बेहेन की मोटे बूब्स और मेरी मालिश – 1

हम घर में कुल 4 लोग रहते थे और हम सभी एक दूसरे से बहुत ही ज्यादा प्यार करते थे। मम्मी और पापा मुझे और मेरी बेहेन दोनों को ही एक जैसा मानते थे इसलिए हम लोगो में कभी भी कोई लड़ाई नहीं होती थी। 

मम्मी मेरी बेहेन से और पापा मुझसे प्यार कुछ  जिससे हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश रहते थे। मेरी बेहेन की उम्र भी मेरे जितनी ही थी और हम दोनों में बस 1 साल का ही फरक था। 

मेरी बेहेन और मेरी दोस्ती भी अच्छी हो रखी थी और हम दोनों ज्यादा लड़ते भी नहीं थे। मेरी बेहेन मुहसे कुछ भी बाते कर  थी और वह दूसरी बहनो की तरह कभी मुझसे शर्माती भी नहीं थी। 

पर अब जैसे जैसे मेरी बेहेन की उम्र बढ़ती जा रही थी वह बहुत ही ज्यादा सुन्दर होने लगी थी और उसके बूब्स को देखकर मुझे कभी कभी बहुत ही ज्यादा हवस चढ़ जाती थी। 

पर मेरी बेहेन होने की वजह से मै उससे थोड़ा दूर ही रहता था और अपनी हवस को काबू में ही रखता था। पर अब मेरे घरवाले आज गांव जा रहे थे और मेरी बेहेन और मुझे घर पर छोड़ कर चले गए थे। 

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बेहेन के बूब्स कर दिए नंगे 

अब मै और मेरी बेहेन दोनों ही घर पर अकेले बैठे हुए थे और टीवी देख रहे थे और टीवी में आज मालिश करने वाले की चीजे आ रही थी। मेरी बेहेन ने मुझे कहा की मालीश करवाने में सच में  काफी आराम मिलता है। 

मेने भी अब उसकी हां में हां कर दी और मैंने अब अपनी बेहेन  से कहा की अगर वह चाहे तो मै उसकी मालिश कर सकता हु जिससे उसकी थकान भी चुटकी में गायब हो जाएगी। 

मेने अपनी बेहेन से उसकी सर की मालिश करने की बात करि थी पर अब मेरी बेहेन तभी बिस्तर पर पूरा लेट गयी और मुझे कहने लगी की मै पैर से मालिश की शुरुआत करू। 

मै थोड़ा अजीब मेहसूस कर रहा था पर अब मेरी हवस ने मुझे इस काम ने राजी कर लिआ और मेने अपनी बेहेन के पेरो की मालिश करनी शुरू कर दी और वह भी काफी आराम महसूस करने लग गयी। 

पैर दबवाते हुए मेरी बेहेन को काफी मज्जा आ रहा था और वह मुझे हस्ते हुए कह रही थी की मुझे पढाई को छोड़ कर मालिश की दूकान ही खोल लेनी चाहिए जिससे मेरे पास काफी पैसा जमा हो जायेगा। 

पर मेरा ध्यान अब मेरी बेहेन की गांड पर था जो की मेरे सामने ही थी और मै उसके पेरो को दबाते हुए उसकी गांड को ही घूर रहा था। अब मेने अपने हाथ थोड़े थोड़े ऊपर करने शुरू कर दिए। 

और  मेरे हाथ अब मेरी बेहेन के घुटनो पर चल रहे थे और मेरी बेहेन आराम से लेटी हुई मसाज का मजा ले रही थी। अब आगे बढ़ते हुए मेने अपने हाथो को थोड़ा और ऊपर किआ और बेहेन की गांड की तरफ बढ़ाया। 

मेरा हाथ अब मेरी बेहेन की गांड के  बहुत ही ज्यादा करीब था और मेने अपनी बेहेन से अब पूछा की क्या उसे मालिश में आराम मिल रहा था और मेरी बेहेन ने हां कहते हुए मुझे कहा की उसे काफी आराम मिल रहा था। 

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बेहेन की गांड को दबाके किआ गरम 

अब मेरी हिम्मत बढ़ चुकी थी और मेने अपने हाथ बेहेन की गांड की तरफ बढ़ाया और उन्हें और ऊपर लेता चला गया। मेरी बेहेन ने एक पल को मुझे देखा और वह फिर से निचे मुह्ह करके सो गयी। 

मेरे हाथ अब बेहेन की गांड पर थे और मै धीरे धीरे उन्हें अपने काबू में ले रहा था। बेहेन की गांड बहुत ही ज्यादा नरम थी और मेरे हाथो से दबते हुए वह काफी ज्यादा हिल रही थी। 

मुझे भी अपनी बेहेन को अब मसलने में काफी मजा रहा था और मेरी बेहेन भी बिना  कुछ बोले लेटी हुई थी। निचे मेरे हाथ बेहेन की मुलायम गांड को मसल रहे थे और मेरे लंड में भी अब काफी तनाव आ गया था। 

अब मेने हिम्म्मत करते हुए मेरी बेहेन से कहा की क्या उसे अपनी कमर की भी मालिश करवानी है। मेरी बेहेन ने यह बात सुनी और वह मालिश के लिए अब राजी हो गयी। 

मै समझ गया था की वह अब गरम हो चुकी है और जिस्म को मसलवाने के बाद वह बहुत ही कामुक महसूस रही है। अब मेरी बेहेन सीधी होक लेट गयी और उसने अपनी आंखे बंद करि ली। 

बेहेन की मोटे बूब्स और मेरी मालिश – 2

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