पड़ोसन दीदी के मोटे बूब्स की मालिश और चुदाई – 1 

यह कहानी मेरी पड़ोस में रहने वाली दीदी की है जो की हम सभी से उम्र में काफी बड़ी थी। उन्हें सब लोग प्यार से दीदी कहकर ही पुकारा करते थे क्युकी वह हम सभी से बहुत प्यार से बाते करती थी। 

पर धीरे धीरे अब हम सब लोग बड़े हो गए थे और जब भी हम दोस्त साथ में बैठा करते थे तो कोई न कोई दीदी के बूब्स की बात को उठा ही देता था। मै आपको शायद बताना भूल गया पर दीदी दिखने में काफी अच्छी थी। 

दीदी के बदन का रंग बहुत ही ज्यादा गोरा और उनके बूब्स भी काफी मोटे थे जिन्हे देख किसी का भी लंड खड़ा हो जाये और वह चुदाई करने के लिए उतारू भी हो जाये। 

पर समस्या यह थी की दीदी की उम्र हैब सब से बहुत बड़ी थी वह शायद अब 28 की हो चली थी पर उनकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। दीदी को देखने काफी लड़के भी आये थे पर किसी कारण दीदी की किसी से शादी नहीं हुई। 

दीदी की यु तो गली में काफी इज्जत थी पर दीदी के पीछे से सब यही बोलते थे की दीदी बाँझ है और उन्हें कभी बच्चा भी नहीं हो सकता और ईसिस वजह से उनसे कोई भी शादी करने के लिए तैयार नहीं है चाहे वह उन्हें कितना भी पैसा क्यों ना दे दे। 

यह बाते मुझे कभी कभी बहुत ही ज्यादा खराब लगती थी क्युकी दीदी को भी उनकी इन बातो के  दीदी इस वजह से कभी कभी काफी परेशान भी हो जाया करती थी। 

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दीदी से करि दिल की बात 

मुझे यह कुछ अच्छा नहीं लग  अगले दिन मेने दीदी से बात करने के बारे में बहुत सोचा और दीदी से बात करे का मन बना ही लिआ। यु तो मेरी इस बात से काफी गांड फट रही थी पर अंदर ही अंदर मेरे दिल में शायद दीदी के लिए प्यार था। 

अब मेने अगले दिन दीदी के घर जाके उनके घर की घंट बजायी और दीदी ने कुछ ही देर में गेट खोल दिआ। अब दीदी ने मुझे अंदर बुलाया और कहा की मै अचानक उनके घर कैसे आ गया। 

मेने दीदी से कहा की मुझे उनसे कुछ जरूरी बात करनी है इसलिए मुझे उनके घर आना पड़ा। अब दीदी ने मुझसे कहा की ऐसी कोनसी बात है जिसके लिए मै यहाँ आया हु। 

अब बात करते हुए जैसे ही मेने दीदी की तरफ देखा मेरा ध्यान सीधा दीदी के  और दीदी के बड़े बूब्स को देख मेरे लंड में तनाव भी आने लगा। दीदी ने भी मेरी नजर पाद ली थी पर दीदी ने मुझे कुछ भी नहीं कहा। 

अब मेने दीदी से कहा की उनके पीछे से सब लोग उन्हें बाँझ बुलाते है और उनकी शादी न होने का कारण भी सभी लोग इसी बात को मानते है। दीदी  सुनकर चौक गयी और मुझे देखने लगी। 

 दीदी ने मुझे देख कुछ देर तक सोचा और बाद में कहा की यह बात मुझे किसने बताई है। मेने दीदी से कहा की यह बात मेने खुद सुनी और मुझे इस बात पर बिलकुल भी भरोसा नहीं है। 

अब दीदी ने अपना मुह्ह निचे किआ और मुझे ना देखते हुए रोना शुरू कर दिआ। अब  पतली सी आवाज में कहा की हां वह एक बाँझ है जिसे कभी भी कोई बच्चा नहीं हो सकता है चाहे वह कितना भी सम्भोग कर ले। 

दीदी रोये जा रही और मुझे भी कुछ समझ नही आ रहा था और मेने दीदी को शांत  की वह कोई इतनी बुरी बात नहीं है जिससे वह इतना ज्यादा परेशान है। मेने दीदी से कहा की वह इतनी सुन्दर है और उन्हें कोई ना आदमी आराम से मिल ही जायेगा। 

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दीदी को किआ खुश और दीदी ने किआ मुझे प्यार 

अब दीदी थोड़ा ठीक हो गयी थी और मुझे बहुत ही प्यारी नजरो से देख रही थी। दीदी ने मुझे कहा की मै पहला इंसान हु जो उन्हें ऐसी अच्छी बाते बोल रहा हु वरना उनके घरवाले भी उन्हें बुरी बाते कहते है। 

दीदी मेरे पास आके बैठी और मेने दीदी से  कहा क वह उम्र में मुझ से बड़ी है वरना मै ही उनसे शादी कर लेता। दीदी यह सुनकर हसने लगी और कहने लगी की शादी कोई छोटा काम नहीं है। मेने दीदी से कहा की मै भी अब बड़ा हो गया हु। 

मै और दीदी बहुत ही ज्यादा करीब बैठे हुए थे और दीदी मेरी आँखों में ही देख रही थी। मेने दीदी से कहा की मुझे उनसे काफी प्यार है जिस वजह से मै उन्हें उदास नहीं देख सकता। 

यह सुन दीदी मुस्कुरायी और मेने दीदी के करीब जाते हुए उन्हें अपने पास किआ। दीदी भी अब अपने होठ मेरे पास लायी और हम दोनों एक दूसरे के होठो को चूसने लगे। 

दीदी और मै बहुत ही प्यार से एक दूसरे के होठो को बारी बारी से चूसे जा रहे थे और मेरा एक हाथ दीदी के बूब्स पर थी पहुंच गया जिससे में उन्हें मोटे बूब्स को दबाये जा रहा था।  

पड़ोसन दीदी के मोटे बूब्स की मालिश और चुदाई – 2

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