बेहेन को चोद कर किआ खुश – 1 

ये कजिन सिस्टर सेक्स कहानी असली है, बस नाम और जगह बदल रहा हूं। ये गोपनीयता की बात है। हमारे समाज में अभी तक यह बात मानी नहीं है कि कोई भाई बहन आपस में चुदाई करें। 

वो बात अलग है कि पर्दे के पीछे ज्यादातर लोग अपने रिश्तों में चुदाई करते हैं और बहुत सारे रिश्तों में चुदाई की चाह भी रखते हैं। चलो जो भी है लेकिन मैं तो काफी पहले से रिश्तों में चुदाई करता आया हूं। 

जिसमें मैंने मामा की लड़कियां चोदीं, हम उम्र बुआ को और मुंह बोली बहन आदि की चुदाई कर चुका हूं। जिसका जिक्र मैंने अन्तर्वासना पर भी किया है। वो किसी और नाम से लिखी सेक्स कहानियां हैं। 

आज की बात उस बहन की चुदाई की बात है जिसके मैं शादी से पहले ही ऊपर ऊपर से मजे ले चुका हूं लेकिन उसकी चुदाई का मौका नहीं मिला। शादी से एक दिन पहले अंधेरे में उसे किस भी किया लेकिन उसकी चुदाई बाकी थी। 

मेरी शादी हो गई और शादी के बाद तो आप जानते ही हो कि क्या होता है। घरवाली की जम कर चुदाई … और क्या। लेकिन इंसान की फितरत है कि कुछ समय गुजरने के बाद उसे कुछ नया चाहिए। वो चाहे कोई भी चीज हो। 

वैसा ही हुआ, मेरा मन अब नयी चूत मांग रहा था। मुझे डर था कि मेरी घरवाली को इसका पता ना चल जाए। मैं अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता हूं, वो भी मेरे साथ बिस्तर में बड़ी मस्ती से चुदाई करवाती थी। लेकिन मेरे हरामी लंड को दूसरी चूत का रस चाहिए था। 

भाभी को चोदकर बनाया माँ – 1

हवस में बेहेन पे पड़ी नजर 

मैं कोशिश कर रहा था कि किसी तरह कोई नई चूत मिल जाए। जहां मैं जॉब करता था, वहां भी कोशिश की। कुछ दूसरी लड़कियों पर भी कोशिश की लेकिन बात चूत और लंड के मिलन तक नहीं पहुंची। 

एक लड़की कमरे तक भी आयी लेकिन साली की चूत चोदने नहीं मिली। उसके चक्कर में मकान मालिक ने 10 बातें सुना दीं, वो अलग। उसने रूम खाली करने तक का बोल दिया। मतलब खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना। 

हां इस दौरान ये भी समझ आया कि ज्यादातर लड़कियां चूत के बदले खर्चा बहुत करवाती हैं और उसके बाद कोई गारंटी नहीं है कि चूत दे ही दें। ये उनके मूड पर निर्भर होता है। साली रंडियों से भी चार कदम आगे होती हैं। 

कम से कम रंडी पैसे लेकर चूत तो दे देती है मगर ये कमीनी पैसा भी खर्च करवा लेती हैं और लंड भी नहीं लेती हैं। हुआ कुछ ऐसा कि मैं ऑफिस के काम से 2-3 महीनों के लिए कंपनी के ब्रांच ऑफिस में दूसरे शहर में गया था। 

वहां मेरे अंकल की फैमिली रहती थी। लेकिन मैं उनके घर नहीं रहना चाहता था इसलिए मैंने एक किराए में कमरा ले लिया था। अगले दिन से ऑफिस का सिलसिला शुरू हुआ। ऑफिस में एक लड़की से बात आगे बढ़ी। 

उसके पीछे कुछ खर्चा भी करना पड़ा, उसके बाद वो कमरे तक आई। कुछ देर तक हम दोनों बात करते रहे। फिर मैंने उसे हाथ लगाया तो वो नानुकुर करने लगी। मैंने उससे कहा- क्या पहली बार है? वो बोली- नहीं पहली बार तो नहीं है मगर आज मूड नहीं है। 

भाभी को चोदकर बनाया माँ – 2

लड़की आयी पर मुह्ह न लगी 

मन में मैंने सोचा तो क्या यहां मां चुदवाने आई है। मैंने उसे बहुत सहलाया मगर साली ने चुत नहीं दी। साली का ना जाने क्या मूड हुआ, कुतिया ने चुदने से मना कर दिया। इसी बात का जिक्र ऊपर मैंने किया है। मतलब उसने खड़े लंड पर चोट मार दी थी। वो भी हाथ से निकल गई। 

अब मेरे ऐसे ही दिन कट रहे थे। एक दिन मेरी चाची का फोन आया। चाची बोलीं- तू यहां आया हुआ है और घर नहीं आया! मैंने कहा- अभी तो टाइम नहीं है चाची … लेकिन टाइम मिला तो जरूर आऊंगा। 

बात ऐसी थी कि मेरे पापा नहीं चाहते थे कि मैं वहां जाऊं इसलिए मैं उनके घर नहीं जाता हूँ। माना कि वहां पर चूत मिल सकती थी लेकिन फिर भी मैं नहीं जा सकता था। अगली बार चाची के नंबर से ही उनकी लड़की, जिसका नाम विनी है, उसका कॉल आया। 

ये वो ही विनी है, जिसको मैंने बहुत मजे करवाए हैं, बस चोदा नहीं है। विनी ने मुझसे इधर उधर की बातें की। पहले तो नॉर्मल बातें ही हुईं लेकिन बाद में वो किसी ना किसी काम के बहाने पैसे मांगने लगी। 

मैंने सोचा- ये भी साली पैसे की जुगाड़ में है। पहले तो सोचा कि नहीं दूँ, फिर सोचा क्या पता इसकी चूत चोदने मिल जाए। पहली बार उसे मुझसे कुछ 1000 रुपए मांगे, मैंने दे दिए। वो मुझे बस थैंक्यू बोल रही थी। 

मैंने कहा- इससे काम नहीं चलेगा। इसके साथ कुछ और भी चाहिए। उसने कहा- क्या? मैंने कहा- थैंक्यू किस। विनी शर्माती हुई हंसी और बोली- क्या चाहिए? मैंने कहा- थैंक्यू किस के साथ देना। इस बार उसने कहा- ठीक है लेकिन अभी नहीं। उसके बाद भी छोटे मोटे काम के लिए वो मुझसे पैसे मांगने लगी। 

Leave a Comment