प्रोजेक्ट के नाम पर चुदाई के लिए मजे – 2

तो जैसा की अपने पढ़ा वह मीनाक्षी नहाने का रही थी और वो बोली- कोई बात नहीं, अगर आपको देरी हो रही हो, तो पहले आप नहा लो। मैंने कहा- आप ही नहा लो मीनाक्षी जी। वो मुस्कराती हुई अन्दर चली गई। 

मैं देखने लगा … पीछे से उसकी गांड बड़ी मस्त दिख रही थी। मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं अपने रूम चला गया। थोड़ी देर बाद मैं नहाने आ गया और तैयार होकर अपने काम के लिए निकल गया। 

अगले दिन मैंने अपना वर्क हॉलिडे रखा था ताकि मुझे थोड़ा आराम मिल सके। उस छुट्टी के दिन मैं आराम से उठा और छत पर धूप सेंकने आ गया। मैंने देखा कि मीनाक्षी भी छत के ऊपर थी। मैंने उसे देख कर बोला- गुड मॉर्निंग मीनाक्षी जी। 

वो बोली- काहे की गुड मॉर्निंग यार … मैं तो बोर हो गई। मुझे तो अपने कॉलेज के दिन याद आ रहे हैं। उधर रोज कॉलेज जाते थे और मस्ती कर लेते थे। अब इधर घर पर बैठ कर बस पढ़ाई करो। 

मैं बोला- अच्छा, मतलब अब आप एम ए प्राइवेट रह कर रही हो? वो बोली- हां यार वही तो! मैंने अब उससे ऐसे ही पूछ लिया कि आपका कॉलेज में कोई ब्वॉयफ्रेंड था क्या? वो बोली- मुझे ब्वॉयफ्रेंड बनाने का कोई शौक ही नहीं है। अपने राम तो अपने में ही मस्त रहते हैं। 

भाभी और देवर की चुदाई का किस्सा – 1

मामी और भांजे की जबरदस्त चुदाई – 2

मामी और भांजे की जबरदस्त चुदाई – 3 

लड़की को पटाने की करि कोशिश

मैं- ओह ऐसी बात है। वो इठलाई- हां जी ऐसी बात है। मैंने बोला- अच्छा अब मैं नीचे चलता हूं, मैं नहाने जा रहा हूं। मैं वहां से नीचे आ गया और नहाने चला गया। मैं जैसे अन्दर गया, मुझे दरवाजे पर किसी लड़की की कच्छी टंगी हुई दिखी। 

मुझे समझ आ गया कि पक्की ये उसी की ही है। मेरा लंड तो उसकी कच्छी देख कर ही खड़ा हो गया। मुझसे रहा नहीं गया और उसकी गांड याद करके मुठ मारने में लग गया। मैंने उसकी कच्छी नीचे उतारी और सूँघने लगा। 

फिर मैं उसकी कच्छी को अपने लंड में रगड़ कर मुठ मारने लगा। कुछ देर बाद मैंने अपना वीर्य उसकी कच्छी में ही निकाल दिया। मुठ मारने के चक्कर में मैंने उसकी कच्छी गंदी कर दी थी। मैंने फटाफट से उसकी पैंटी पानी से धो दी और वापिस लटका दी। 

नहाने के बाद मैं अपने रूम में आ गया और देखा कि वहां मीनाक्षी मेरे बेड पर बैठी हुई थी। मैंने बोला- अरे आप कब आईं। फिर उसने जबाव ही ऐसा दे दिया कि मेरे पैरों तले जमीन फिसल गई। 

वो बोली- मैं तब आई थी, जब आप बाथरूम में मुठ मार रहे थे। मैं हैरान हो गया कि इसको कैसे पता चला। मैंने बोला- ये आप क्या बोल रही हो? वो बोली- अच्छा आपको क्या लगता है कि क्या मैं झूठ बोल रही हूं? मैं चुप रह गया। 

वो मुस्करा कर बोली- मैं छत से तुम्हें देख रही थी। दरअसल बाथरूम के वेंटीलेशन में अन्दर का नजारा छत से देखा जा सकता था। फिर मुझे लगा कि ये भी मुझसे चुदना चाहती है। अब मैं बोला- हम्म … फिर तो तुम्हें ये भी पता ही कि मैं तुम्हारी कच्छी को रगड़ कर मुठ मार रहा था। 

वो बोली- हां, मुझे पता है। मैं बोला- तुम्हें देख कर लगता ही नहीं था कि तुम भी चुदने की शौकीन हो। वो बोली- अरे यार आज के जमाने में कौन लड़का लड़की एक दूसरे से चुदना नहीं चाहेंगे। 

मैंने नाटकीय अंदाज में बोला- ओह ऐसी बात है … तो फिर बताएं कि क्या आप मेरे लंड से चुदाई करना पसंद करेंगी? वो हंस पड़ी और उसने झट से हां बोल दिया। इससे मुझे पता चल गया कि ये साली एक नंबर की रांड है। 

आंटी ने घर आके चुदवाई अपनी चुत – 1

चुदाई की हो गयी पूरी तैयारी

मैं दरवाजा बंद करके उसके पास आ गया और उसके होंठ चूसने शुरू कर दिए, साथ ही उसके चूचे भी दबाने भी शुरू कर दिए। वो मजा लेने लगी। मैंने पूछा- सच सच बताना मीनाक्षी … आज तक कितनों से चुद चुकी हो? 

वो बोली- बस अपने ब्वॉयफ्रेंड से एक बार। मैं- ओह … उस टाइम तो बोल रही थीं कि मुझे ब्वॉयफ्रेंड में कोई इंट्रेस्ट नहीं है। वो बोली- हां मगर चुदने में तो है। मैं- ओह ये बात है। मैंने उसके चुचे दबाने शुरू किए। 

हम दोनों ने अपने कपड़े उतार दिए। वो नंगी होकर बिस्तर पर लेट गई और अपनी चुत सहलाने लगी। मैं समझ गया और मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू दी। उसकी चूत बड़ी रसीली थी, बड़ी मस्त महक आ रही थी। 

कुछ ही देर में वो ‘आ आ …’ करने लगी। थोड़ी देर बाद उसने अपनी चूत से पानी छोड़ दिया। उसकी चुत का पानी बड़ा ही टेस्टी था। फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। मुझे लंड चुसवाने में बहुत मज़ा आ रहा था। 

मैं भी उसके मुँह के अन्दर ही झड़ गया। अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालना चाहा। वो अपनी टांगें खोल कर लेट गई और लंड पेलने का इशारा करने लगी। जैसे ही मैंने लंड चुत के अन्दर डाला, उसकी मुँह से आवाज निकल गई। 

मैंने बोला- साली बहन की लौड़ी … आराम से चिल्ला, बाहर तेरे मम्मी पापा सुन लेंगे। वो बोली- वो बाहर गए हैं। अब मैंने जोर जोर से उसको चोदना शुरू कर दिया। वो भी मस्ती से चुदने लगी। मैं दस मिनट बाद झड़ने वाला था। 

मैंने उससे बोला- मेरा पानी निकलने वाला है। वो बोली- अन्दर निकाल दो। मैं दवाई खा लूंगी। मुझे भी लंड से निकले पानी का मज़ा लेना है। मैंने उसको अपनी बांहों में कसके जकड़ा और उसकी चूत में तेज शॉट मारते हुए झड़ गया। 

उस दिन मैंने उसकी 3 बार चुदाई की। अब हम दोनों रोज चुदाई करने लगे थे। कुछ दिन बाद मेरा प्रोजेक्ट खत्म हो गया था, मैं वहां से चला गया। 

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