चुदाई से भरा हुआ रास्ता – 2 

एक झटके में उसने पैग खत्म कर लिया और सिगरेट सुलगा कर कश लेने लगी। हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे और प्यार करने लगे। फिर वो मेरी गोद में आकर बैठ गई और हम दोनों ने बाकी के दोनों पैग खत्म कर लिए। 

अब मैंने उसका सर अपनी छाती पर रख लिया और पहले उसको सर पर किस किया। अपने हाथ से उसके मम्मों को सहलाया और अपना प्यार जताया। फिर धीरे धीरे मैंने उसके बूब्स चूसना शुरू किए तो उसके मुँह से अजीब अजीब सी आवाजें निकलने लगीं। 

उसके हाथ मेरे सर पर जमे हुए थे और वो मुझे जोर जोर से चूसने को इशारा कर रही थी। मेरा एक हाथ उसके नीचे आ गया और मैं उसकी चूत पर हाथ फिराने लगा। उसने भी टांगें खोल दीं और चुत में उंगली की रास्ता दे दी। 

मैंने धीरे से अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और आगे पीछे करने लगा। वो अपनी मस्ती में आ गई थी और अपना एक हाथ मेरे लंड पर लाकर लंड हिलाने सहलाने लगी। 

मैंने दूध चूसने के बाद उसकी चुम्मियां लेनी शुरू कर दीं और बहुत देर तक उसके बदन को चूमा। फिर मेरे होंठ उसके होंठों पर लग गए और होंठ चूसते हुए मैं उसके मम्मों को दबाने लगा। 

उसके बूब्स काफी मुलायम थे तो मुझे भर भर कर मसलने में खूब मजा आ रहा था। वो शोख निगाहों से मुझसे बोली- अब बता कैसे हैं? मैंने कहा- एकदम धांसू हैं यार। मजा आ गया। 

माँ और बेटी दोनों मेरे लंड की दीवानी – 4

बूब्स मसलने से आने लगा उसे मजा 

वो बोली- तेरी इन पर आज इतने सालों बाद कैसे चली गई? मैंने कहा- मैंने कभी भी तुझे इतना सेक्सी रूप में देखा ही नहीं था। वो हंसी और बोली- मैंने तो तुझे कई बार दिखाने की कोशिश की। 

मगर तू देखता ही नहीं था। मैंने कहा- सॉरी यार … अब तक तो मैंने तेरी चुत का भोसड़ा बना दिया होता। वो जोर जोर से हंसने लगी। फिर धीरे धीरे मैं नीचे आ गया और अपनी जीभ मैंने उसकी चूत पर रख दी। 

वो अपनी चुत पर मेरी जीभ का अहसास पाते ही एकदम से उछल गई। मैंने अपनी जीभ चुत से लगाए रखी और चाटता रहा। वो मादक आवाजों से कमरे को भर रही थी। 

उसने मुझे बाद में बताया था कि उसका पति कभी कभी ही उसकी चूत चाटता था। उसको चुत चटवाने में खूब मजा आने लगा था। उसका हाथ मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगा था। 

काफी देर तक चूत चाटने के बाद आखिर उसने अपनी चुत से पानी छोड़ दिया। फिर भी मैं लगा रहा और चूत चाटता रहा इससे वो फिर से गर्मा गई। थोड़ी देर बाद मैं उठा और अपना लंड उसके दोनों बूब्स के बीच में घुमाने लगा। 

वो मेरे लंड के सुपारे पर जीभ लगाने लगी। कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। वो धीरे धीरे लंड चूसने लगी। कुछ देर बाद उससे रहा नहीं गया तो बोलने लगी- अब मेरी चूत में तुम अपना लंड पेल दो। 

मैंने भी मौके को देखते हुए उसके दोनों पैर ऊपर करके मेरा लंड उसकी चूत पर रख दिया। अभी लंड पेलने वाला ही था कि उसने कहा- कंडोम लगा लो। मैंने भी समझदारी उसी में देखी और कंडोम लगाया। 

पहले तो मैं धीरे धीरे उसकी चूत के ऊपर लंड घुमाने लगा और उसको और तड़पाने लगा। वो नीचे से अपनी गांड उठा कर लंड गप्प करने में लगी थी और मैं उसकी चुत की फांकों में सुपारा रगड़ कर मजा ले रहा था। 

माँ और बेटी दोनों मेरे लंड की दीवानी – 3

एक झटके में चुत में दे दिआ लंड 

उसने कहा- क्यों सता रहे हो … जल्दी से पेल दो न! मगर मैं लंड चुत पर घिसता रहा। काफी देर बाद जब उससे रहा नहीं गया, तब जाकर उसने मुझे अपने ऊपर खींचा और मेरा लंड अपने हाथों से पकड़ कर गाली दी। 

‘पेल न भोसड़ी के।’ मैं हंसा और वो अपनी चूत पर रख कर अपने आप अन्दर घुसाने का काम करने लगी। फिर मैंने भी उसे साथ देना शुरू कर दिया। मैं धीरे से उसकी चूत में अपना लंड सरकाने लगा। 

धीरे धीरे पूरा लंड उसकी चूत में डाल देने के बाद उसे और मजा आने लगा। उसके पति और मेरा लंड साइज में लगभग एक जैसे थे। यह बात उसने मुझे बताई थी। मेरा लंड चूत में जाने से उसे उतनी कोई ज्यादा तकलीफ़ नहीं हुई थी। 

उसके बाद जो मैंने उसको अलग अलग पोज में उसकी बजाई, तो वो आह आह कर उठी। उससे उसको थोड़ी मीठी कसक भी हुई। उसका पति दस मिनट में गिर जाता था पर मैंने लगभग 20 मिनट का समय लिया; उसे अलग अलग एंगल में ताबड़तोड़ चोदा। 

उस मैरिड गर्ल को मेरे लंड से चुदाई में बहुत मजा आया। मैंने उसे सीधे ऊपर आकर चोदा। वो मेरे ऊपर आकर … उसने लंड अपने आप चूत में लिया। घोड़ी स्टाइल में चोदा, खड़े खड़े भी चोदा। पलंग के कोने पर ले जाकर उसे चोदा, दोनों पैर मेरे सर पर रख कर भी चोदा। 

इसी तरह मैंने अलग अलग पोज में काफी समय तक उसको पेला। उसकी चूत थोड़ी फूल गई थी तब भी मैं उसको चोदता रहा और उसके बाद में मैं झड़ गया। तब तक वह भी झड़ गई थी। आखिर में हम दोनों बाथरूम में जाकर फिर से नहाये और बाद में सबके साथ टूर में लौट आए। उसके बाद हम दोनों को जब भी मौका मिलता है, मजे करते हैं।  

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