पड़ोसन की चुदाई का अलग मजा – 1

बहुत समय से मैं एक ही मोहल्ले में रह रहा था, तो पड़ोस के लोगों से काफी अच्छी पहचान हो गई थी। आस पड़ोस के लोग अब कभी बर्थ-डे या कोई पार्टी वगैरह में भी बुलाने लगे थे। हमारे पड़ोसी गुप्ता जी भी थे, उनके बच्चों से बहुत अच्छी पहचान हो गई थी। 

इसी वजह से उनके घर में भी कभी कभी आना जाना होने लगा था। गुप्ता जी के यहां भी दो किरायेदार रहते थे, जिसमें दो परिवार रहते थे। गुप्ता जी के यहां आते जाते उनसे भी परिचय हो गया था। 

उनमें से एक भाभी जी से काफी अच्छे से बात होने लगी थी। कुछ दिन तक सब यूं ही चलता रहा। मैंने पहले तो भाभी के बारे में कुछ गलत नहीं सोचा था … उनका नाम मीरा था। फिर एक दिन मेरे नंबर पर किसी अनजान नंबर से मिस कॉल आया, तो मैंने फोन लगाया। 

पर किसी ने भी फ़ोन नहीं उठाया। उसके बाद दोबारा फोन आया। मैंने कहा- भाई आप जो भी हो, अगर बात नहीं करनी थी तो परेशान क्यों कर रहे हो। तभी उधर से किसी महिला की आवाज आई- इतने से ही परेशान हो गए। 

मुझे तो तुम्हें परेशान करने में मजा आता है। अब मुझे पता नहीं चला कि फ़ोन पर है कौन, तो मैंने भी कह दिया कि अगर हम परेशान करने पर आ गए, तो सोच लेना। फिर उधर से आवाज आई- मुझे परेशान करने की हिम्मत है? 

बेहेन को चोद कर किआ खुश – 1 

फोन पर फसाया मुझे अपनी बातो में 

मैंने कहा- एक बार बस तुम्हारा पता चल जाए कि तुम कौन हो और कहां से बोल रही हो, फिर देखना तुम्हें इस गलती की क्या सजा मिलेगी। उसने हंस कर कहा- अच्छा क्या सजा मिलेगी … जरा बताओ तो? 

मैंने कहा- वो तो मिलने के बाद ही पता चलेगा, जितनी देर और परेशान करोगी, सजा भी उतनी ही बड़ी होगी। पर उसने नहीं बताया कि फोन पर कौन है और मुझे भी अभी तक पता नहीं चल पाया था। कुछ दिन हमारी बात ऐसे ही होती रही। 

फिर एक दिन मीरा भाभी के फोन में कुछ हो गया, तो उन्होंने अपना फ़ोन अपने 5 साल के बच्चे के हाथ भेजा और कहा कि मेरे फोन में कुछ हो गया है, आप ठीक कर दोगे क्या? मैंने कहा- ठीक है। 

फोन की सैटिंग ठीक करने के बाद मैंने सोचा कि एक बार इस फोन से अपना नम्बर लगा कर देख लेता हूँ। मैंने भाभी के फोन से खुद के नंबर पर फोन लगाया तो मैं आश्चर्यचकित रह गया कि मीरा भाभी ही इतने दिनों से मेरे मजे ले रही थीं। 

फिर मैंने सोचा अब अपन भी मजे लेते हैं। अब मेरी समझ में आ गया था कि भाभी उतनी शरीफ नहीं हैं, जितनी दिखती हैं। ये मस्त भाभी सेक्स का मजा देकर ही मानेगी। 

इस खेल को और आगे बढ़ाने के लिए मैंने उनके फोन से अपना नंबर कॉल हिस्ट्री से डिलीट कर दिया जिससे उन्हें लगे कि मुझे अभी भी पता नहीं है। थोड़ी देर बाद ही उनका फोन आया, पर अब मैं तैयार था। 

भाभी और मॉल के अंदर मजा – 2

भाभी को फोन पर दे दी गाली 

उधर से आवाज आई कि अभी तक पता नहीं लगा सके, तो सजा कैसे दोगे? मैंने कहा- जिस दिन मौका मिलेगा, उस दिन ऐसी सजा दूंगा कि गांड फट जाएगी। ये सुन कर भाभी को शायद अच्छा नहीं लगा था … 

क्योंकि मैंने ऐसे शब्दों का प्रयोग कभी नहीं किया था। थोड़ी देर बाद भाभी की आवाज आई- इतनी हिम्मत है? मैंने कहा- अभी तुमने मेरी हिम्मत देखी कहां है। जिस दिन पकड़ में आ गई ना , अपनी हिम्मत तो मैं उस दिन दिखाऊंगा। 

वो बोलीं- क्या करोगे? मैंने कहा- चिल्ला चिल्ला कर रोओगी। भाभी ने अनजान बनते हुए पूछा- क्यों? मैंने कुछ सोच कर कहा- पहले मिलो तो सही … फिर जब अन्दर लोगी तो पता चल जाएगा कि क्यों रो रही हो। 

यह सुनकर भाभी ने फोन काट दिया। मैं अगले दिन बिना किसी को बताए सुबह-सुबह कमरे पर ताला लगा कर कुछ जरूरी काम के कारण गांव चला गया। दिन भर बस मैं ऐसे ही निकल गया, पर मैंने भाभी को फोन नहीं किया। 

फिर रात में 11 बजे के लगभग भाभी का फोन आया। पर घर में सब लोग सोए हुए थे तो मैं घर के बाहर निकल कर बात करने लगा। फोन उठाते ही भाभी बोलीं- कहां चले गए थे, सुबह से दिखे नहीं। मैंने कहा- तुम्हें कैसे पता कि मैं अपने रूम पर नहीं हूँ।  

Leave a Comment