स्कूल के टीचर ने मारी मेरी चुत क्लासरूम में

मेरा नाम कल्पना है और यह मेरी 12 क्लास की पढ़ाई चल रही थी। मेरे गणित वाले सर का नाम विकास था और वह दिखने में बहुत ही ज्यादा गुस्से वाले थे और सभी लड़के भी उनसे बहुत ज्यादा डरते थे। 

पहले काल में मेरे अंक पास होने लायक नहीं थे इसलिए मुझे शुरू में ही टीचर ने अच्छे से पढ़ने के लिए बोल दिआ था। पर अब आधे से ज्यादा साल बीत चूका था और मेरी पढाई भी अभी अच्छे से नहीं हुई थी। 

मेरी दोस्तों से मेने यह बात कही तो वह सब मुझ पर बहुत हसी और मुझे फेल होने के बाद क्या होता है यह सब समझाने लगी। मुझे अब कुछ भी करके फेल नहीं होना था इसलिए मेने अपने टीचर से सेटिंग करने की सोची। 

जैसा की मेने बताया विकास सर शुरू से ही गुस्से वाले थे इसीलिए उन्हें पटाना भी कोई आसान काम नहीं होने वाला था। पर मुझे ये बात पता थी की हर मर्द की कमजोरी उनकी टांगो के बिच में जरूर होती है। 

अब मेने स्कूल में स्कर्ट पहनना शुरू कर दिआ और अपनी गोरी गोरी टांगो के साथ छुट्टी के समय विकार सर के कमरे में चली गयी। विकार सर अभी पेपर चेक कर रहे थे और मुझे वहा ऐसे देख थोड़े चौक भी गए थे। 

अब मै सीधा विकार सर के पास गयी और उनसे बाते करने लगी। सर की नजरे मेरी टांगो पर से दूर नहीं हो रही थी और सर को रिझाने का यह मौका भी मेरे लिए बहुत अच्छा था। 

बेहेन ने लिआ मेरे मोटे लंड का मजा और चुत की कराई थपाथप चुदाई

विकार सर को दिआ चुदाई का मौका और बढ़ाये नंबर 

अब मेने विकास सर से कहा की मुझे गणित बहुत कम आती है पर मुझे इस साल फेल नहीं होना है। विकास सर मुझ पर थोड़ा गुस्सा हुए और मुझे डाटने लगे पर कुछ ही देर बाद सर की निगाहें वापस से मेरी टांगो पर चली गयी। 

अब विकास सर का सारा ध्यान मेरे ऊपर ही था और उनकी कामवासना भी जाग गयी थी। अब मेने विकास सर से कहा की पास होने के लिए मुझे वह जो भी कहेंगे में करने के लिए तैयार हु। 

पर अभी विकास सर मेरी बात को नहीं समझे थे और उनका ध्यान मेरी नंगी टांगो पर था। अब मेने तेज से आवाज में कहा की वह चाहे तो मेरी टांगो को भी छू सकते है। 

विकास सर एकदम चौक गए और उनके मुह्ह पर एक हसी भी थी। सर ने मुझे कहा की अब मुझे घर चले जाना चाहिए क्युकी छुट्टी हुए काफी देर हो गयी है। मुझे रोना आ गया और मेने सर को कहा की वह मुझे पास करने के लिए जो कहेंगे में कर दूंगी। 

अब विकास टीचर ने मुझे अपने पास बुलाया और चुप होने के लिए कहा। मै चुप हो गयी और विकास सर ने अब मेरी टांगो पर अपना हाथ रख लिआ और उसे सहलाने भी लगे। 

मै समझ चुकी थी की टीचर अब मेरे जाल मी आ चुके थे। अब विकार सर ने अपना हाथ मेरी चुत पर फिराना शुरू कर दिआ जिससे मेरी पैंटी भी धीरे धीरे गीली सी होने लगी थी और मै भी गरम हो गयी। 

अब सर ने मुझे गोद में लेकर डेस्क के ऊपर बिठा दिआ और मेरे कपडे खोल दिए। विकार टीचर मेरे बूब्स को बारी बारी करते हुए अपने होठो से चूस रहे थे और मजे ले रहे थे। 

मै भी अब पूरी  तरह से गरम हो गयी थी और विकार सर के लंड को हाथ में लेकर सेहला रही थी। सर का लंड भी अच्छे से खड़ा हो गया था और सर चुदाई करने के लिए बेकाबू ह गए थे। 

भाभी नहीं थी भइया से खुश इसलिए माँगा मेरे लंड का सहारा 

गणित में पास होने के लिए टीचर को दे दी अपनी चुत 

अब सर ने अपनी पेंट खोली और बड़ा सा लंड उसमे से बाहर निकला। टीचर के लंड को देख मेरी गांड तो ऐसे ही फट गयी थी क्युकी मेने आजतक इतना मोटा लंड अपनी चुत में नहीं लिए था। 

अब टीचर ने मेरी पैंटी को निचे कर दिआ और मेरी टांग खोल ली और लंड को चुत की फांको में घुमाने लगे। अब चुत के छेद पर जैसे ही  टीचर का लंड आया विकास सर ने एक जोर के धक्के से मेरी चुत फाड़ दी। 

मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था पर पास होने के लिए यह जरूरी था। अब सर ने मेरी चुत मरना तेजी से शुरू कर दी और मेरी आहे जल्दी ही निकलने लगी। टीचर जोर जोर से मेरी चुत में लड़ ठोके जा रहे थे और मै चिल्ला रही थी। 

मुझे भी इस मोटे लंड से चुदाई का अछा मजा आ रहा था पर कुछ देर की और चुदाई के बाद विकास सर के लंड से पानी निकल गया और उन्होंने अपना लंड मेरी चुत से बाहर निकाल लिआ। इस दिन के बाद मेने अपनी 12 क्लास अच्छे से पास कर ली और चुदाई का मजा भी लिआ। 

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