अँधेरे में पड़ोसन आयी घर और हो गया काम

यह बात से आज से कुछ 1 साल पहले की ही है जब हमारे घर के पास ही एक परिवार रहता था। उस परिवार में कुल 4 ही  लोग रहते थे जिसमे उसके मम्मी पापा भाई और वह अकेली लड़की थी। 

अकेली होने की वजह से वह घर के सारे काम किआ करती थी। वह मेरे ही स्कूल में थी पर मुझसे एक क्लास पीछे थी। उस लड़की का नाम लता जो की अपने नाम की तरह ही काफी सुन्दर थी। 

लता दिखने में मोटी और जिस्म से बहुत ज्यादा अमीर थी। वह शायद मुझे पसंद भी करती थी पर आज तक वह मुझसे कभी बात भी नहीं पायी थी। लता को देख कर मुझे कई बार उसकी चुदाई के ख्याल भी आये थे। 

लता  मुझसे तो बात नहीं करती थी पर मेरी मम्मी से वह बहुत ही ज्यादा प्यार से बाते करती थी जिसकी वजह से उसका मेरे घर पर आना जान लगा ही रहता था। वह मेरे घर में कई बहार बिना बुलाये ही आ जाती थी और मम्मी से बाते करती रहती थी। 

मुझे लगता था की वह मुझसे मिलने ही आती है पर कभी मुझसे कुछ भी नहीं कह पाती है। अब एक दिन की बात है जब मम्मी घर पर नहीं थी और यह बात शायद लता को नहीं पता था। 

मै निचे वाले कमरे में ही लेता हुआ अपना फोन चला रहा था और एकदम ही बत्ती चली गयी। अब लता एकदम से घर  आई और उसने मेरी मम्मी को आवाज लगाई की क्या उनके पास मोमबती है ?

पड़ोसन को रोक लिआ घर में ही 

मै निचे ही लेटा हुआ था इसलिए मेने अब लता से कह दिआ की मम्मी तो घर पर नहीं है पर वह रुक सके तो मै ही उसे मोमबत्ती ढूंढ कर दे दूंगा। मेने अब थोड़ी देर तक मोमबत्ती को ढूंढा पर वह मुझे नहीं मिली। मेने अब लता से कह दिआ की शायद हमारे पास भी मोमबत्ती नहीं है। 

अँधेरे की थोड़ी सी रौशनी में वह बहुत ही ज्यादा खुश सुन्दर लग रही थी जिसकी वजह से मुझे उसे देख कर रुका ना जा सका। मेने अब लता को बहुत ही प्यार से पकड़ा और कहा की वह बहुत ही ज्यादा सुन्दर है। 

लता अब एकदम ही शर्मा गयी और मेरे बदन से चिपक गयी। उसके दोनों बूब्स मेरी छाती से चिपके हुए थे जिसको महसूस करते हुए मै उसके जिस्म से खुद को गरम कर रहा था। 

मै एकदम ही हवस से भर गया था और मेने अब लता के चेहरे को पकड़ कर ऊपर की तरफ किआ और उसके होठो पर एक चुम्बन कर दिआ। अगले ही पल मेने अब उसे फिर से चूमा और अपने होठो को अलग नहीं किहा। 

मै अब लता के होठो का रसपान कर रहा था और वह भी मेरे ऊपर वाले होठो को चूसते हुए मजे कर रही थी। लता भी शायद मेरे प्यार से खो चुकी थी और मेरे होठो बहुत ही आराम आराम से चूस रही थी। 

मेने अब अपना एक हाथ उसके बूब्स पर भी रख दिआ और उन्हें दबाने लग गया जिससे लता भी काफी कामुक होने लगी। लता की सांसे तेज हो गयी थी जिसके साथ वह मेरे होठो को चुम रही थी। 

पड़ोसन लड़की को अँधेरे में ही चोदा 

मेने अब लता को बिस्तर पर लिटा लिआ और उसके बदन को प्यार करने लगा। मेने लता की टीशर्ट को ऊपर कर दिआ और उसके बूब्स की निप्पल को चूसते हुए उसे काफी मजा दिआ। 

लता की दोनों निप्पल खड़ी हो गयी थी जिसके बाद मेने उसके पजामे में हाथ डालकर उसकी चुत को सहलाया। उसकी चुत पहले से ही गीली हो रखी थी जिसपर मैंने अपने हाथ को फेरते हुए और भी गीला कर दिआ। 

अब मेने अँधेरे में ही अपना लंड को बाहर निकाल लिआ और लता की चुत के छेद पर रखते हुए उसे अंदर घुसाने लगा। लता की यह पहली चुदाई थी इसलिए उसकी सील अभी नहीं टूटी थी। 

मेने अब अपने लंड को जोर से उसकी चुत में दिआ और एक ही बार में लंड सील तोड़ता हुआ अंदर घुस गया। अब कुछ देर जब वह दर्द से करहाना बंद हो गयी मेने चुत की चुदाई शुरू कर दी। 

वह भी अब चुदाई का मजा ले रही थी और आहे लेती हुई सेक्स की सिसकिआ ले रही थी। मै भी अपना लडन तेजी से उसकी चुत में अंदर बाहर कर रहा था जिससे मेरा लंड और उसकी चुत जोर जोर से रगड़ खा रहे थे। 

पहली चुदाई की वजह से अब मेरे लंड से भी पानी आ गया था जिसे मेने लता की चुत से बाहर ही निकाल दिआ और लता ने अब वापस से कपडे पेहेन लिए। इसके बाद हम दोनों का प्यार शुरू हो गया और मेने आगे भी लता की खूब चुदाई करि।  

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