ठण्ड में किआ बेहेन को गरम और लिए चुदाई के मजे

हेलो दोस्तों, मेरा नाम मोंटू है और में अभी 24 साल का हु। यह बात तब की है जब मेरी उम्र लगभग 19 साल होगी। मेरी बेहेन का नाम मनीषा था जो 21 साल की थी और हर लड़की की तरह घर में रहके पढ़ती थी और माँ के साथ घरो के काम में हाथ बताया करती थी। दिखने में मेरी बेहेन किसी आम लड़की की तरह ही थी पर मनीषा ओरो से थोड़ी कम बोलने वाली थी।  वो ज्यादातर मुझसे या घरवालो से ही बाते किया करती थी। उम्र बढ़ते बढ़ते मेरी हवस की सिमा भी बढ़ने लगी थी। मै रोज इंटरनेट पर चुदाई करने के लिए नए नए तरीके ढूंढा करता था।  बहुत कोशिश करने के बाद मैने हार मान ली और प्रयास करना भी बंद कर दिआ। पर मेरी हवस शांत नहीं हो पा रही थी। मै परेशान सा रहने लगा था।  एक दिन दीदी ने मुझसे मेरी परेशानी की वजह पूछी और मैने बिना बताये सब कुछ मजाक में खत्म कर दिआ।  

कुछ दिन बाद दीदी बाथरूम में नाहा रही थी और तौलिया लेजाना भूल गयी थी। उन्होंने मुझे आवाज लगते हुए तौलिए माँगा। मै तौलिया देने गया तो दीदी ने थोड़ा सा दरवाजा खोलते हुए तौलिया लिए पर मुझे दीदी के बड़े नितम्ब भी दिख गए थे।  अब मेरी वासना बढ़ने लगी और मै दीदी के बारे में सोचकर लंड भी हिलाने लगा। अब मै उन्हें नंगा देखने की कोशिशे करता रहता था पर मुझे कामयाबी नहीं मिल पा रही थी।  

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साथ में सोइ दीदी के चूत रगड़ी 

ऐसे ही दिन बीतते गए और सर्दिओ का समय आ गया।  हमारे घर मे 3 रजाइआ थी जिनमे से एक मेरी एक दीदी की और एक बेहेन की। मै अपनी रजाई ओढ़ कर दिन में भी सोया करता था। और मम्मी से खाना खाते हुए मम्मी ने गलती से मेरी रजाई पे पानी गिरा दिआ जिससे मेरी रजाई पूरी भीग गयी।  अब रात को सर्दी बढ़ी और में एक छोटा सा कम्बल लेके सोने लगा।  

मम्मी ने मुझे मनीषा के साथ  सोने के लिए कहा पर मैने मना करते हुए ऊपर अपने कमरे में जाना सही समझा।  रात का समय हो चला था और ठंडी अपनी चरम सीमा पर थी। मुझे बहुत ही ठंडी लग रही थी जिससे सोना बहुत मुश्किल था। कुछ समय बाद मनीषा अपनी रजाई के साथ मेरे कमरे में आयी और बोली :  आज बहुत ठंडी है छोटू तू मेरे साथ इसी रजाई में सो जा। पहले मैने मना किआ पर दीदी के थोड़ा बोलने पर मैने हामी भर दी।  अब दीदी और मै एक रजाई में थे। हम बचपन से ही रातो में ढीले कपडे पहनते थे जिससे मनीषा के नितम्ब बहुत बड़े दिख रहे थे। मेरा लंड पूरा खड़ा होने लगा था और मै दीदी की तरफ ही देखे जा रहा था।  

अब मैने हाथ उठाते हुए अपना एक हाथ दीदी की गांड पे रख दिआ जिसका दीदी को शयद पता नहीं चला। अब मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मै दीदी की गांड सहलाने लगा। कोई परेशानी ना दीखते हुए अब मैने दीदी के पजामे में अपना हाथ डाल दिआ और सोने का नाटक करने लगा। दीदी अभी भी सो रही थी और मुझे और भी हिम्मत मिल रही थी। हाथ बढ़ते हुए मैने वही हाथ दीदी की चूत तक सरका दिआ और थोड़ा थोड़ सहलाने भी लगा। अब दीदी नींद में ही लम्बी साँसे भरने लगी। मेरी घबराहट बढ़ रही थी पर मुझे मजा भी आ रहा था। 

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दीदी हुई गरम और खुद चूसा लंड 

मनीषा दीदी भी अब शायद उठ चुकी थी और बिना कुछ बोले मजे ले रही थी। मैने अब दीदी की चूत में अपनी एक उंगली भी दाल दी जिससे दीदी ने एक लम्बी सांस भरी और अपनी आंखे खोली। मै डर गया और वैसे ही हालत में अपनी आँखे बंद कर ली।  दीदी ने बिना कुछ कहे वापस उनके बंद कर ली और मुझे तेजी से बहो में भर लिआ। अब मैने दीदी के होठो पे एक चुम्बन दिआ और दीदी ने मुझे जवाब में किस करना शुरू कर दिआ। अब मनीषा पूरी तरह गरम हो गयी थी और मेरे होठो को चूसे जा रही थी।  

मेने दीदी का टॉप रजाई में ही उतारा और उनके बूब्स दबाने लगा।  दीदी के बूब्स बहुत ही बड़े व् रसीले थे जीने में पूरी तरह से अपने मुह्ह मे लेके चूसे जा रहा था। दीदी ने मुझे रोकते हुए निचे होकर मेरा पजामा सरकाया और मेरा लंड मुह्ह में लेके चूसना शुरू कर दिआ।  मेरा लंड दीदी के थूक से पूरा गिला और खड़ा हो गया था। कुछ समय बाद मैने दीदी की पैंटी उतारी और उनकी चूत चाटने के लिए 69 की अवस्था में आ गया।  अब हम दोनों बिना शर्माए एक दूसरे का साथ देते हुए एक दूजे को चाट रहे थे। 

दीदी की चूत बहुत की टाइट व् बालो से भरी हुई थी जिसको अभी तक किसी ने चोदा नहीं था। थोड़ी चटाइ  करने के बाद मैने दीदी की दोनों टाँगे उठाई और अपना लंड उनकी चूत पे रख दिआ।  एक जोर का धक्का देते ही मेरा लंड उनकी टाइट चूत में घुस चूका था और दीदी दर्द और कामवासना में आँखे बंद करके रजाई में पड़े हुए थी। मैने बिना रुकते हुए चुदाई शुरू कर दी और उनकी चुदाई करने लगा।  कुछ समय बाद दीदी ने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिआ और ऊपर निचे होकर मुझसे छोड़ने लगी।  ऐसे ही हम दोनों भाई बेहेन ने उस रात 4 बार चुदाई का आनद उठाया और सर्दिओ का मजा लिआ। 

ठन्डीओ के मौसम में हमने बहुत बार ऐसे ही अपनी अपनी हवस की प्यास बुझाई और एक दूसरे को प्यार किआ है।  अब दीदी की शादी हो गयी है पर जब भी वह यहाँ घूमने आती है, मै उनकी चुदाई करने का कोई मौका खाली नहीं जाने देता हु। 

तो दोस्तों किसी लगी आपको मेरी स्टोरी, कमेंट करके हमें जरूर बताये और नई नई सेक्स से भरी कहानिआ पढ़ते रहने के लिए हमारी वेबसइट पर आते रहिये।  

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