मस्त माल को चोदा – 3

मैं ठीक 9 बजे पहुंच गया। बाइक मैंने उसके घर से थोड़ी दूर की मार्केट में खड़ी कर दी। ताकि वापस आते समय देर हो जाए तो किसी को शक ना हो। उसके घर तक पैदल जाकर देखा वो दरवाजे पर ही खड़ी थी। 

मैं जल्दी से अन्दर आ गया और उसने अन्दर से मेन गेट लॉक कर दिया। उसने डिनर के लिए पूछा, तो मैंने कहा- आज तो तुम्हें ही खाऊंगा। वो बोली- देखते हैं कौन किसे खाएगा। मैंने पूछा- तुमने पहले कभी चुदाई की है? Xxx गर्लफ्रेंड बोली- शायद। 

मैंने पूछा- शायद क्या होता है या तो की है या नहीं की। वो बोली- जब मैं 10+2 में थी, तब एक बार एक दोस्त के साथ उसके बर्थडे पर उसके रूम पर रुकी थी। उस दिन मैंने बहुत ज्यादा पी ली थी। 

मुझे नहीं पता उसने मेरे साथ क्या क्या किया, मुझे कुछ याद नहीं। उसके बाद हम कभी नहीं मिले। अब हम सीधे उसके कमरे में चले गए। उसने स्कर्ट पहनी हुई थी, उसकी गोरी गोरी भरी हुई जांघें देखकर ही मेरा लंड खड़ा हो गया। 

कमरे में जाते ही मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया। वो बोली अभी हमारे पास बहुत टाइम है। पर मैं खुद को नहीं रोक पा रहा था। मैंने उसे पीछे से पकड़े पकड़े उसकी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया।

फूफा की लड़की की चुदाई – 1

नाभि पर चुमते ही अकड़ गयी कोमल

उसे आगोश में भरकर मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे सारी कायनात मेरी बांहों में हो। मैंने उसे उठा कर बेड पर लिटा दिया। मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और हम एक दूसरे के होंठों को खाने लगे। 

मेरी जीभ यकायक ही उसके मुँह में चली गई और वो आइसक्रीम की तरह उसे चूसने लगी। उसके मुँह का रस मैं पी रहा था और मेरे मुँह का रस वो चूस रही थी। अब मेरे हाथों ने उसके जिस्म से कपड़ों को आजाद करना शुरू कर दिया। 

उसकी टी-शर्ट उतारते ही उसकी सेब के आकार की गोल गोल छोटी छोटी चूचियां बाहर आ गईं। वो इतनी मस्त थी कि मैंने उसके होंठों को छोड़कर चूचियों को चूसना शुरू कर दिया। वो उत्तेजित होने लगी। 

उसकी चूचियां अकड़ने लगीं और चूची के अंगूर कड़े होने लगे। उन्हें चूस चूस कर मेरा लंड लोवर को तम्बू बना रहा था। वो अपने नाम के मुताबिक थी भी बहुत कोमल। चूची चूसने से ही उसने मुझे कस कर जकड़ लिया था। 

अब मैंने अपनी टी-शर्ट उतार दी और मैं लोवर में आ गया। वो स्कर्ट में रह गई। मुझे उसकी कोमल कोमल चूचियां चूसने में ही इतना मज़ा आ रहा था कि उन्हें छोड़ने का मन ही नहीं कर रहा था। कभी मैं एक चूची को चूसता तो कभी दूसरी। 

एक हाथ मेरा उसके बालों में था और दूसरे से उसकी कमर सहला रहा था। अब दूसरे हाथ से मैं उसके कूल्हों को धीरे धीरे मसलने और दबाने लगा। इससे वो और ज्यादा सिसकारने लगी।

फूफा की लड़की की चुदाई – 2 

कोमल की गुलाबी चुत का हो गया दीवाना

उसकी चूचियों को चूसते चूसते अब मैं उसकी नाभि को चूसने लगा तो वो बेकाबू हो गई और उसने अपने नाखून मेरी कमर में गड़ा दिए। वो मुझे कसकर भींच रही थी। मेरा लंड फटने को हुए जा रहा था पर मैं किसी जल्दबाजी में मज़ा खराब नहीं करना चाह रहा था। 

मैंने उसकी स्कर्ट के अन्दर से ही एक हाथ, जो उसके चूतड़ों को मसल रहा था, उसकी एक उंगली से उसकी चूत को स्पर्श किया। उसने जो पैन्टी पहनी हुई थी, वो हल्की सी गीली हो गई थी। 

मैंने उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से ही मसलना शुरू कर दिया। वो जोर जोर से उह आह करने लगी। अब उसने खुद ही मेरा लंड पकड़ लिया और उसे लोवर के ऊपर से ही हिलाने लगी। 

हम दोनों की ही जवानी हमारे जिस्मों को जैसे फाड़ने लगी थी। मैंने उसकी स्कर्ट भी उतार दी और पैंटी भी। उसने भी मेरा लोवर उतार दिया। वो मेरे सामने पूरी नंगी थी और मैं भी उसके सामने पूरा नंगा। 

मेरा लंड अकड़कर मेरे पेट से सटा जा रहा था। उसे नंगी देखकर मैं आपा खो बैठा। उसका एक एक अंग गजब का था। उसकी चूत एकदम गुलाबी और छोटी सी चूत। चूत पर बहुत हल्के हल्के से सुनहले बालों के सिर्फ रोंए से थे, जो कि अभी काले भी नहीं हुए थे।

चूत की दोनों फांकें आपस में चिपकी हुई सी थीं। शायद उन्हें किसी ने कभी खोला भी ना हो हालांकि चुदाई के बाद में पता चला कि उसकी सील टूटी हुई थी। इतनी कोमल और गुलाबी चूत, जैसे गुलाब की पंखुड़ी हो। मैंने कई लड़कियां चोदी हैं, पर उसके बाद और पहले मैंने कभी ऐसी गुलाबी चूत नहीं देखी।