नए पडोसी की चूदासी बीवी और चरमसुख का मजा – चुदाई मिली पड़ोसन से

हम लोग किराये पर रेहते थे जहा हमारे साथ करि और कमरे भी बने हुए थे। ज्यादातर कमरों में हमसे भी गरीब लोग रहा करते थे बेलदार, मजदूर। हम भी उस मकान में पिछले 3 साल से रह रहे थे और हर साल नए लोगो को आता जाता देखते थे। 

अब यह किसा जब शुरू हुआ जब हमारे मकान में ही एक नया जोड़ा रहने आया। उसका कमरा हमारे कमरे के साथ में था जिससे वो  और मै और मेरा दोस्त उनके पडोसी बन गए। एक अच्छे पडोसी की तरह ही हमने उनसे मुलाकात की पर इस नए पडोसी की बीवी कुछ ज्यादा ही अलग थी। 

उसकी बीवी का नाम शबनम था जो उसके नाम जैसी ही जवानी के तालाब में डूब कर आयी थी। शबनम को देखते ही मेरे लंड में तनाव आने लगता था और उसकी चुदाई करने का भी दिल करता था। अब जैसे ही शबनम का पति काम पर जाता मै शबनम से बाते  करना शुरू कर देता था। धीरे धीरे मै शबनम के करीब आ गया और शबनम से खुल के बाते करने लगा। 

दोस्त की बेहेन से प्यार और चुदाई – चरमसुख से शादी तक

शबनम रह गयी प्यासी 

अब एक रात की बात है मै और मेरा दोस्त रात को देर तक जाग रहे थे की तभी अचानक हम दोनों को शबनम के कमरे से कुछ आवाजे आने लगी। गौर से सुनने के बाद हम दोनों को पता चला की वह आवाजे शबनम की चुदाई की थी जो शबनम का पति कर रह था। 

आवाजे सुनकर हम दोनों भी गरम हो गए थे और शबनम की चुदाई का सपना देखना शुरू हो गए। अचानक कुछ देर बार चुदाई की आवाजे लड़ाई में बदल गयी और शबनम अपने पति पर चिल्ला रही थी। 

गौर से सुनने के बाद हम दोनों की समझ आ गया की शबनम अपने पति पर ठीक से चुदाई न करने का आरोप लगा रही थी। शबनम की प्यास हम दोनों को ही समझ आ गयी थी। और अब हम दोनों का प्लान एकदम रेडी था जिससे हमें शबनम की चुदाई मिल सके। 

अब अगले दिन शबनम का पति जैसे ही घर गया मैने शबनम से पास जाकर रात की उसकी लड़ाई के बारे में पूछा। शबनम ने मुझे कुछ भी नहीं बताया और चुपचाप अपना काम करती रही। अब कुछ देर बाद मेने शबनम से कहा की मुझे उसके पति की बीमारी का इलाज पता है। 

शबनम ेयह सुनकर मेरे पास आ गयी और मुझसे केहने लगी की मै उसे जल्दी से वह उपाय बता दू। अब मैने शबनम को बताया की इस बीमारी का इलाज किसी के पास भी नहीं है पर मै उसकी बिमारी का आसानी से कर सकता हु। 

शबनम मेरा यह इशारा आराम से समझ गयी और मुझे देखकर इतराने लगी। मेने शबनम से कहा की अगर वह मुझसे इलाज करवाएगी तो उसको  दिक्कत नहीं होगी। शबनम अब धीरे धीरे मेरी बातो में आने लगी थी और अब मै जाकर उसके कमरे में बैठ गया। 

मेने पहले ही अपने दोस्त को बाहर नजर रखने को बोल दिआ था इसलिए अब मेने शबनम को पीछे से दबोच लिआ। शबनम एकदम से चौक गयी पर जैसे ही मेने उसकी गर्दन पर चुम्बन करा वह मेरी बाहो में खो गयी। 

अब शबनम मेरी हो चुकी थी और मेने उसे घुमाकर उसके होठो को चूसना शुरू कर दिआ। शबनम भी मेरी किस का पूरा जवाब दे रही थी और हम दोनों कामवासना में खोते जा रहे थे। 

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शबनम  की प्यास मिटाई और चुदाई से भर दी उसकी जिंदगी

शबनम एक अछि पड़ोसन की तरह अपनी चुदाई के लिए अब राजी हो चुकी थी और शबनम मुझे खूब प्यार दिए जा रही थी। मेने अब शबनम के कपडे उतारना शुरू कर दिए और शबनम का ब्लाउज भी खोल दिआ। 

शबनम की जैसे ही मेने खोली शबनम के बड़े बड़े चुचे मेरे सामने आ गए। शबनम पूरी तरह गरम हो गयी थी जिससे उसकी बूब्स की निपल भी कड़ी हो गयी थी। अब मेने शबनम के चुचो को अपने मुह्ह में लिआ और चूसना शुरू कर दिआ। 

शबनम बहुत ही कामुक होती जा रही थी  और अब हम दोनों बिस्तर पर लेट गए। बिस्तर पर लेटते ही मेने शबनम का पेटीकोट का नाडा खोल दिआ और उसे पूरा नंगा कर दिआ। शबनम ने मुझे दरवाजा अंदर से बंद करने को कहा और मेने दरवाजे की कुण्डी मार दी। 

अब शबनम अपनी चुदाई के पूरे मूड में थी पर मेरा लंड पूरी तरह सख्त नहीं हुआ था इसलिए मैने अपनी पेंट खोलकर अपना लंड शबनम के मुह्ह में दे दिआ। शबनम मेरा लंड बड़े प्यार से चूसे जा रही थी।  

शबनम ने मेरे लंड को पुरे अपने थूक से सान दिआ था और वह गपागप उसके मुह्ह में लेके चुसाई कर रही थी। अब जैसे ही मेरा लंड खड़ा हुआ मेने उसे शबनम की चूत के छेद पर रखा और एक जोर के झटके से शबनम की चुदाई शुरू कर दी। 

शबनम बिस्तर पकड़ती हुई अपनी चुदाई का मजा ले रही थी और में अपना लंड उसकी चूत में तेज़ी से पेले जा रहा था। शबनम पूरी तरह पागल हो गयी थी और मुझे अपनी तरफ खींचे जा रही थी जिससे मेरा लंड उसकी चूत में और गहरायी तक जाये। 

मेने शबनम की दोनों टंगे अपने कंधो पर रखी और वापस से अपना लंड उसकी में डालकर चुदाई करने लगा। अब मेरा शबनम मेरा पूरा लंड झेल रही थी और दर्द के मारे आहे भर राइ थी। शबनम की आहे मुझे पूरी तरह गरम कर रही थी और इसी तरह मै और शबनम 20 तक सेक्स करते रहे। 

शबनम अपनी चूत को दोनों उंगलिओ से सहलाते हुए चुदाई का मजा ले रही थी की तभी अचानक शबनम की चूत से पानी निकलने लगा। शबनम की चूत पूरी तरह लाल हो गयी थी और अब मेने अपने धक्के तेज कर दिए। 

शबनम’ आआह्ह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी और मेरी तेज चुदाई से उसकी चूत ने एकदम से ही पानी छोड़ दिआ। कुछ देर तक मेने शबनम की और भी चुदाई करि और अपना लंड बहार निकलकर वीर्य जमीन पर गिरा दिआ। 

उस दिन के बाद शबनम की प्यास मैने और मेरे दोस्त ने बारी बारी बुझाई और शबनम की चूत का बुरा हाल कर दिआ। 6 महीने बाद शबनम ने भी कमरा खली कर दिआ और हमको भी चुदाई का मौका फिर नसीब नहीं हुआ। 

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