बुआ की चुदाई की प्यास – 1

नमस्कार दोस्तो, मैं आपका राज शर्मा, आपका स्वागत करता हूं हिन्दी सैक्स कहानी पर। पिछली स्टोरी विधवा बुआ को चोदा उसी के घर में में आपको बता चुका हूं कैसे मैंने अपनी विधवा बुआ को चोदा और उसकी मदद की। 

आपका ज्यादा समय न लेते हुए अब मैं कहानी पर आता हूं। दोस्तो, मेरी बुआ की नौकरी मैंने अपने दोस्त से बोलकर मानेसर में कपड़े की कंपनी में लगवा दी। एक दिन बुआ का फोन आया- राज अब मैं नौकरी पर जाने लगी हूँ, वहां मेरी सेटिंग ठीक हो गई है। 

अब तू किसी दिन मानेसर आ जा मुझे मिलने! मैंने बोला- ठीक है बुआ, मैं किसी दिन आता हूं। शनिवार को मेरा ऑफ़ था तो मैंने बुआ को फोन किया कि मैं शनिवार को आऊंगा. पर वो बोली- शनिवार को मेरी तो ड्यूटी है। 

मैंने कहा- मेरे दोस्त से मेरी बात हो गई है. वो बोल रहा है कि कोई बात नहीं वो देख लेगा। तो मैं दस बजे मानेसर पहुंच गया. बुआ के बच्चे स्कूल जा चुके थे। मैं जैसे ही उसके रूम पहुंचा बुआ को देखकर चौंक गया। 

बुआ के मस्त भरे और उठे हुए मम्मे और गदराई गांड। मेरा लंड एकदम से गर्म होने लगा. आज बुआ ऐसे तैयार थी जैसे सुहागरात की दुल्हन हो। होंठों पर लिपस्टिक और आंखों में काजल, पैरों में पायल। 

अब मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा और बुआ को चोदने का मन हो गया। मैं अंदर आ गया और गेट बंद कर दिया। मैंने बुआ को बिस्तर पर पटक दिया और उसके कपड़े उतारने लगा. उसने नई जालीदार ब्रा पैन्टी पहनी थी और आज चूत में एक भी बाल नहीं था। 

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बुआ चूसने लगी मेरा लोडा

मतलब बुआ ने भतीजे से चूत चुदाई की तैयारी कर रखी थी. मुझे वासना का नशा चढ़ने लगा और मैंने बुआ को पूरी नंगी कर दिया. मैं उसके चूचे दबाने लगा और होंठों को चूसने लगा। 

बुआ ने मेरी पैंट खोलकर नीचे कर दी और अंडरवियर में हाथ डालकर मेरा लंड बाहर निकाल लिया और हिलाने लगी। मैंने बुआ की चूत में उंगली घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगा. उसकी सिसकारियां निकलने लगी और बुआ तेज़ तेज़ मेरे लंड को हिलाने लगी। 

अब मैं खड़ा हुआ. बुआ ने मुझे भी पूरा नंगा कर दिया और मेरे लौड़े को मुंह में लेकर गपागप गपागप चूसने लगी। अब उसके दोनों मम्मे मेरे सामने थे. मैं मसलने लगा वो लंड को लोलीपॉप के जैसे चूस रही थी। 

मैं झटके मार के मुंह चोदने लगा, वो गले तक लंड को ले जाती। अब मैंने उसे उठाकर बिस्तर में लिटा दिया और उसकी चिकनी चूत को चाटने लगा. मैंने अपनी जीभ को बुआ की चूत में घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगा। 

बुआ की सिसकारियों की आवाज तेज होने लगी. मैं जीभ को चूत में घुसा देता फिर निकाल कर घुसा देता। अब बुआ मेरा सर चूत में दबाने लगी मैं तेज़ तेज़ चूसने लगा। बुआ की सांसें तेज हो गई और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। 

मैंने उसकी चूत को चाट कर साफ़ कर दिया। अब मैं उसके ऊपर आ गया और लन्ड को उसके मुंह में डाल कर ऊपर नीचे करने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने अपना लौड़ा बुआ की मखमली चूत में घुसा दिया. वो ‘ऊईईई ईईई उईई ईईई सीईई ईईईई मर गई … मर गई राज … आहह हहह …’ करने लगी. मैं लंड को अंदर बाहर करने लगा और लंड की रफ्तार बढ़ा दी।

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कमरे में आने लगी चुदाई की आवाज 

मेरे झटकों से उसकी सिसकारी निकल पड़ी. आहह ओहह हमम्म आह हहांह आहह करके वो मेरा लंड लेने लगी। मैं उसके होठों को, मम्मों को चूसने लगा और झटके मारने लगा। 

अब बुआ भी गर्म हो गई- राज आहह हहह चोदो मुझे! और चोदो! आहह फ़ाड़ दे अपनी बुआ की फुद्दी! आह हहह! मेरा भतीजा मुझे चोद रहा है आह उम्म्ह हहह और तेज़ और तेज़! अब मैं जोश में आ गया और उसको घोड़ी बनाया और लंड घुसा के चोदने लगा। 

मैं उसके ऊपर आ कर घोड़े के जैसे तेज़ तेज़ झटके मारने लगा. मेरा लौड़ा बच्चादानी में टकराने लगा और उसकी चीख निकलने लगी- राज, मैं मर जाऊंगी … मेरी चूत फट जायेगी उम्मआह आहह अहह ओह! मैं बुआ की चूत में झटके पे झटके लगाने लगा।  

उसकी चीख अब सिसकारियों में बदल गई और वो गांड को आगे पीछे करने लगी। अब चूत लंड का घमासान युद्ध होने लगा और दोनों की सिसकारियां तेज़ हो गई। मैंने उसकी चूत से लंड निकाल लिया और मैं नीचे लेट गया वो मेरे लंड पर बैठ गई। 

मेरा लंड सट से बुआ की चूत में घुस गया और वो लंड पर उछल उछल कर अपनी गांड पटकने लगी। वो चूत से लंड को चोदने लगी मैं उसके मम्मे दबाने लगा। लंड सटासट सटासट अंदर बाहर होने लगा। 

अब उसकी चूत लंड को कसने लगी. मैंने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी. अब उसने लंड को चूत में पूरा जकड़ लिया और पानी छोड़ दिया. मेरा लंड चूत के अंदर गीला हो चुका था। 

फच्च फच्च फच्च फच्च फच्च की आवाज से चूत का पानी बाहर आने लगा। मैंने लंड निकाल लिया और उसे उठाया. वो लंड को चूसने लगी और साफ कर दिया। मैंने उसे उठाकर बिस्तर पर गिरा दिया और उसकी टांगें चौड़ी कर दी और लंड को दोबारा एक झटके में चूत के अंदर घुसा दिया. फिर पूरी रफ्तार से मैं अपनी बुआ चोदने लगा। लंड सट सट अंदर बाहर होने लगा। 

मैं लंड को अंदर बाहर अंदर बाहर करने लगा उसने अपने दोनों पैर मेरी कमर पर लपेट लिया। अब मैं और तेज़ तेज़ झटके मारने लगा। बुआ की चूचियों को दबाने लगा और झटके मारने लगा। मैं उसकी चूत को अपने लौड़े से ऐसे चोद रहा था जैसे कोई कुत्ता कुत्ती चोद रहा हो। पूरे कमरे में दोनों की चुदाई की आवाज आ रही थी। 

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