सौतेले बेटे तो बनाया अपने अकेलेपन का साथी – 1

मेरे पति को  मरे हुए आज पुरे 2 साल हो गए थे और मेरी एक बेटी भी थी। आप सभी को तो पता ही होगा की बच्चो पर से बाप का साया हट जाये तो केसा होता है और ऐसे जीना कितना ही मुश्किल होता है। 

अब मेरी बेटी को ऐसे देखते हुए मेने ठान लिआ की मुझे दूसरी शादी कर ही लेनी चाहिए। कई दिनों बाद अब एक आदमी से मेरी अछि बनने लगी थी। उसकी बीवी भी अभी अभी ही मरी थी और वह एक अकेली औरत को ढूंढ रहा था। 

उसके बारे में मुझे फेसबुक से पता लगा था इसलिए मेने उससे बाते भी वही करना शुरू कर दी।  अब उस आदमी ने मुझे बताया की उसका भी एक बेटा है जो की उम्र में काफी बड़ा और समझदार भी है। 

उसके लड़के की उम्र शायद 19 साल की रही होगी या उसने मुझे कुछ ऐसा ही बताया था। काफी दिन बाते करने के बाद अब मेने उस आदमी से मिलने के लिए कहा और हम दोनों ने मिल कर काफी बाते भी करि। 

पहले होई दिन उस आदमी ने मुझे कहा की अगर मै चहु तो उससे जल्द ही शादी कर सकती हु क्युकी वह भी बहुत ज्यादा अकेला है और ऑफिस के काम से वह बाहर जाने वाल है जिसके बाद उसके बेटे का ख्याल रखने के लिए कोई भी नहीं है। 

मौसी ने पकड़ा मेरा लंड और हिलाने लगी

बेटे से हो गयी दोस्ती 

अब कुछ दिनों बाद मेने उस आदमी से कोर्ट जाकर शादी कर ली और अपनी बेटी को लेकर मै उसके घर पर ही रहने लगी। उसका बेटा बहुत ही कम बात करता था और वह ज्यादा खेलता भी नहीं था। 

अब अपनी शादी वाले दिन मेने अपने नए पति से साथ सुहागरात भी नहीं मनाई थी क्युकी उन्हें अपने ऑफिस में कुछ बहुत ही ज्यादा जरुरी काम आ पड़ा था। पर एक माँ होने की वजह से मेने इस बात को दिल पर नहीं लिआ था। 

अब 2 दिन बाद ही मेरे पति ने मुझे बतया की उन्हें 20 दिनों के लिए ऑफिस की तरफ से दूसरे देश में जहा है जैसा की उन्होंने मुझे पहले ही बताया था। अब एक अछि पत्नी की तरह मेने भी उन्हें  बिना कुछ कहे जाने दिआ और ख्याल रखने को कहा। 

घर में रहते हुए मुझे आज 8 डिज हो गए थे और मेरे पति को गए आज 3 ही दिन था। पर अब अंदर ही अंदर मुझे अकेला लगने लगा था इसलिए मेने अपने सौतेले बेटे जिसका नाम सूरज था उससे बाते करना शुरू कर दिआ। 

शुरू में तो सूरज मुझसे ज्यादा बाते नहीं करता था पर धीरे धीरे वह भी मुझसे काफी खुल गया और अपनी हर बायत को बहुत ही ज्यादा आराम से बताने लगा। ऐसे ही एक दिन की बात है हम दोनों और मेरी बेटी निचे बिस्तर पैर बेथ कर टीवी देख रहे थे। 

साथ ही साथ सूरज मुझे अपने स्कुल की आज की बाते बता रहा था जिससे मेरा भी दिल अच्छा बहल रहा था। पर कुछ ही देर बाद अब सूरज अपनी बात करते करते सो गया और मेरी बेटी भी सो गयी। 

दोनों सोते हुए बहुत ही ज्यादा प्यारे लग रहे थे और सूरज को द्देख कर मुझे अपने पहले पति की याद आने लग गयी थी। बात कुछ यु थी की मेरा पहले वाला पति मुझे बहुत ही ज्यादा प्यार करता था और रात में भी वह मुझे खूब जोर से चोदता था। 

बुआ आयी चुदाई करवाने के लिए

सौतेले बेटे को देख हो गयी बेकाबू 

उन रातो को यार करने से मुझे बहुत ही ज्यादा बुरा लग रहा था पर अंडर ही अंदर अब मै गरम भी होती जा रही थी। काफी दिन से चुदाई ना होने की वज्जह से अब मुझे सूरज से चुदाई करवाने के भी ख़िआल आ रहे थे। 

सूरज को देखते हुए मुझे  यह दिल कर रहा था की मै उसे अभी उठा लू और अपनी चुत की अच्छे से चुदाई करवायु। पर कैसे भी रिश्ते से सूरज मेरा बेटा था और उसके बारे में  ऐसे सोच कर मुझे ठीक नहीं  लग रहा था। 

पर अब  कुछ ही देर बाद बहुत सारि चीजे सोचने की वजह से मै काफी गरम भी हो गयी थी और अपनी बेटी के पास लेटते हुए मेरा हाथ अपनी चुत चल रहा था। मै अपनी उंगलिओ को चुत की पंखुडिओ में बहुत ही प्यार से रगड़ रही थी जिससे मेरी चुत पूरी गीली हो चुकी थी। 

अब मेरी हवस बहुत ज्यादा हो चुकी थी और मै काफी कामुक बन गयी थी। मेरा जिस्म पूरा का पूरा गरम हो गया था और मेरी सांसे भी काफी लम्बी हो चली थी। अब सूरज को देख  मुझे चुदाई के शिव कुछ नहीं सूझ रहा था और मेरा जिस्म बस एक लंड की प्यास के बारे में सोच रहा था। 

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