पड़ोसन की सेक्सी बेटी और क्रिकेट बॉल 

यह किसा बहुत ही मजेदार होने वाला है क्युकी आप इसमें देख्नेगे की कैसे क्रिकेट खेलते खेलते कब मै चुदाई के करीब पहुंच गया और सुन्दर पड़ोसन की बेटी को चोद डाला। 

यह बात मेरी 12वी की परीक्षा के बाद की है। मै और मेरे दोस्त क्रिकेट के बहुत ही शौकीन थे जिसके लिए हम अपनी गली में भी क्रिकेट खेला करते थे। हमारी गली में एक आंटी भी रहा करती थी जिनकी बेटी बहुत ही ज्यादा सुन्दर थी। आंटी का नाम अंजना था था और उनकी बेटी का नाम शिवानी। 

शिवानी जब भी गली में निकला करती थी उसकी  देखकर मेरा लंड खुद ही खड़ा हो जाया करता था। यु तो शिवानी क माँ भी दिखने में काफी अछि थी पर शिवानी का हमारी उम्र का होने हमें उसकी तरह ज्यादा खींचता था। अब एक दिन गली ने क्रिकेट खेलते खेलते हमारी बॉल शिवानी के घर में जा पहुंची। मुझमे शिवानी को देखने की बहुत आग थी इसलिए बॉल लेन का जिम्मा खुद पर ले लिआ। 

मैने बाहर खड़ा होकर शिवानी का दरवाजा बजाया और कुछ देर बाद चर की आवाज करता हुआ दरवाजा खुल गया। शिवानी अपने बाथ में बॉल लेती हुई मेरे सामने खड़ी थी और मेरा सारा ध्यान उसकी तरफ था। शिवानी मुझे गुस्से भरी निगाहो से देख रही थी और वही दूसरी तरफ मै अपना लंड संभालता हुआ शिवानी के बूब्स को घूर रहा था। 

अब मैने खुद पर काबू लाते हुए शिवानी से अपनी बॉल मांगी पर मेरी आंखे बस शिवानी के बूब्स पर ही थी। शिवानी ने जैसे ही मेरी आँखों में देखा वह समझ गयी की मेरा सारा ध्यान उसकी चुचिओ पर है। उसने मुझसे कहा की यह लो तुम्हरी बॉल और इस बार यह घर में नहीं आनी चाहिए। मैने भी हामी भरते हुए शिवानी से बॉल वापस ली और वापस खेलने में लग गया। 

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 शिवानी से करी दोहरी बाते 

कुछ देर ताख क्रिकेट खेलने के बाद हमारी बॉल वापस शिवानी के घर में चली गयी और इस बार भी मेने खुदी बॉल लेन का जिम्मा लेके शिवानी का दरवाजा बजा दिआ। शिवानी फिर से गुस्से में बाहर आयी और मुझसे कहने लगी की तुम यहाँ दुबारा क्यों आ गए। मैने शिवानी की चुचिओ को देखते हुए शिवानी से बॉल देने के लिए कहा। 

शिवानी को यह इशारा कुछ समझ आ गया और वह हस्ते हुए कहने लगी की कौन सी बॉल, यहाँ तो कोई भी बॉल नहीं आयी है। शिवानी ने कहा की अभी यहाँ कोई भी बॉल नहीं है और मम्मी के घर आ जाने के बाद मै तुम्हे बॉल दे दूंगी। अब मुझे शिवानी के बात किसी बुलावे की तरह लगी और मैने शिवानी से कहा की लाओ में खुद ही अंदर आकर ढूंढ लेता हु। 

शिवानी ने पूरे दरवाजा खोला और मुझे अंदर ले लिआ। मैने दरवाजा बंद करते हुए उसके पीछे बॉल ढूंढने का नाटक किआ और शिवानी भी मदद करने को बोला। शिवानी भी निचे बैठकर मेरे साथ बॉल ढूढ़ने लगी जिससे उसके बूब्स उसकी टीशर्ट से बहार आ रहे थे। मेरा सारा ध्यान उसके बूब्स पर ही जा रहा था जिसे शिवानी ने देख लिआ और मुझसे कहने लगी की तुम्हे ये नहीं क्रिकेट वाली बॉल ढूंढनी है। 

मै थोड़ा सा हसा और कहा की यह बॉल उस बोल से ज्यादा अछि है जिससे खेलने में भी मजा आता है। शिवानी भी मुझसे हास्के बाते कर रही थी और हम दोनों घर में एकदम अकेले थे। में अभी भी शिवानी के बूब्स पर ही देखा जा रहा था और शिवानी मुझे देख रही थी। 

शिवानी ने अब गुस्सा होते हुए कहा की लो तुम पहले इस बॉल से खेल लो और क्रिकेट वाली बॉल को बाद में ढूंढ लेना। मै अब शिवानी को ही देख रहा था और शिवानी का एक नितम्ब उसकी टीशर्ट से बाहर सा आ रहा था। मैने शिवानी से उसकी बॉल सँभालने को कहा जिसका उत्तर शिवानी ने यह देते हुए कहा की तुम मेरी बॉल संभल लो और मै तुम्हरी क्रिकेट बोल को ढूंढ देती हु। 

ऐसा कहने के बाद शिवानी ने अपनी टीशर्ट उतार दी जिसके निचे उसने स्पोर्ट्स ब्रा पहनी हुई थी। स्पोर्ट्स ब्रा से शिवानी के चुचे उठे हुए और मोटे दिख रहे थे। मेरे हाथ पकड़ते हुए शिवानी ने अपने बूब्स पर रखे और कहा लो अब तुम इन्हे संभल लो। मेरा सपना मनो पूरा सा होने लगा था और शिवानी अब मुझसे मजे लेने लगी थी। शिवानी के बूब्स पे मेरे हाथ लगते ही मेने उन्हें अपने दोनों हाथो में भर लिआ। 

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शिवानी भी कराना चाहती थी मुझसे चुदाई 

मैने शिवानी के दोनों बूब्स अपने दोनों हाथो से दबाना शुरू कर दिए जिससे शिवानी को कुछ अजीब सी वासना होने लगी। पर अभी भी शिवानी अनजान बनती हुई कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी। शिवानी के बूब्स मै अपने दोनों हाथोसे दबाये जा रहा था जिससे शिवानी कामुक होती जा रही थी। अब शिवानी इतनी कामुक हो गयी की उसने मुझ पर चढ़ते हुए मुझसे अपनी बाहो में ले लिआ। 

शिवानी मुझे जोर से अपनी बाहो में जकड़े हुए थी और उसकी गरम सांसे मेरी गर्दन पर महसूस हो रही थी। मैने शिवानी के मुह्ह पकड़ते हुए उसके होठ पर एक छोटा सा किस कर दिआ और उसके बाद शिवानी ने मेरे होठो पर लगातार चुम्बन करना शुरू कर दिए। शिवानी मेरे होठो को मस्ती से चूसे जा रही थी और मेरे दोनों हाथ अभी भी उसके बूब्स दबा रहे थे। 

शिवानी मुझे उठाकर अपने कमरे में ले गयी और मुझे बताने लगी की कैसे वह भी मुझसे प्यार करती थी और आंटी के डर से मुझसे कभी कुछ नहीं कह सकी। इतना कहने के बाद शिवानी के वापस मुझे किस करना शुरू कर दिआ और अपनी ब्रा भी निकाल दी। शिवने के प्यारे प्यारे बूब्स बहुत ही गोर और गुलाबी रंग के थे जिनको मेने अपने मुह्ह से चूसना शुरू कर दिआ। 

शिवानी अब बहुत ही ज्यादा कामुक हो गयी थी और शिवानी ने निचे होते हुए मेरे लंड को पजामे से बाहर निकलकर चूसना शुरू कर दिआ।  मेरा लंड भी पूरा अकार ले चूका था और शिवानी की चुदाई करने ले लिए तैयार था। पर शिवानी ने अपनी पैंटी उतारते हुए अपनी चूत मेरे मुह्ह पर रख दी और मेने अपनी जीभ शिवानी चूत की फैंको में घुमानी शुरू कर दी। शिवानी की चूत पूरी तरह भीग चुकी थी और पानी भी छोड़ रही थी जिसे मेने पूरा साफ़ करदिआ था। 

 अब शिवानी चूत लेके मेरे लंड पर आ बैठी और मेरा लंड अपनी चूत में घुसा लिआ और ऊपर निचे होकर मुझसे चुदने लगी। शिवानी तेज तेज ऊपर निचे होते हुए  मुझसे चुद रही थी और आहे भर रही थी। मैने भी अपने लंड से निचे से चुदाई करते हुए धक्के मरने शुरू कर दिए। 

शिवानी आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह करती हुई मुझसे चुद रही थी और अपनी चूत को रगड़ भी रही थी। शिवानी की चूत से पानी भी निकलने लगा था जिसे वह अपनी चूत पर ही फेर रह थी। अब मेने शिवानी की टांग अपने एक कंधे पर रखी और शिवानी की टांग खोलते हुए उसकी चूत में अपना लंड पेल कर चुदाई शुरू कर दी। मै और शिवानी पूरी तरह चुदाई से थक चुके थे और पसीने से भीग चुके थे। 

शिवानी भी पूरी तरह हाफने लगी थी और मुझसे अपनी चूत में पूरा लंड घुसवा रही थी। शिवानी की चूत पूरी तरह से लाल हो गयी थी जिसमे में अपना लंड आगे पीछे करते हुए चोद रहा था। शिवानी के चूत पूरी तरह बेहाल हो गयी थी और शिवानी अपनी चूत को रगड़ भी रही थी और मेरे थोड़ी देर तक और चुदाई करने के बाद शिवानी की चूत से पानी की धार निकल गयी और शिवानी के मुह्हः से आह अह्ह्ह करते हुए कामुकता निकलते लगी।

कुछ देर तक और शिवानी की चुदाई करने के बाद मेरे लंड से वीर्य निकल गया जो मेने शिवानी की चूत में ही पेल दिआ। यह चुदाई मेरी और शिवानी की पहली चुदाई थी जिसके बाद मेने शिवानी की माँ को भी चोदा और उनकी हवस ख़तम कर्री। 

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