गर्मिओ के मौसम में भाभी की पसीने वाली चुदाई

गर्मिओ का मौसम था हमारे सामने वाली भाभी और मेरी मम्मी साथ में बैठे बैठे बात कर रहे थे की इस साल गर्मी बहुत ज्यादा है और इसलिए वह अंदर ब्रा नहीं पेहेन रही है । मै अंदर बैठा बैठा सब सुन रहा था की तभी भाभी ने मुझे भी देख लिआ पर मम्मी से कुछ ना कहा। 

अब दिन के 5 बजे थे और मम्मी सो रही थी। भाभी सामने अपने गेट पर बैठे मम्मी के इन्तजार में थी पर अब मै हवा खाने के लिए अपने गेट पर ही बैठ गया। भाभी मुझे देह हस रही थी और कहने लगी की क्या अब मै उनसे बाते करने आया हु ?

मेने भाभी की बात को मजाक में लिआ और भाभी से कहा की गर्मी की वजह से मै ऐसे ही यही बैठा हु। भाभी ने मुझे बोला की बात तो मै भी बहुत अचे से समझता और सुनता हु जो भी वह मम्मी से करती है। 

मेने भाभी से कहा हां अंदर तक सारी आवाजे अच्छे से आती है। भाभी ने मुझे बोला की गर्मी की वजह से अब हमें बहुत चीजे छोड़नी भी पड़ती है और कभी कभी तो लगता है मै भी अपने कपडे निकाल कर बीएस हवा खाती रहु। 

मेने भाभी से कहा की औरतो को ऐसे सभी लोग फिर गन्दी नजरो से देखने अगर वह बाहर ऐसा करने लगी तो। भाभी ने मुझे कहा नहीं पागल मै तो अंदर हमेशा की पंखे के निचे ऐसे ही लेती रहती हु जिससे मुझे गर्मी लगती है। 

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भाभी के घर में जाकर पाया गर्मी से छुटकारा 

मेने भाभी से कहा की अंदर तो वह कुछ भी कर सकती है क्युकी वह उन्हें कोई भी नहीं देखता है। अब भाभी हसने लगी और और हां में जवाब देने लगी। मेने भाभी से कहा की आप क्या पता मुझसे झूट बोल रही हो और अंदर गर्मी में ही रहते हो। 

भाभी ने मुझे कहा की अगर मुझे यकीन नहीं है तो मै अंदर ही आके उन्हें देख लू। मुझे शर्म से आयी और मेने भाभी से कहा की वह ऐसा मजाक ना ही करे। अब भाभी ने कहा की नहीं वह मजाक नहीं कर रही है और मै अभी अंदर आ सकता हु। 

भाभी के साथ मै भी जोश में आ गया और उनके घर में चला गया। अब भाभी गेट बंद कर अंदर आयी और पंखा चला दिआ। अब दोनों को ही गर्मी लग रही थी और इतने में भाभी ने सुकून लेते हुए अपना ब्लाउज निकाल दिआ। 

भाभी ब्रा में बिस्तर पर लेट गयी और हवा खाने लगी। मुझे अजीब सा लगने लगा और मेने भाभी से बोला की वह तो बहुत ही शांत और गर्मी से बची हुई है। अब भाभी ने मुझे कहा की यह तो कुछ भी नहीं है। 

और अब भाभी ने अपनी साडी खोली और मेरे सामने पैंटी में ही बिस्तर पर लेट कर मजे लेने लगी। भाभी ने मुझे कहा की लो अब देख लो कैसे मै गर्मी से बच जाती हु। मै भाभी के बदन को ही देख रहा था। 

भाभी ने मुझे कहा की मै भी उनकी ही तरह गर्मी से बच सकता हु अगर चाहु तो। और भाभी ने अब मुझे भी कपडे निकालने को बोल दिआ। भाभी ने अब मेरे कपडे उतारने में मदद की और अपने साथ ही लेटने को बोल दिआ। 

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भाभी की करि गर्मी में ही चुदाई और पसीने से भीग गया बदन 

अब मै भी भाभी के साथ में ही लेट गया और हवा खाने लगा और अब भाभी ने करवट ली और मेरे बदन पर अपना हाथ रख दिआ। भाभी ने मुझे कहा की बिना कपड़ो के वैसे तो गर्मी भी बढ़ती है पर ऐसे ठंडी मिल जाती है। 

इससे पहले में कुछ बोलता भाभी ने अपने होठ मेरे होठो पर रख उन्हें चूसना शुरू कर दिआ और मगन हो गयी। हम दोनों एक दूसरे को प्यार करना शुरू हो गए और भाभी मुझे जोर जोर से किस करने लगी। 

मेरा लंड भी खड़ा हो गया था जिसपर भाभी बैठ मुझे चुम रही थी। अब भाभी ने अपने सारे कपडे निकाल दिए और पूरी नंगी जो गयी। भाभी ने निचे से मेरा भी कच्छ निकाल फेका और मेरा लंड अपनी चुत में ले लिआ। 

भाभी मेरे लंड पर कूदते हुए उससे चुदना शुरू हो गयी और अब भाभी और मै दोनों ही पसीने से भीग गए थे। भाभी भी जोर जोर से मुझसे चुदाई का मजा ले रही थी और मेरा लंड भाभी की चुत की गेहराइओ में गुसा जा रहा था। 

अब भाभी ने मेरा हाथ अपने हाथ से पकड़ा और मेरे लंड पर तेज तेज सवारी करने लगी। भाभी जोर जोर से आहे भर रही थी और अह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करते हुए अपनी चुत मरवा रही थी। 

गर्मी से हम दोनों ही हाफ रहे थे और और मै भी निचे से भाभी की चूतमे अपना लंड पूरा अंदर तक घुसा रहा था। मेरा लंड भी अब जवाब देने ही वाला था और मेने भाभी को उससे उतरने को कह दिआ। 

भाभी ने उतारकर मेरा लंड मुह्ह में लिआ और मस्त चुसाई करके सारा लंड से निकला पानी पी गयी और पसीने से भरी चुदाई अब शांत हो चुकी थी। 

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