मरीज लड़की की चुदाई का मजा – 2

मैंने दवाई लिखकर दे दी। वो बिना कुछ दिखाए चली गई। मैंने सोचा कि चलो कोई बात नहीं, शायद ये मेरे नसीब में नहीं थी। फिर मैं अपने काम में लग गया। ऐसे ही कुछ तीन चार महीने बीत गए। 

मैंने उसको तीन महीने की दवाई दे दी थी। एक दिन वही नर्स फिर से अस्पताल में आई। उसने बताया- सर वो लड़की आपसे मिलने फिर से आई है। मैं उसे भूल चुका था। मैंने पूछा- कौन आई है? उस नर्स ने मुझे याद दिलाया कि मैंने उस लड़की को दवाई दी थी। 

मैंने उस नर्स से पूछा कि क्या हुआ, अब वो ठीक हो गई? नर्स ने कहा- आपकी दवाई से उसकी सब बीमारी ठीक हो गई है लेकिन वो आपसे मिलना चाहती है क्योंकि उसको डर है कि पिछली बार जैसा फिर ना हो जाए। 

मैंने कहा- अब उसको कुछ दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन उसे लगता है तो वो और तीन महीने दवाई चालू रखे क्योंकि उसकी दवाई छह महीने तक लेनी ही पड़ेगी। नर्स ने कहा- आप एक बार देख लीजिए, उसकी मां बहुत पीछे पड़ी है। 

वो मेरे सामने दिखाना नहीं चाहती। मैंने कहा- तुमको पता है कि ऐसी बात से मैं दिक्कत में आ सकता हूं। उस नर्स ने कहा- सर, आप चिंता मत करें, ऐसा कुछ नहीं होगा। मैं उसकी जिम्मेदारी लेती हूँ। मैंने कुछ सोचा कि चलो ठीक है। 

पहाड़ो में चुदाई का मजा – 1

घर पर बुलाया इलाज करने क लिए 

अब वो इतनी जिद पर अड़ी है तो मेरा क्या है। वैसे भी मैं भी भूखा ही था, बहुत दिनों से कोई चूत नहीं मिली थी। उस नर्स से मैंने कहा- अस्पताल के टाइम में तो मैं नहीं देख सकूंगा क्योंकि भीड़ बहुत रहती है। 

उसने कहा- सन्डे को आपकी छुट्टी रहती है, तो वो सन्डे को आ सकती है। मैं बोला- एक दिन तो आराम करने दो। वो बोली- सर, प्लीज कुछ भी करो। मैंने उसको अपने रूम पर भेजने को बोल दिया। क्योंकि आजकल मैं अकेला था और दिन भर कोई नहीं आता था। 

मैंने बोला- उसको समझा कर भेजो क्योंकि चैक करते समय मुझे हाथ लगाना पड़ेगा। नर्स बोली- हां ठीक है सर। मैं- और चैकअप में समय भी लग सकता है। वो नर्स समझ गई और मुस्कुरा कर चली गई। दो दिन निकल गए। 

मैं भी भूल गया कि वो आने वाली है। फिर सन्डे का दिन आया। मैं अपने कमरे में आराम से सो रहा था। सुबह दस बजे मेरे दरवाजे पर किसी ने बेल बजाई तो मैं जाग गया। वैसे तो मैं सोते वक्त खाली हाफ पैंट में सोता था। 

और आपको तो पता ही है कि सुबह सुबह लंड खड़ा रहता है। घंटी बजने पर मैं उठा और दरवाजा खोलने चला गया। मेरे पैंट में लंड फूले होने के कारण तंबू बना हुआ था। रविवार को सुबह सुबह किसी के इस तरह से घंटी बजाने से मुझे बड़ी भुनभुनी आ रही थी। 

बिना मैंने नाखुश होते दरवाजा खोला तो सामने वही लड़की अकेली खड़ी थी। उसे देख कर मेरा गुस्सा काफूर हो गया। मुझे याद आया कि मैंने ही उसको आज आने के लिए बोला था। मैंने उसको देखा तो उसकी नजर मेरे पैंट पर टिकी थी। 

पहाड़ो में चुदाई का मजा – 2

बिना कपड़ो के लेटी थी लड़की 

उसने मुझसे पूछा- क्या मैं अन्दर आ सकती हूं? मैंने उसको अन्दर आने को बोला। वो अन्दर आ गई तो उसने कहा- प्लीज दरवाजा बंद कर दीजिए। मैंने दरवाजा बंद कर दिया और वो सीधे मेरे रूम में आ गई, जहां मैं सो रहा था। 

वो उधर ही जाकर बैठ गई। मैंने कैसे न कैसे करके अपना सामान ठीक किया और अन्दर आ गया। मैंने उससे कहा- तुम थोड़ी देर बैठो, मैं फ्रेश होकर आता हूं। मैं बाथरूम में चला गया और फ्रेश होकर बाहर आ गया। 

अब मैं उसके सामने बैठा और उससे पूछा- हां अब बोलो क्या हुआ? वो बोली कि आपकी दवाई से काफी फर्क पड़ा है। दवाई के बाद अब सब ठीक भी है, लेकिन जो दाग थे कहीं वो फिर से दिखाई न दे जाएं, इसलिए मुझे उनको चैक करवाना था। 

मैंने कहा- ठीक है, देखते हैं। पहले ये बताओ कि अब सब ठीक है या एकाध जगह हैं? वो बोली- मुझे तो समझ नहीं आता है। आप चैक कर लीजिए, आप कैसे चैक करेंगे? मैं बोला- चैक करने के लिए तुम्हें अपने कपड़े तो निकालने ही पड़ेंगे। 

नहीं तो मैं चैक कैसे करूंगा? वो बोली- ठीक है। लेकिन आप बाहर जाओ और जब मैं कपड़े हटा कर अपना शरीर ढक लूंगी, तो आपको बुला लूंगी। मैंने बोला- ठीक है मैं दूसरे कमरे में चला जाता हूं। मैं चला गया। 

पांच मिनट के बाद उसने आवाज देकर मुझे बुलाया। मैं अन्दर गया तो वो मेरा कंबल ओढ़कर बेड पर लेटी थी। मैं अभी घर में पहनने वाले कपड़ों में ही था।

Leave a Comment