नौकरी करने वाली को चोदा – 1

उस वक्त मैं सर्वे के लिए काम किया करता था। हमें सर्वे के लिए हर रोज नयी जगह जाना होता था। इस क्षेत्र में घूमना तो बहुत पड़ता है लेकिन मजा भी उतना ही आता है। 

ऐसे ही एक बार हम मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सर्वे के लिए गए हुए थे। वहां पर हमारी मदद के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी साथ में हो लीं। एक कार्यकर्ता से मेरी काफी बात हुई और ऐसे ही उससे दोस्ती हो गई। 

वो भी 35-36 साल की उम्र की महिला थी। हम दोनों ने एक दूसरे के नम्बर ले लिए थे। दो दिन में ही उससे चैट पर बातें होने लगीं। दूसरे दिन हमने रात के 2 बजे तक बात की। 

वो एक शादीशुदा औरत थी और उसने अपने आपको बहुत ही सुडौल बनाकर रखा हुआ था। अगले दिन काम निपटाकर हम आंगनबाड़ी में आ गए। उसने अपनी सह-कार्यकर्ता को घर भेज दिया। 

केंद्र उसके अपने घर में ही खोला गया था। वो मेरे लिए चाय बनाने चली गई। जब चाय लेकर आई तो मेरे सामने रखते हुए वो बिल्कुल झुक गई। उसके ब्लाउज के अंदर मुझे उसकी गोरी और गोल-गोल चूचियां लटकती हुई दिख गईं। 

चुचिओ को देख लंड हो गया दीवाना

उसने नीचे ब्रा भी नहीं पहनी थी। उसकी चूचियां देखकर मेरा तो लंड एकमद से तनाव में आने लगा। जब उसने देखा कि मैं उसकी चूचियों की घाटी में देख रहा हूं तो वो मुस्करा दी और बोली- गर्म है काफी … ध्यान से मुंह लगाना! 

मैंने उसकी ओर हैरानी से देखा तो बोली- चाय का कप बहुत गर्म है, ध्यान से मुंह लगाना। ये कहकर वो हंसने लगी और सामने बैठकर चाय पीने लगी। उसने अभी भी पल्लू ऊपर नहीं किया था। 

उसके मंगलसूत्र के पीछे उसकी गोरी चूचियों की क्लीवेज से मेरा ध्यान हट ही नहीं रहा था। मेरा लंड पैंट में एक तरफ तनकर अलग से दिखने लगा था। मैं उसको अपने हाथ से छुपाने की कोशिश तो कर रहा था लेकिन हाथ लगते ही कमबख्त और ज्यादा फड़फड़ाने लगता था। 

वो भी बार बार मेरे लंड की ओर ही देख रही थी। फिर उसने उठकर गेट बंद कर लिया। मैंने कहा- आंगनबाड़ी का टाइम खत्म हो गया क्या? वो बोली- हां, बस आधे घंटे और खुली रहेगी लेकिन अब बंद ही समझो। 

पहली चुदाई का अनोखा मजा दिआ – 1 

लंड को ऊपर से ही चूसने लगी जोर जोर से 

कहते हुए वो मेरे बगल में आकर बैठ गई और उसने मेरे तने हुए लौड़े पर हाथ रख दिया। मेरे बदन में 1100 वोल्ट का करंट दौड़ गया। उसका मुलायम हाथ मेरे तपते लंड पर सहला रहा था। 

हम दोनों की नजरें मिलीं और मैंने कप को टेबल पर रखकर उसके हाथ को लंड पर और जोर से दबा दिया। इतने में ही दोनों के होंठ भी मिल गए और मैं वहीं सोफे पर उसको लेकर लेट गया। 

वो मेरे ऊपर थी और मैं नीचे। मैं साड़ी के ऊपर से उसकी गांड को दबाने लगा और वो नीचे हाथ किए हुए मेरे लौड़े को रगड़ रही थी। हम दोनों एक दूसरे के मुंह में जीभ देकर लार चूस रहे थे। 

वो भी काफी प्यासी लग रही थी। उससे मेरी शर्ट खुलने तक इंतजार न हुआ और जल्दी से मेरी शर्ट के बटन खोलकर मेरी गर्दन और छाती को बेतहाशा चूमने लगी। मैं उसके चूतड़ों को जोर जोर सेभींचने लगा। 

वो मेरी छाती को चूमते हुए नीचे पैंट तक पहुंच गई। अब उसने मेरी पैंट की बेल्ट को खोल लिया और पैंट का हुक खोलने लगी। हुक खोलकर उसने अंडरवियर के ऊपर से मेरे तने हुए लौड़े पर हाथ फिराया और मेरी तरफ देखकर कातिलाना स्माइल देने लगी।  

वह बोली- मस्त सामान है आपका! मैं बोला- अब मेरा कहां रहा … तुम्हारा है ये … जैसे मर्जी इस्तेमाल करो। इतना सुनते ही उसने मेरी पैंट को खींचकर नीचे कर दिया और लंड की शेप को अंडरवियर के ऊपर से ही चाटने लगी। 

उसने चाट चाटकर मेरे अंडरवियर को लंड के ऊपर से बिल्कुल गीला कर दिया। मेरा लौड़ा फटने को हो गया था। अब मुझसे भी रुका न गया और मैंने उसको नीचे फर्श पर बच्चों के लिए बिछी दरी पर उसको गिरा लिया।

नौकरी करने वाली को चोदा – 2

नौकरी करने वाली को चोदा – 3

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