दीदी के मोटे चुचे और चुत की चुदाई – 4

खाना खाने के बाद मां ने कहा- दीदी के रूम में चले जाओ। मां के कहने के बाद दीदी के रूम में गया। वो रूम पूरी तरह से सजा था; दीदी एक नई नवेली दुल्हन की तरह सजी थीं। मेरे साथ मां भी आ गई थीं। 

उन्होंने मुस्कुरा कर कहा- जाओ आज तुम अपनी दुल्हन को पूरी रात चोदो। मैं खुश हो गया था। मां ने कहा- मैं जानती थी, जिसे तुम घर में चोदते हो, उसे तुम अपनी दुल्हन बना कर ही चोदते हो। 

मेरी मां से सिंदूर लेकर मैंने दीदी की मांग भरी। दीदी ने मेरे पैर छुए। फिर मैंने दीदी को गले लगाया और पीछे से उनकी गांड को दबाने लगा। कुछ देर बाद मैंने दीदी को बेड पर सुलाया और उनके ऊपर चढ़ गया। 

मैं दीदी के होंठों को चूसने लगा और उनसे कहा- नेहा डार्लिंग, अभी तक कितने लंड की सवारी कर चुकी हो? वो बोलीं- तुम्हारे जीजा, एक ब्वॉयफ्रेंड और अब तुम। मैंने कहा- ब्वॉयफ्रेंड कौन था? दीदी- एक था। 

उस ब्वॉयफ्रेंड ने भी शादी से पहले मुझे जमकर चोदा था। लेकिन अब मैं उससे नहीं चुदती हूँ। अब मैं उठा और दीदी की साड़ी निकाल दी। दीदी पेटीकोट और ब्लाउज में हो गयी थीं। मेरी नजर दीदी की नाभि पर पड़ी जो काफी गहरी थी। 

कजन दीदी को अच्छे से चोदकर किआ खुश – 1

झटके से दे दिए दीदी की चुत में लवड़ा

मैं दीदी की नाभि को जीभ डालकर अच्छी तरह से चूसने लगा। दीदी इससे ही आवाज निकालने लगीं। तभी दीदी ने पेटीकोट की डोरी खोल दी और अपनी गांड उठा कर उसे निकाल दिया। 

मैंने दीदी को अपने ऊपर सुला लिया और उनकी मोटी चिकनी गांड को दबाने लगा। तभी मेरे मन में विचार आया कि ये बहुत अच्छी डांसर भी है। मैं बोला- नेहा डार्लिंग थोड़ा अदा नाच कर दिखाओ। वो राजी हो गईं। 

मैंने एक गाना चालू कर दिया। उस गाना पर नेहा दीदी ने नंगी ही नाचना शुरू कर दिया। जब मेरी बहन की नंगी चूचियां और गांड हिलती, तो मुझे बहुत मजा आ रहा था। कुछ देर बाद मैंने दीदी को बेड पर लिटा दिया और उसकी टांगों को फैलाकर अपना लंड चूत में एक जोरदार धक्का दे मारा। 

बम पिलाट धक्के से दीदी की चीख निकल गयी। दीदी कराहती हुई बोलीं- आंह … आराम आराम से चोद ना! मैं बोला- फर्स्ट नाईट के दिन दुल्हन को चीखना ही चाहिए। वो हंस दी। 

मैं आराम से दीदी को चोदने लगा। कुछ देर बाद मैंने दीदी को कुतिया बनाया और पीछे से चूत में लंड डालकर चोदने लगा। कुछ मिनट बाद मैंने अपना लंड चूत में से निकाल दिया और दीदी की गांड के छेद में सैट करके एक जोरदार झटका मार दिया।

मेरे लंड का टोपा दीदी की गांड में घुस गया। दीदी की चीख निकल गई। जब चुदाई की चीखें निकलती हैं, तो कानों को बहुत सुकून मिलता है। मेरी दीदी बोलीं- आंह साले, आराम आराम से गांड मार भोसड़ी के … शुरू में गांड को हमेशा आराम से ही चोदना चाहिए।

 यौवन का जोश और चुदाई के दिन – 1 

सारि चुत का स्वाद मिलने लग गया 

मैंने सिस्टर ऐस को आहिस्ते आहिस्ते चोदना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद दीदी जोश में आ गईं और बोलीं- आंह अब चला अपनी गाड़ी तेज और फाड़ दे अपनी दीदी की गांड। 

मैं भी जोश में आकर तेजी से अपनी रंडी बहन की गांड मारने लगा। कुछ समय बाद मेरा पानी निकलने वाला ही था तो मैंने लंड निकाल कर चूत में पेल दिया और दीदी की चूत चोदने लगा। 

आठ दस धक्कों के बाद मैंने अपना सारा वीर्य बहन की चूत में ही गिरा दिया। दीदी की चूत तो पहले से ही पानी छोड़ चुकी थी। मैं झड़ कर दीदी की पीठ पर ही गिर गया। कुछ देर बाद मैंने दीदी को अपने ऊपर ले लिया। 

दीदी की मोटी चूचियां मेरे सीने को बहुत आराम दे रही थीं। दीदी मेरे होंठों को चूसती हुई बोलीं- कैसा लगा अपनी दीदी को चोदकर? मैं बोला- बहुत मजा आया अपनी रंडी बहन को चोदकर। 

मैं उस समय अपनी दीदी की गांड को दबा रहा था और हल्के हाथों से थपकी भी मार रहा था। दीदी ने मां से लेकर सबकी चुदाई के बारे में पूछा तो मैंने उन्हें विस्तार से बताया कि किसको कैसे पेला। 

मैंने भी दीदी से पूछा कि आज मां ने आपसे मेरे लंड के लिए क्या बात की थी और कैसे की थी? दीदी ने हंस कर कहा- मेरे ब्वॉयफ्रेंड के साथ मैंने और मां ने एक साथ चुदाई का मजा लिया था, जिस वजह से मां मेरे साथ खुली थीं। 

उन्होंने मुझे सीधे सीधे तेरे लंड के लिए कह दिया था कि अंकित का लंड मस्त है, चुद लेना। मैं खुश हो गया। इसके बाद मैंने दीदी के साथ अपनी बहन भाभी और मां को एक साथ कैसे चोदा, वो कहानी बाद में लिखूंगा।

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