भूत की कहानी और चुदाई का मजा साथ में – 1

यह आज से कई साल पहले की बात है जब मेरी नानी हम सभ को भूत की कहाणीआ सुनाया करती थी। वह समय सभी के लिए अनमोल था क्युकी जब नानी हम सभी से बेहद प्यार करती थी। 

पर अब हम कुछ 19-20 साल के हो चुके थे और अपनी अपनी पढाई में लगे हुए थे। पर अभी नानी हम सभी को बहुत ज्यादा प्यार करती थी और हम्मे से किसी एक की शादी भी देखना चाहती थी। 

जब हम छोटे थे नानी मेरे 1 भाई और एक मेहेन के साथ हम सभी को कहानी सुनाया और नानी जहा रहती थी वह पड़ोस में से एक लड़की भी नानी की लाड़ली थी जो कहानी के लिए ही आती थी। 

अब गर्मिओ क छुट्टी पड़ गयी थी और मेरे सभी भाई और बहनो ने यह सोचा की क्यों ना हम सभी लोग नानी से मिलने के लिए जाए और बचपन की तरह ही उनसे आज रात को एक कहानी सुने। 

यह हम सभी को पसंद आया क्युकी अभी हम में से कोई भी अभी पढाई नहीं कर रहा था। अब हम सभी लोग नानी के घर पर पहुंच गए और नानी हमे साथ में देख कर बहुत ही ज्यादा खुश हुई। 

नानी ने हमे खाना खिलाया और अब रात होते ही हमने नानी से कहा की आज हम सभी को बचपन की तरह ही एक कहानी सुन्नी है जो की भूतिया और डरावनी हो। अब नानी ने हमें ऊपर चलने के लिए कहा और हम सब छत पर चल दिए। 

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भूतिया कहानी हुई शुरू 

अब नानी भी कुछ ही देर बाद छत पर आ गयी और हम सभी को एक कहानी सुनाने के लिए एक चटायी बिछा दी। हम सभी उसपर बैठ गए और नानी ने अब कहानी सुनना शुरू की। 

अब जैसे ही नानी ने बोलना शुरू किआ पीछे से किसी ने यह आवाज लगाई की नानी अभी कहानी शुरू मत करना मै भी जल्दी जल्दी आ रही हु। मुझे शुरू में समझ नहीं आया की यह किसकी आवाज है। 

पर अब नानी ने हमे बताया की यह वही लड़की है जो बचपन में उनके साथ खेलती थी और नानी की लाड़ली भी थी। कुछ देर बाद अब वह लड़की भी हमारे साथ आकर बेथ गयी पर अँधेरे की बजह से मुझे अभी भी कुछ साफ़ नहीं दिखाई दे रहा था। 

नानी अब कहानी सुनाते जा रही थी और कहानी धीरे धीरे बहुत ही अच्छी हो चुकी थी। पर अब मेने अचानक महसूस  किआ की मेरे हाथ पर किसी का हाथ रखा हुआ है। 

मुझे शुरू में लगा की यह मेरी बेहेन का ही हाथ है पर धीरे धीरे वह हाथ मेरे हाथ को सेहला रहा था। अब मेने जैसे ही पीछे देखा तो यह हाथ उस लड़की का था और वह  मुस्कुरा रही थी 

उसके हाथ बहुत ही ज्यादा कोमल थे और पूरी कहानी के दौरान उसने मेरा हाथ पकड़ कर रखा हुआ था। अब नानी ने कहानी ख़तम कर दी और खुद निचे चली गयी। 

मेरा भाई भी अब निचे नानी के पीछे चला गया और मेरी बेहेन अपना फोन चलाने में लग गयी। उस लड़की का हाथ अभी भी मेरे हाथ पर था और वह मुझे देखे ही जा रही थी। 

अब मेने अपना हाथ उसके हाथ से अलग किआ और वह मुस्कुराती हुई उठी और मेने देखा की चाँद की रौशनी में वह बहुत ही ज्यादा सुन्दर दिखाई दे रही थी। उसे इस रूप में देख मै मोहित हो गया और मेने उससे बात करने की सोची। 

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मेने अब उसे कहा की वह अभी घर क्यों जा रही है और यह सुनते ही वह मेरे पास वापस से बेथ गयी। मै यह देख वापस से चौक गया की वह मेरी बात इतनी आसानी से मान रही थी। 

अब मेने उससे बहुत ही धीमी आवाज में  कहानी के दौरान उसने मेरा हाथ क्यों पकड़ा हुआ था। वह यह बात सुनते ही शर्माने लगी। मेने उसे कहा की वह मेरी ही उम्र की है इसलिए मुझसे सारी बाते कर सकती है। 

अब उसने मुझे एक नजर देखा और कहा की शायद मुझे याद नहीं है पर बचपन में वह मेरी बहुत ही ख़ास दोस्त थी और तभी से हम दोनों ने शादी करने का वादा भी। 

 मुझे उससे बहुत डर लग रहा था क्युकी वह शुरू में ही शादी की बात करने लगी थी। पर अब मेने मोके का फायदा उठाने की सोची और मेने  हुए कहा की मुझे सब याद आने लगा है। 

वह यह सुनते ही बहुत खुश हो गयी और उसने मुझे अपने गले लगा लिआ। उसके बूब्स मुझे पहले नहीं दिखे थे पर जैसे ही उसने मुझे गले लगाया उसके दोनों बूब्स मेरे जिस्म से चिपक गए। 

भूत की कहानी और चुदाई का मजा साथ में – 2 

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