खेल के साथ चुदाई का मजा – 1

फिर सरिता को चोदने के 10 दिन बाद मुझे सरिता को फिर से चोदने का मन करने लगा तो मैंने एक दिन सरिता को फोन किया और कुछ देर कार चलाने और इधर उधर कि बात कि और फिर बोले क्या हम दोनों कर मिल सकते हैं तो सरिता पुती क्यों तो मैंने कहा मुझे तुम्हारी याद आ रही है। 

तो सरिता हंसते हुए पुछी मेरी याद या मेरे चुत कि। तो मैंने कहा सच कहूं तो तुम्हें चोदने का मन कर रहा है तो सरिता बोली मुझे भी तुम से चुदने का मन था पर दड के कारण नहीं फोन करती थी। 

फिर सरिता बोली इस बार कैसे चोदना है इसके पहले तो डाइविंग सिखातें हुए चोदे थे इस बार क्या अलग है तो मैंने कहा इस बार कपड़ा टेलर वाली रोल में सेक्स करेंगे तुम्हें कोई दिक्कत तो नहीं सरिता तो उसना कहा नहीं। 

फिर सरिता पुछी कहा मिलना है कल। तो मैंने कहा होटल में। फिर सरिता पुछी क्या पहन कर आए आपके लिए कल। तो मैंने कहा जो तुम्हें ठीक लगें। अगले दिन मैं डेढ़ बजे होटल में पहुंच कर एक रुम बुक करने के बाद सरिता को फोन किए तो सरिता बोली मैं होटल के बाहर हूं। 

होटल में बुझा दी बुआ की प्यास

बूब्स का लिआ साइज

तो मैंने कहा अंदर रुम नंबर 15 में आ जाओ। और मैं सरिता का इंतजार करने लगे। और जब सरिता को देखे तो एक शर्ट और जींस पहनी थी. मैंने उसे गले लगा फिर गेट बंद करके आया तो सरिता हंसते हुए बोली मुझे एक लहंगा और चोली सिलवानी है आप अपना इंचीटेप तो नहीं भुले लाना। 

फिर मैंने कहा इंचीटेप कि क्या जरूरत तुम्हें तो हाथ से ही नाप लुंगा। और हंसते हुए बोलें – इन कपड़ों में लहंगा चोली का नाप नहीं होता है। तो सरिता पुछी क्या करूं मैं फिर मास्टर जी लहंगा और चोली कि नाप देने के लिए। 

फिर मैंने पूछा – कैसा लहंगा चोली सिलवाना है? तो सरिता बोली – बैक लैस चोली डोरी के साथ और लहंगा गांड़ पर टाइट और नीचे घेरा वाला सिलवाना है. तो मैंने कहा – बैकलैस में ब्रा नहीं पहन सकते और इन कपड़ों में नाप नहीं हो सकता तो तुम अपनी शर्ट उतारो।

तो सरिता मुस्कराते हुए पुती – क्यों? तो मैंने कहा – क्या क्या… नाप लेना है… शर्ट में सही से नाप नहीं लिया जा सकता. फिर सरिता हंसने लगी और बोली मैं ठीक है, मैं शर्ट उतारती हूँ. यह बोलकर सरिता शर्ट उतार दी। 

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सरिता के कर दिए निप्पल खड़े

तो मैं सरिता के ब्रा के अन्दर बूब्स को देखते हुए पूछे – बैकलैस चोली चाहिए न! तो सरिता – हां बोली। तो मैंने एक होंठ पर किस कर के बोले – ब्रा भी उतार दो। फिर सरिता खुश होकर जल्दी से ब्रा उतार दी। 

फिर मैंने सरिता के बूब्स को पकड़ कर इंची टेप से नापने लगे और बोले सरिता तुम्हारी बूब्स बहुत छोटी है तो बूब्स कि गोलाई हाथ से पकड़ कर नापनी पड़ेगी. तो सरिता बोली तो आपके हाथ में है दबाकर बड़े बड़े कर दो और मुझे देख कर मुस्कुराने लगी। 

फिर मैंने सरिता के बूब्स को दबा दबा कर नाप लेने लगे और कुछ देर दबाने के बाद बोले सरिता तुम्हारी निप्पल तो दबी हुई है तुम निप्पल को दबाती नहीं हो क्या। तो सरिता हंसते हुए बोली जब तुम हो दबाने के लिए में क्यों दबाउ। 

तो मैंने कहा – तुम भी कभी कभी निप्पल को रगड़ कर खड़ा करना जब हम नहीं हो दबाने के लिए। फिर मैंने सरिता कि बूब्स को जोर से पकड़कर दबाने लगें और कुछ देर दबाने के बाद सरिता के एक बूब्स को मुँह में लेकर चूसने लगे… तो सरिता कि बूब्स टाइट होने लगी और निप्पल भी खड़ा हो गया।

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