बड़े भाई के लंड से चुदाई चुत – 2 

मुझे थोड़ी सी शर्म आई मगर मैं फिर भी मुस्कुरा दी। भाई की हिम्मत बढ़ गयी … अब भाई ने कहा- सोनिया तेरी इन चुचियों में ऐसा क्या जादू है … कितनी सेक्सी और हॉट हैं … मुझे इनको छूने का मन कर रहा है। 

मैं कुछ ना बोली और आँखें नीचे कर ली। उसके बाद भाई आगे बढ़ा और मेरे कुर्ते के ऊपर से मेरी चूची पर हाथ रख दिया। पहली बार अपने भाई का हाथ अपने चुचियों पर महसूस करके बहुत अच्छा लग रहा था। एक अलग से हलचल हो रही थी, शरीर में एक कम्पन थी। 

ये अहसास बहुत अलग था। उसके बाद भाई ने धीरे धीरे मेरी चूचियां मसलना शुरू किया। धीरे धीरे मेरा जोश भी बढ़ने लगा। अबकी बार भाई ने अपने हाथ मेरे कुरते के अन्दर डाल कर मेरी चूचियां दबाना शुरू कर दिया। 

मैंने अपनी आँखें बंद कर दी। इतने में उस रास्ते दो औरत और एक मर्द गुजरे तो भाई ने झट से अपना हाथ हटा लिया। शायद उन लोगों ने नहीं देखा। उनके जाने के बाद भाई ने दोनों हाथ मेरे गालों पर रख कर मेरे फूल से ओंठ चूसना शुरू किया। 

मेरे गुलाब जैसे ओंठों को भाई ने खूब चूसे। मैंने भी उन्हें किस करना शुरू किया। अब भाई खड़े हुए और मैं वहीं पत्थर पर बैठी रही। भाई ने अपनी जींस की जिप खोली और अपना अपना तनतनाता लंड बाहर निकाला। 

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भाई ने निकाल लिआ अपना बड़ा लंड बहा

ओह माय गॉड … क्या लंड था इतना मोटा और बड़ा तो मेरे बॉयफ्रेंड का भी नहीं था! भाई ने लंड बाहर निकाला, कहा- सोनिया मेरा लंड चूस न! मैंने भी बिना देरी किये भाई का लंड हाथ में लिया और मुंह में डाला पर ओ मुंह में गया ही नहीं। 

फिर मैंने आगे का हिस्सा ही बस मुंह में डालकर उस मस्त लंड को चाटने और चूसने लग गयी। अपने बॉयफ्रेंड का लंड तो मैंने कई बार चूसा था पर आज जो मजा जो आनंद भाई के लंड चूसने में आ रहा है वो कभी नहीं आया। सच में क्या लंड था भाई का। 

मुझे एक ऐसे ही लंड की तो तलाश थी … ऐसा लंड जब मेरी चूत में जाएगा तो मुझे दुनिया का हर आनंद मिल जाएगा। अब तो मैं जल्दी से भाई का लंड अपनी चूत में लेने के लिय मचल रही थी। 

काफी देर तक मैंने भाई का लंड ऐसे ही चूसा। इतने में उस रास्ते से एक अंकल और आंटी गुजरे। मैंने झट से भाई के लंड को अपने मुंह से बाहर निकाला। शायद उन्होंने भी हमें नहीं देखा। 

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रस्ते में ही चूसा अपने भाई का मोटा लंड 

उस रास्ते में हम ये करने को मजबूर थे क्यूंकि कहीं भी कोई रूम नहीं मिला। उन लोगों के जाने के बाद भाई ने कहा- सोनिया ज्यादा समय नहीं … लोग आ जा रहे हैं। बस तू सलवार नीचे कर … मैं तुझसे अब चोदना चाहता हूँ। 

मैंने कहा- भाई ऐसे कैसे? कितने लोग आ जा रहे हैं। दिक्कत हो जाएगी। भाई ने कहा- सच कह कि तू चुदना नहीं चाहती। मैंने कहा- भाई, कौन पागल लड़की होगी जो इतने मस्त लंड से चुदना नहीं चाहेगी? तो भाई ने कहा- चुद ले और टेंशन ना ले। 

कोई आएगा तब की तब देख लेंगे। तो मैंने भाई से कहा- तुम मुझे नंगी करोगे क्या यहाँ बीच रास्ते में? भाई ने कहा- नहीं बस तेरी सलवार थोड़ा नीचे सरकाऊंगा और तेरी कच्छी को एक तरफ करके लंड डालूँगा। फिर मैंने हामी भरी। 

भाई ने मुझे खड़ा किया और पहले तो मुझे सीने से लगाया और कहा- सोनिया, मैं तुझे उसी दिन से चोदने के मूड में हूँ जब मैंने तुझे बाथरूम में नंगी देखा था … तेरे ये हसीन जिस्म देख कर मैं बहक गया। जब तेरा खुद का भाई ही बहक गया था तो सोच बाकियों का क्या हाल होता होगा। 

उसके बाद मैंने भाई को खूब किस किया। फिर भाई ने मेरी सलवार का नाड़ा खोला और घुटनों तक सरका दिया और मेरा कुर्ता ऊपर करके मेरी मासूम ही चूचियां बाहर निकाल दी। 

अब भाई ने कहा- सोनिया, एक टांग नीचे रख और एक टांग पत्थर पर! फिर मैंने ऐसा ही किया। भाई नीचे से आये और मेरी चूत में अपनी जीभ डालकर चाटने लग गये। “उईइ माँ …” मेरे मुंह से यही निकला। क्या आनंद था वो क्या पल था वो … ऐसा पल हर लड़की के जीवन में आये। 

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