बीवी को छोड़ कर पड़ोसन से प्यार – 2 

मेरी पड़ोसन बोली- क्या कर रहे हैं, किसी ने देख लिया तो? मैंने कहा- कोई नहीं आने वाला … अंदर से कुंडी बंद है। बस फिर तो मैंने उसकी चूचियों पर हाथ ले जाकर उनको गाउन के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया और मेरी पड़ोसन भी आहें भरने लगी। 

फिर मैंने उसे पलटाया और उसके होंठों पर होंठों को सटा दिया। हम दोनों एक दूसरे को वहीं पर चूमने चाटने लगे। मैंने उसे रसोई की स्लैब के साथ सटा लिया और उसकी गर्दन और होंठों को चूमने लगा। 

मेरी पड़ोसन भी एक हाथ से मेरे लंड को तौलिये के ऊपर से सहलाने लगी। मैंने तौलिया वहीं पर खोल दिया और उसका हाथ अपने अंडरवियर पर रखवा दिया। मेरा लौड़ा उफन रहा था और एकदम लोहे जैसा तपने लगा था। 

मेरी पड़ोसन मेरे लंड को सहलाने लगी और मैं उसकी चूचियों को दोनों हाथों से दबाते हुए उसके गले को चूम रहा था। फिर से हम दोनों किस करने लगे और पांच मिनट तक करते रहे। मैंने उसे बेडरूम में चलने के लिए कहा। 

मेरी पड़ोसन बोली- तुम्हारा खाना? मैंने कहा- जब सामने बिरयानी हो तो दाल-रोटी की किसे पड़ी है? मेरी पड़ोसन हंसने लगी और मैंने उसे गोद में उठा लिया। मैं राधा को बेडरूम में ले गया और जाकर उसको लिटा दिया। 

अब मैं उसके ऊपर आ गया और उसका गाउन निकलवा दिया। नीचे उसने ब्लैक ब्रा-पैंटी पहनी थी। मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। कुछ ही देर में मेरी लार से उसकी ब्रा गीली हो गई। 

उसके निप्पलों को मैंने ब्रा के ऊपर से ही चूस लिया था जिससे मेरी पड़ोसन मटर के दाने जैसे बाहर निकलकर दिखने लगे थे। इस रूप में मेरी पड़ोसन बहुत ही सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने उसकी ब्रा निकलवा दी और उसके 34 के बूब्स को नंगे करके पीने लगा। 

मेरी पड़ोसन आह्ह … उम्म … करके सिसकारने लगी; मेरे बालों को सहलाने लगी। उसके मोटे मोटे दूध बहुत ही मस्त स्वाद दे रहे थे। मैं बूब्स को भींच भींचकर उनका दूध निकाल रहा था और मेरी पड़ोसन मचल जाती थी। 

लड़के की गांड में लड़के का लंड – 1

चुचे चूस कर कर दिए  पड़ोसन के निप्पल कड़े

कई मिनट तक मैंने उसकी चूचियों को पीया और दबाया। अब मैं उसके पेट पर किस करते हुए नीचे की ओर चला और उसकी पैंटी को उतारने लगा। उसने हाथ से चूत को छुपा लिया तो मैंने उसके हाथ हटवा दिए। 

उसकी बिना बालों वाली चूत के दर्शन मुझे हो गए और मैं उसकी मस्त चूत को देखता ही रह गया। राधा की चूत की फांके बहुत सेक्सी थीं और फूल सी गई थीं। उनमें से हल्का हल्का गीला सा पदार्थ भी बाहर चमक रहा था। 

मैंने अपनी जीभ निकाली और गीले पदार्थ को चाट लिया। मेरी जीभ लगते ही उसकी चूत फड़क उठी और मैंने उसको एकदम से मुंह में भरकर खाना शुरू कर दिया। मैं तेजी से उसकी चूत को चूसने और काटने लगा। 

मेरी पड़ोसन मदहोश होने लगी। कुछ ही देर में मेरी पड़ोसन अपने सिर को बेड पर इधर-उधर पटकने लगी। उसकी चूत की आग अब पूरी तरह से भड़क उठी थी। अब मैंने उसकी चूत में उंगली से भी चोदना शुरू कर दिया। 

मेरी पड़ोसन की चूत पर मैं दोहरी मार कर रहा था। अगले दो मिनट में ही उसकी चूत से रस का फव्वारा निकल पड़ा। चूत के रस में मेरा पूरा मुंह गीला हो गया। अपनी पड़ोसन की सेक्सी चूत का मैं सारा नमकीन रस पी गया। 

चूत का पानी निकलने के बाद मेरी पड़ोसन थोड़ी शांत हो गई। फिर उसने मेरे टीशर्ट को निकाला और मुझे पूरा नंगा कर लिया। उसने मुझे लेटाया और फिर मेरे लंड को चूसने लगी। मैं जन्नत की सैर करने लगा। 

मेरी पड़ोसन बहुत चाव से मेरे लंड को चूस रही थी। शायद बहुत दिनों से उसको लंड का स्वाद नहीं मिला था। फिर हम 69 की पोजीशन में आ गए और मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में दे दी। हम दोनों एक दूसरे को मजा देने लगे। 

अब मैं उसको चोद देना चाहता था इसलिए मैंने उसको पीठ के बल लिटाया और लंड को उसकी चूत पर फिराने लगा। मेरी पड़ोसन खुद ही चोदने के लिए कहने लगी। मैंने उसकी चूत में लंड को एक धक्के के साथ अंदर घुसा दिया और उसकी आंखें फैल गईं। 

लड़के की गांड में लड़के का लंड – 2

चुत में लंड देके फाड़ दी चुत की फांके 

उसने रुकने का इशारा किया और दर्द में आह आह करने लगी। मैं रुक गया और उसके इशारा करने तक रुका ही रहा। कुछ पल के बाद उसने फिर से इशारा किया और मैंने लंड को और अंदर सरका दिया। 

अब धीरे धीरे करके मैं लंड को चूत में चलाने लगा और उसने मेरा पूरा लंड अंदर ले लिया। अब मैंने अपनी पड़ोसन की चूत चुदाई शुरू कर दी। उसको भी कुछ देर के बाद मजा आने लगा और हम दोनों ही चुदाई के मजे में खो गए। 

अब मेरी पड़ोसन मेरा पूरा साथ देने लगी। फिर मैंने उसको घोड़ी बना लिया और पीछे से उसकी चूत मारने लगा। हम आधे घंटे तक चुदाई करते रहे। उस टाइम तक मेरी पड़ोसन 2 बार झड़ चुकी थी। मैं उसको बेड के किनारे लगाकर चोद रहा था। 

अब मेरा भी निकलने वाला था, मैंने पूछा- कहां पर निकालना है? मेरी पड़ोसन बोली- अंदर ही जाने दो। मैंने उसकी कमर पकड़ी और दो चार झटके तेजी से मारते हुए उसकी चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया। 

मेरे वीर्य से उसकी पूरी चूत लबालब भर गई। मैं बुरी तरह से हांफ रहा था और मेरी पड़ोसन भी हांफ रही थी। कुछ देर तक हम ऐसे ही पड़े रहे। थोड़ी देर बाद फिर से उसने मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया। 

फिर उसने मेरे मुर्झाये हुए लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मुझे भी मजा आने लगा। कुछ देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने एक बार और उसकी चुदाई की। उसके बाद मेरी पड़ोसन चली गई। 

रात को जब मेरी पड़ोसन खाना देने आई तो मैंने रात में भी दो बार उसकी चूत मारी। इस तरह से मैंने अपनी बीवी के आने से पहले उसको तीन दिन तक चोदा और मेरी सारी इच्छाएं पूरी हो गईं। मेरी पड़ोसन भी मेरा लंड लेकर खुश हो गई थी और मेरी दीवानी हो गई।    

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