रस्ते की रंडी ने चूत के जाल में फसाया

हेलो दोस्तों मेरा नाम मलिक है और यह किस्सा आपको थोड़ा अजीब लग सकता है। यह किस्से मेरे साथ काम उम्र में हुआ था जो मै अब आप सभी के साथ साझा करना चाहता हु। उस समय मेरी 12वी की परीक्षा चल रही थी और मुझे दिन में दो बार टूशन जाना पड़ता था। 

मै अपने टूशन तक पैदल ही जाता था और 25 मिनट में मै अपनी टूशन पहुंच जाया करता था। रस्ते में कई बार एक औरत मुझे देखते हुए इशारे करती थी। पर मै हर बार नजरअंदाज कर दिआ करता था। एक दिन की बात है में उसी औरत के घर के सामने से निकल रहा था।  उस दिन वह औरत अपने घर के बार नहीं थी इसलिए मेने उसके घर के अंदर अपनी नज़ारे दौड़ाई। 

जैसे ही मैने अपना मुह्ह उसके घर की तरफ बढ़ाया मैने देखा की वह औरत नंगी अपने बिस्तर पर लेती हुई है और मुझे ही देख रही है। 

औरत को देखते ही मै बहुत डर गया और नजर फेरते हुए सीधा अपने टूशन की तरफ निकल गया। अब अगले दिन वह औरत मुझे देखकर हस रही थी और मै अपनी नजरे निचे करता हुआ वह से सीधा निकल गया। टूशन से आते हुए उस औरत ने मुझे रोका और हस्ते हुए मुझसे पूछा की कल मै क्यों भाग गया था। मैने उन्हें बताया की मै रोज टूशन जाता हु और इसीलिए मै कल जल्दी जल्दी में अपने टूशन चला गया था। 

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औरत ने बुलाया घर चाय पे 

अब उस औरत ने मुझे अगले दिन चाय पे आने के लिए कहा। और मै भी अपने टूशन से छुट्टी लेता हुआ उसके घर पहुंच गया। उस औरत का नाम उसने शबनम बताया , शबनम के बूब्स बहुत ही मोटे और गोल थे जिन्हे कोई भी देखते ही दबाने की चाहत करने लगे। 

उस  शबनम ने रंडी की तरह जामनी कलर का सूट पहना हुआ था जिसमे उसकी गांड काफी मोटी लग रही थी। अब शबनम हम दोनों के लिए चाय लेके आयी और साथ में बैठकर बाते करने लगी। शबनम थोड़ा झुक के बैठी हुई थी जिससे उसके बूब्स मुझे साफ़ दिख रहे थे और उसे मेरे लंड में भी तनाव आने लगा था। ले 

अब शबनम ने मुझसे यह पूछा की कल मै उसे देखकर डर तो नहीं गया था ना। मैने शबनम को ना में जवाब देते हुए कहा की उनकी जैसी खूबसूरत औरत को देखकर भला कोई क्यों डरेगा। अब शबनम ने मुझसे पूछा की की वह मुझे खूबसूरत लगती है। मैने कहा की वह कल बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही थी जब उसकी फिगर पूरी तरह दिखाई दे रही थी। 

शबनम ने गुस्सा होते हुए कहा की क्या मै तुम इस सूट में अछि नहीं लग रही क्या। ऐसा करहने के बाद शबनम ने अपना सूट उतरना शुरू कर दिआ और मेरे सामने पैंटी और ब्रा में खड़ी हो गयी। शबनम को ऐसी अवस्था में देख मेरा लोडा पूरी तरह सख्त हो गया था जो पेंट के ऊपर से अछि तरह दिख रहा था। 

शबनम ने मुझे इशारा करते  अपने पास बुलाया और निचे बैठते हुए मेरी पेंट का बटन खोल दिआ। मेरा लंड हाथ में लेते हुए शबनम ने उसे अपने मुह्ह में भर लिआ। शबनम मेरा लंड किसी लोल्लिपोप की तरह चूसना शुरू कर दिआ जिससे मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। 

मैने अब शबनम की ब्रा खोलते हुए उसके बूब्स दबाये और मुह्ह में लेकर चूसने लगा। शबनम के बूब्स के निप्पल पूरे टाइट हो चुके थे और  शबनम पूरे मजे ले रही थी शबनम अपनी चूत पर हाथ रखते हुए उसे रगड़े जा रही थी और रगड़ रही  थी। शबनम की चूत की महक पूरे कमरे में घूम रही थी। 

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शबनम की करदी चुदाई

अब मैने शबनम को सोफे पर लिटा दिआ और उसकी पैंटी अपने हाथो से उतार दी। शबनम की चूत पूरी तरह भीगी हुई थी जिसमे मेने अपने होठ रखते हुए चुदाई कर दी। शबनम हवस से पागल हो रही थी और मेरा सर अपनी चूतमे घुसाए जा रही थी। मै अपनी जीभ को शबनम की चूत की फांको म घुमाये जा रहा था जिससे उसकी कामवासना बहुत बढ़ गयी थी। 

मैने अपना लंड शबनम की चूत पे रखते हुए एक जोर का झटका मारा जिससे मेरा लंड पूरा एक ही बार में अंदर चला गया। शबनम ने आगे पीछे होते हुए अपनी चुदाई शुरू करवा लिई। शबनम की चूत पे में अपना लंड तेजी से आगे पीछे कर रहा था जिससे हम दोनों की आहे मिल रह थी।

मै भी अपने लंड से पूरी ताकत के साथ शबनम की चुदाई कर रहा था और वही दूसरी तरफ शबनम बिस्तर पर आंखे बंद करती हुई कामवासना में अपनी चूत मरवा रही थी। कुछ देर बाद मैने शबनम को अपनी गोद में ले लिआ और उसकी चूत में अपना लंड फसा दिआ।

अब में शबनम को बुरी तरह अपने लंड पर बिठाते हुए चुदाई के मजे दे रहा था। कुछ देर ऐसे ही चुदाई करने के बाद मेरा लंड अकड़ गया और सारा वीर्य मेने शबनम के मुह्ह पे झाड़ दिआ। उस दीन के बाद मेने शबनम के घर को रंडी का घर नाम दे दिआ और जब भी मुझे शबनम की चुदाई का मोके मिला मने शबनम की चूत मारी। 

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