बीवी के बाद बेहेन भी चोद दी – 4

दोस्तो, मैं मोहित आपको अपनी सगी बहन की सीलपैक चूत और गांड चुदाई की कहानी सुना रहा था। कहानी के पहले भाग मेरी चालाक बीवी का गजब कारनामा में अब तक आपने पढ़ा था कि मैंने अपनी बीवी की मदद से अपनी सगी बहन की चूत फाड़ दी थी और अब वो मुझसे गांड मरवाने के लिए राजी थी। 

अब आगे बहन की गांड की भाई से चुदाई: मैं अपनी बहन और कोमल को बारी बारी चोदता था। कोमल को नीतू के सामने ही चोदता था और नीतू चुदाई सीखती। मैं कोमल की हर बार गांड मारता था इसलिए नीतू भी बोलने लगी थी- भैया मेरी गांड कब मारोगे? 

मैं भी बोल देता- मारूंगा बहन, तुम्हारी भी गांड जरूर मारूंगा। बहन को चोदते चोदते मुझे तीस दिन हो गए थे। अब मैं अपनी बहन की चूत चुदाई के समय उसकी गांड में उंगली भी करने लगा था इससे मेरी बहन की गांड ढीली होने लगी। 

फिर वो दिन भी आ गया, जिस दिन बहन की गांड मारनी थी। मैं ऑफिस से घर आया, फ्रेश हुआ खाना खाया। अब घर में कोमल और बहन नाइटी या नंगी ही रहती थीं क्योंकि मेरा घर चारों तरफ से ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है। 

मैंने टाइम देखा तो 9 बजे रहे थे, कोमल और नीतू ने भी खाना खा लिया था। वो दोनों नाइटी में ही थीं। फिर मैंने नीतू से पूछा- गांड मरवाने के लिए तैयार हो? नीतू बोली- हां भैया, मैं तो कब से तैयार हूँ। मैं बोला- तो ठीक है। चल रूम में आ जा। 

भाभी के मोटे बूब्स और आहो का प्यार

बेहेन गांड मरने के लिए भी हो गयी राजी 

कोमल तुम गांड चुदाई के लिए क्रीम और 2 इंच मोटा वाला डिल्डो ले आ जाओ। हम तीनों रूम में आ गए और दोनों अपनी नाइटी उतार कर नंगी हो गईं। मैंने दोनों को किस किया, नीतू की चूचियां दबाने लगा और जोर जोर से उसे किस करने लगा। 

फिर मैंने अपनी बहन को सोफे पर झुका दिया जिससे नीतू की गांड मेरी ओर हो गई। मैंने नीतू की चूत में डिल्डो धीरे धीरे अन्दर तक घुसा दिया। नीतू का मुँह कोमल की ओर था। उधर कोमल नीतू को किस करने में लगी थी। 

वो एक दूसरी के बूब्स दबा रही थीं। इधर मैंने अपनी उंगली में क्रीम लगाई और धीरे धीरे नीतू की गांड में उंगली घुसाने लगा। नीतू की गांड बहुत सूखी थी, तो मैंने कुछ ज्यादा सी क्रीम अपनी बहन की गांड में लगा दी। 

उंगली को भी थोड़ा थोड़ा करके अन्दर तक घुसा दिया। धीरे धीरे मैंने अपनी एक उंगली को बहन की गांड में आगे पीछे की, तो नीतू उचकने लगी। मैं धीरे धीरे उंगली से बहन की गांड चोदने लगा। थोड़ी देर बाद दो उंगली से चोदने लगा। 

ऐसे करते करते मैंने तीसरी उंगली को भी गांड में घुसा दिया। अब मैं अपनी तीनों उंगलियों से बहन की गांड चोदने लगा। ऐसे करते करते हम सभी को 11 बज गए थे। अब तक नीतू की भी गांड काफी खुल गई थी। 

मैंने फिर से गांड में क्रीम भरी और अपने लंड पर भी क्रीम लगा ली, फिर नीतू की गांड में धीरे धीरे लंड घुसाना शुरू कर दिया। लगभग 4 इंच घुसा कर मैं थोड़ी देर रुक गया। नीतू को कोई खास दर्द नहीं हो रहा था। 

मोह्हले की चुड़क्कड़ भाभी का प्यार

बेहेन की चुत हो गयी चुदाई से ढीली

मैंने डिल्डो को थोड़ा और अन्दर घुसाया और अन्दर बाहर करने लगा। नीतू को अब थोड़ा दर्द होने लगा, इसलिए मैं धीरे धीरे उसकी गांड को चोदने लगा। थोड़ी देर में मेरी बहन को दर्द की जगह मजा आने लगा। 

मैंने लंड थोड़ा और घुसा दिया और गांड चोदने लगा। ऐसे ही करते करते पूरा लंड नीतू की गांड में समा गया और आगे चूत में डिल्डो फंसा हुआ था। मैं नीतू की गांड कस कसके मारने लगा। 

बहन की गांड की भाई से चुदाई चलती रही। अब नीतू को भी मजा आने लगा। ऐसा पन्द्रह मिनट तक चला। अब मैं झड़ने वाला था तो मैं नीतू की गांड में ही झड़ गया। नीतू भी झड़ गई। 

उसके बाद मैंने अपनी बीवी की गांड मारी और उन दोनों को लंड का माल खिलाया। फिर इसी तरह एक साल तक मैंने अपनी बहन की चूत गांड चोदी। अब मेरी बहन नीतू का शरीर भी सुंदर लगने लगा था और वो बहुत ही सेक्सी बन गई थी। 

चुदाई और योगा के कारण नीतू का फिगर बदल गया था। उसके 34 के बूब्स 28 की कमर और 36 की गांड हो गई थी। इसी सुन्दरीकरण नीति के चलते अब नीतू के लिए अच्छे अच्छे रिश्ते आये और बहुत ही जल्दी उसकी शादी भी हो गई। 

नीतू की ससुराल में उसके पति और देवर और एक सुंदर सी ननद थी। सास ससुर बूढ़े थे जो अकसर बीमार ही रहते थे। नीतू की सुहागरात के दिन उसके पति को पता ना चले कि वो पहले से चुदी है, उसके लिए नीतू को मैंने तीन महीने से नहीं चोदा था। 

उसको चूत टाइट करने वाली दवाई भी खिलाई थी। मैंने चुदाई के टाइम नीतू को थोड़ी दर्द की और रोने की एक्टिंग करने भी बोल दिया। फिर वो सुहागरात में भी पास हो गई। 

Leave a Comment