मरीज लड़की की चुदाई का मजा – 3

हाफ पैंट और टी-शर्ट पहनी हुई थी। अब मैंने एक कॉटन लिया और उससे कहा कि कम्बल हटाओ। उसने कम्बल हटा दिया। मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं। मैं देखता ही रह गया। क्या हुस्न पाया था लड़की ने। गोरी लंबी और बूब तो क्या कहूं। 

फिर नीचे एक लाइन जैसी नाजुक सी चूत, उस पर झांटें थीं। मगर झांटों के बीच चूत की मस्त झांकी मेरे लंड की हालत खराब कर रही थी। मेरा तो उसे यूं देख कर बुरा हाल हो गया और मेरी पैंट में तंबू बन गया। 

मैंने अपने दिमाग से वासना को दूर धकेला और उसको चैक करने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार किया। मैंने उससे बैठने के लिए कहा। मैं अब उसके सिर से चैक करने लगा था क्योंकि लेप्रोसी में नर्व देखनी पड़ती है और सेंसेशन देखने पड़ते हैं। 

मैं हाथ और कॉटन से चैक करने लगा। फिर छाती पर चैक किया, पांव भी चैक किए। सब कुछ चैक करने के बाद मैंने कहा- तुम बिल्कुल ठीक हो। वो बोली- नहीं, आपने ठीक से नहीं देखा। पहले मुझे जो दाग आए थे, वो पुसी के पास थे। उधर चैक कीजिए ना। 

मैं बोला- उसको देखने के लिए मुझे वहां हाथ लगाना पड़ेगा। वो बोली- हां मैं उसी के लिए आई हूं। दूसरे किसी को नहीं दिखा सकती। मैंने फिर से कहा- सोच लो, फिर मत बोलना कि डॉक्टर ने यहां हाथ लगाया। वो बोली- मैं किसी को कुछ नहीं कहूंगी। 

चुत की खुजली ने दिआ प्यार का दर्द – 1

दोनों टाँगे खोल के दिखाया लड़की ने 

अब मैंने उसको लेटने के लिए बोला और उसके पांव के पास बैठ गया। लेकिन वो एक बिस्तर था कोई टेबल तो नहीं थी कि मरीज अच्छी तरह पोजीशन आ जाए। फिर उससे मैंने दोनों पैर खोलने के लिए कहा। 

तो उसने झट से अपनी टांगें खोल दीं। उसकी चूत खिल उठी थी। मैं उसकी पुसी के होंठों को देखने लगा। लेकिन फिर भी मैं ज्यादा नहीं देख सका। क्योंकि उसकी चूत के आजू-बाजू में बहुत बाल उगे थे। मैं बोला- मैं नहीं देख सकता। 

वो बोली- प्लीज चैक कीजिए न! मैंने कहा- हां मगर उसके लिए तुम्हारी पुसी के बाल शेव करने पड़ेंगे। फिर वो बोली- हां ठीक है। मैंने उससे कहा- अन्दर बाथरूम में मेरा रेजर आदि रखा है। जाओ उससे निकाल कर आ जाओ। 

वो नंगी ही उठी और एक चादर लपेट कर बाथरूम तक गई। उसने चादर बाहर ही छोड़ा और अन्दर चली गई। उसे इस तरह से चलते देख कर अब तक मेरे अन्दर खलबली मच चुकी थी। 

मैं बैठा रहा और उसके चूत साफ़ करके आने का इन्तजार करता रहा। कुछ देर बाद उसने अन्दर से आवाज दी और मुझे अन्दर आने के लिए बोला। मैं अन्दर गया, तो मेरे पसीने छूट गए। अन्दर वो लड़की नंगी बैठी थी। 

मैं अन्दर पहुंचा और पूछा- क्या हुआ? वो बोली- मेरा हाथ उधर सही से नहीं जा रहा है। आप प्लीज़ मेरी कुछ मदद करो। मैंने जरा गुस्सा दिखाते हुए कहा- यार, तुम तो मेरे पीछे ही पड़ी हो। 

वो बोली- प्लीज आप कर दो न! मैंने सोचा कि चलो इतना ड्रामा ठीक है, अब इसकी चूत का काम कर ही देता हूँ। शायद आज ये भी चुदवाने के लिए ही आई है। फिर जब चोदना ही है तो क्यों ने इसे बेड पर बुला कर उसकी चूत का जायजा लिया जाए। 

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चुत के किये बाल साफ़ 

मैंने उससे बाहर आकर बेड पर लेटने के लिए बोला। वो बेड के नीचे फर्श पर बैठ गई। मैंने देखा कि उसकी आंखों में वासना की लालिमा छाई हुई थी। मैं भी अब मूड में आ गया था। 

मैंने शेविंग क्रीम उसकी चूत पर लगाई और उसकी शेविंग करने लगा। साथ ही मैं अपनी एक उंगली से उसकी चूत के दाने को भी मसलने लगा। उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने धीरे से एक हाथ ऊपर बढ़ा दिया। 

मैं अपना हाथ उसकी चूचियों की तरफ ले गया और उसकी एक चूची को दबाने लगा। फिर धीरे धीरे उसकी शेविंग पूरी हो गई तो देखा कि वो आंखें बंद करके बैठी हुई थी। मैं शेविंग का सामान लेकर जाने के लिए जैसे ही मुड़ा तो उसने मेरे हाथ पकड़ लिया और नशीली आंखों से मुझे देखने लगी। 

फिर वो अचानक उठी और मुझे किस करने लगी। मैं तो पहले से ही टाइट था, तो हमारा काम शुरू हो गया। वो तो पहले से ही नंगी थी तो उसने मुझे कुछ करने का मौका नहीं दिया, उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए। 

फिर मैं भी नंगा हो गया। हमारे बीच सेक्स की लड़ाई शुरू हो गई। वो बोली- इस दिन का मैं कबसे इंतजार कर रही थी। मैंने पूछा- ऐसा क्यों? वो बोली- आपकी जो नर्स शादी करके गई थी, उसने आपकी मर्दाना ताकत के बारे में बताया था। 

मैंने जाना तो मालूम हुआ कि वो नर्स उसकी फ्रेंड थी। मैंने बोला कि इससे पहले तुमने कभी सेक्स किया है? वो बोली कि नहीं … मैंने तय किया था कि आपसे ही मैं अपनी सील तुड़वाऊंगी। 

मैं समझ गया कि आज मेरे लौड़े के नसीब में और एक सीलपैक चूत लिखी है। मैंने उसको चूमना शुरू किया। उसके कमल के फूल जैसे होंठों को मैं बेदर्दी से चूस रहा था और एक हाथ से उसके मम्मों को भी दबा रहा था। 

उसके निप्पल के छोटे छोटे दाने जैसे बाहर आ गए थे। फिर धीरे से मैंने उसके दोनों मम्मों को एक एक करके चूसना शुरू किया। वो भी मेरे सर पर हाथ फेर रही थी, उसके मुँह से मदभरी आवाज निकल रही थी। फिर उसने धीरे से मेरा लंड हाथ में लिया और हिलाने लगी। वो बोली- मैं लंड चूसना चाहती हूँ।

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