लंड की दीवानी मेरी प्यासी भाभी, पूरी रात भाभी को लंड चुसाया

दोस्तों मेरा नाम अमन है और यह घटना कुछ महीनो पहले की है।  हमारे पड़ोस में एक शादीशुदा जोड़ा किराये पे रहने आया जिसका एक बच्चा भी था।  यह परिवार एक साधारण से लोग थे जो गांव से रहने दिल्ली आये थे। वह किराये भी रहते थे इसलिए भाभी मेरी मम्मी से दीदी करके बाते किआ करती और में उन्हें भाभी कहकर ही सम्बोधित करता था।  भाभी का कद कुछ 5 फुट  से ज्यादा था और रंग भी बेहद गोरा था।  हमारे इलाके के सभी लड़क भाभी को देखा करते थे और मै भी कई बार उनके नाम की मुठ मार कर सोया करता था।  

अब भाभी को यहाँ आये हए काफी दिन हो गए थे।  भाभी और मेरी बहुत बाते भी शुरू हो गयी थी।  घर सामने होने की वजह से वह हमारे घर भी रोज ही आ जाया करती थी।  एक दिन की बात है जब मम्मी ने भाभी को बाजार साथ चलने के लिए बोला।  कुछ समय बाद भाभी और मम्मी साथ में वापस नहीं आये।  मेरे पूछने पर मम्मी ने बताया की भाभी दवाइया लेकर पीछे आ रही है।  भाभी तेजी से चलते हुए आयी और एकदम से मेरे सामने ही ठोकर लगने से गिर गयी। मुझे भाभी के नितम्ब साफ़ साफ़ दिख रहे थे और भाभी जल्दी जल्दी अपना सामान भी उठा रही थी।  

भाभी की मदद के लिए मैने भी सामान उठाना चालू कर दिआ। की तभी मैने देखा की वही एक कंडोम का डिब्बा भी सामान में रखा हुआ था।  सामान उठाते ही भाभी जल्दी जल्दी अपने घर में घुस गयी और शाम तक नहीं निकली। 

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भाभी ने बताई अपनी लंड ना मिलने की कहानी 

अब अगले दिन मै भाभी का इन्तजार करते हुए अपने घर के सामने बेथ गया। भाभी झाड़ू मारने जैसे ही बहार आयी तभी मेरा लंड एकदम से तन गया और पजामे में उभर आया।  भाभी ने मुझे एकदम से देखा और हस्ते हुए बोली: अरे अमन तुम आज जल्दी उठ गए।  भाभी ने शायद मेरा लंड देख लिआ था पर अनदेखा करते हुए वह अपने घर में चली गयी। इन सब के बिच मुझे कंडोम के बारे में पूछना याद ही नहीं आया और दोपहर के समय अब भाभी मम्मी से बात करने घर आयी। 

मम्मी उस समय सो रही थी पर भाभी फिर भी बैठी रही।  अब भाभी मुझे ही बात करने लगी और लगे हाथ अब मैने भाभी से सवाल कर ही दिआ।  मेने भाभी से कहा की : भाभी आपकी तो लाइफ बहुत ही अच्छी है आपके पति भी अच्छे मिले है जो आपसे शयद बहुत प्यार भी करते है।  भाभी ने उदास मुह्ह से बोला प्यार तो करते है पर कर नहीं पाते।  

मै भाभी का इशारा समझ रहा था।  पर अनजान बनते हुए मैने भाभी से पूछा की परसो तो आप डब्बा भी साथ में लेके गए थे।  भाभी घबरा गयी और बोली की वो तो दुकानदार ने गलती से दाल दिआ था जिसे में वापस भी कर आयी हु। अब मेने भाभी को बोला की वो डब्बा गलती से कोई भी दुकानदार नहीं डालता।  

तब भाभी ने बोला की वोह सब तुम्हारे भैया ने मंगवाया था पर किसी काम भी नहीं आया।  भाभी ने बताया की हर रात वह किसी भी तरह भईया को रोके रखने की कोशिश करती है पर भइया जल्दी ही तक जाते है।  

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भाभी को ऊपर लेजाकर टांग उठाके चोदा 

अब भाभी बहुत ही दुखी भी लग रही थी।  मैने भाभी को  दिलासा देते हुए उनके कंधे पर अपना एक हाथ रख दिआ।  भाभी मेरे हाथ पे सर रखकर रोने लगी और कहने लगी की छोटू के होने के बाद से वह बहुत अकेली भी हो गयी है।  सारा दिन छोटू का ख्याल रखने के बाद वह बहुत थक जाती  है और भैया भी उनपर अब ध्यान नहीं देते है।  अब भाभी के नितम्ब मेरे हाथो को छू रहे थे जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। ढीला पजामा होने की वजह से मेरा लंड ऊपर से ही दिखने लगा था।  भाभी ने मेरा लंड देखा और मेरी तरफ देखते हुए बोली : अमन की तुम मेरी मदद करोगे। अब मैने बिना सोचे हं भर दी और भाभी को ऊपर अपने कमरे में ले गया।  

भाभी ने बोला: अमन क्या तुम मुझे चरमसुख का अनुभव दे हो।  तुम भी एक जवान लड़के हो जो मेरे दोस्त के जैसे हो।  अब मुझे अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हो रहा था।  भाभी ने इतना कहने के बाद मुझे गले लगा लिआ और किस करना शुरू कर दिआ। मैने भी जवाब देते हुए भाभी की कमर पकड़ी और उनके कोमल होठो का रसपान करना शुरू कर दिआ। भाभी की बेताबी बढ़ रही थी और निचे बैठते हुए भाभी ने मेरा पजामा निचे किआ और झटके से मेरा लंड अपने मुह्ह में लेकर चूसने लगी।  

मुझे लंड की चुसाई से बहुत आनंद मिल रहा था।  भाभी किसी लॉलीपॉप की तरह मेरा लंड तेजी से चोसे जा रही थी। अब मेरी हवस भी पूरी तरह उबाल मार रही थी।  मैने भाभी को दोनों हाथो से पकड़ते हुए उठाया और बिस्तर पर लिटा दिआ।  भाभी की सलवार उतारते हुए मैने भाभी की पैंटी भी साथ में उतार दी। अब भाभी निचे की पूरी नंगी हो चुकी थी और ऊपर सिर्फ ब्रा में थी। अब मैने भाभी की टाँगे फैला दी और भाभी की फूल हुई चिकनी चूत को देखने लगा।  भाभी की चूत पानी से पूरी तरह भीग चुकी थी और एकदम गुलाबी थी। मैने बिना देखे भाभी की चूत चटाई शुरू करदी जिससे भाभी कामवासना में जाने लगी 

अब मौका पाते ही मैने अपना लंड लिए और भाभी की चिकनी चूत में घुसा दिआ। अब मेने धक्के लगाना शुरू कर दिए और भाभी को चोदने लगा।  

भाभी अब पूरी तरह मेरा साथ दे रही थी और ऊपर निचे होकर मुझसे अपनी चूत चुदवा रही थी।  अब मैने भाभी की एक टांग अपने कंधे पे रखी और अपना लंड फिरसे उनकी गीली चूत में डालके चुदाई शुरू कर दी।  काफी देर की चुड़ै के बाद अब भाभी भी सिसकिआ लेने लग गयी थी और लम्बी लम्बी साँसे भर रही थी।  

ऐसे ही 1 घंटा भाभी की चूत चोदने के बाद मैने भाभी को चरमसुख की प्राप्ति कराई और उनकी चूत से पानी निकाल दिआ।  फिर कुछ देर भाभी के लंड चूसने से में भी उनके मुह्ह में झड़ गया जिससे भाभी मेरा सारा वीर्य पी गयी। ऐसे ही भाभी और मै हर महीने २ बार चुदाई करते है और अपनी अपनी हवस बुझाते है। 

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