बेहेन की गीली चूत को चाटकर किआ ठंडा

मै और मेरी बेहेन दोनों एक ही कमरे में शुरू से सोया करते थे। दीदी मुझसे 3 साल बड़ी थी पर उनकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। दीदी और मै एक ही बिस्तर पे सोया करते थे जिससे कई बार दीदी के बूब्स मेरे मुह्ह पर  भी आ जाया करते थे। 

पर अब मै भी बड़ा हो गया था और मेरी वासना मुझसे बाते करने लगी थी। दीदी जब भी सोते हुए मेरे करीब आती मेरा लंड होने लगता था और कई बार दीदी के बदन पे धस भी आया करता था। 

रात के समय अब मै देर से सोने लग गया और दीदी के बूब्स पर कभी कभी हाथ रहते हुए सहलाने लगा। दीदी उस समय नींद में चलाई जाया करती थी और मै भी नींद में होने का नाटक करके दीदी के बूब्स दबाता रहता था। 

कुछ रातो तक ऐसा ही चलता रहा पर अब मेरी हवस मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी और मुझे दीदी की चुदाई करने का बहुत मन करने लगता था। राको में मै दीदी को पकड़ कर सो भी जाया करता था जिससे दीदी मुझे कुछ नहीं कहती थी। 

अब एक रात की बात है मै और दीदी आराम से सो रहे थे की तभी मेरी आँखे खुल गयी और मेने देखा की दीदी अपनी गांड मेरी तरह करके सो रही थी और मेरा लंड उनकी गांड में ढसा जा रहा था। 

खेत में मारी लड़की की चूत और कर दिआ प्रेग्नेंट

दीदी की चूत को चाटकर दीदी को कर दिआ खुश 

दीदी अभी भी नींद में ही थी और मेरा लंड उनके पजामे पे लगता हुआ आराम से गांड में घुसने की तैयारी में था। अब अब दीदी थोड़ा सा हिली और मुझे बाहो में लेके सो गयी। दीदी के बूब्स मेरे मुह्ह पे थे जिनपर मै अपने होठो से हरकत करने लगा। 

अब दीदी की नींद थोड़ी सी खुल गयी और वह  की मै क्या करने की कोशिश कर रहा हु। पर दीदी ने मुझे अब भी अपनी बाहो में से आजाद नहीं किआ और अब मै उनके  निपाल तक अपने होठ ले जाने में सफल हो गया। 

दीदी के बूब्स का एक निपाल मेने पने होठ से चूसना शुरू कर दिए और दीदी एकदम से गरम हो गयी और मेरे होठो को किस करना शुरू हो गयी। दीदी की हवस मुझे साफ़ दिख रही थी और वह मुझे बड़े जोर जोर से किस कर रही थी। 

दीदी एक हाथ से अपनी चूत को मसल भी रही थी जिससे वह पर भी गरम होती जा रही थी। अब दीदी ने खुद ही निचे से अपना पजामा उतार दिआ और मेरा सर निचे करने लगी जिसका मतलब मुझे अच्छे से पता था। 

दीदी की चूत एकदम ही चिकनी और साफ़ थी जिसमे से एक अछि सी महक आ रही थी। मेने और कुछ न सोचते हुए दीदी की चूत पर अपने होठ रख दिए और चटाई चूरू कर दी। 

दीदी बहुत ज्यादा कामुक होने लगी और दीदी मेरा मुह्ह अपनी चूत में घुसाने लगी। अब दीदी की चूत पूरी तरह से भीग चुकी थी जिसका स्वाद मेरी जीभ पर भी था।  मेने वापस से दीदी के होठो को चूसते हुए उन्हें प्यार करने लगा और अब मेरा लंड भी अच्छे से खड़ा हो गया था। 

मौसी ने किआ वश में और मरवाई अपनी चूत

दीदी की चूत में लंड देकर बुझाई चूत की प्यास 

अब मेने लंड पजामे से निकला और दीदी की चूत की फांको के बिच घुमाने लग गया। दीदी मेरा लंड लेने के लिए तड़प रही थी और अब मेने दीदी की चूत में लंड घुसाना शुरू कर दिआ। 

दीदी को शुरू में थोड़ा सा दर्द हुआ पर बाद में वह भी चुदाई का पूरा मजा लेने लग गयी। अब मेने दीदी की चूत में अपना पूरा लंड घुसाते हुए दीदी की चुदाई बड़े ही जोश के साथ और तेजी से करनी शुरू कर दी। 

दीदी आहे भरने लगी और में दीदी की चुदाई और भी ज्यादा तेज करता चला गया। दीदी की चूत में मै अपना लंड जोर जोर से मर रहा था और वही दीदी अपनी चुदाई के साथ चूत को मसलते हुए कमक हो रही थी। 

अब मेरा लंड अकड़ने लगा था और मेने दीदी की चूत में अपने आखिर से झटके और भी तेज कर दिए और मेरा माल लंड से निकलना शुरू हो गया जो मेने दीदी की चूत में नहीं डाला और बहार ही गिरा दिआ। 

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