआ। मेरी बेहेन पूरी कामुक हो गयी और मेने बालो में हाथ फेरने लग गयी। मेने भी धीरे धीरे अपने होठो उसके जिस्म से लेकर उसकी चूत तक ले गया। 

मेरी बेहेन की अभी तक किसी ने चुदाई नहीं की थी इसलिए उसकी सील भी नहीं टूटी थी। बेहेन की चूत से थोड़ा थोड़ा पानी आ रहा था। अपनी बेहेन की चूत पर मेने अब अपने होठो से चुसाई चालू कर दी। 

मेरी बेहेन की यह पहली चटाई थी इसलिए वह एकदम पागल हो गयी और आहे भरने लगी। अब मेने जिस्म को ऊपर होते हुए अपने होठो से बेहेन को पुरे बदन को चूमा और लंड को चूत के छेद पर रख दिआ। 

बेहेन के होठो चूसते हुए मेने अपना लंड उसकी चूत में जोर के धक्के से घुसा दिआ। मेरी बेहेन दर्द से छटपटा गयी और मेने उसे किस करते हुए अपने काबू में कर लिआ। अब धीरे धीरे धक्के देते हुए मेने उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिआ। 

कुछ देर बाद वह भी मेरी चुदाई का मजा लेने लगी और मेने अपना पूरा लंड अपनी छोटी बेहेन की चूत में अंदर बाहर करना शुरू कर दिआ। चुदाई के साथ में उसके निप्पल भी चूस रहा था इसलिए वह जोर जोर से आहे भर रही थी। 

मेरा भी लंड झड़ने ही वाला था इसलिए मेने तेज तेज धक्के अपनी बेहेन की चूत में उतार दिए और मेरी बेहेन वासना से तड़पने लग गयी। मेरी बेहेन जोर जोर से आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करने लगी और मै जोर जोर से उसकी चूत में अपना लंड पूरा डालता चला गया। 

कुछ ही देर बाद मेरे लंड से पानी की पिचकारी निकल गयी जो मेने अपनी बेहेन की चूत  से बहार निकाल दिआ और कुछ देर तक वापस उसे किस करता रहा। उस दिन के बाद मेरी बेहेन ने खुद मेरे लंड का मजा कई बार लिआ और कामवासना को पूरा किआ। 

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