प्रोजेक्ट के नाम पर चुदाई के लिए मजे – 1 

आज मैं आपको एक अपनी सच्ची हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स स्टोरी बताने जा रहा हूं। मेरी ये मेरी सेक्स की घटना उस समय की है जब मैं एक गांव में कंपनी की तरफ से प्रोजेक्ट के लिए गया था। 

ये प्रोजेक्ट कम से कम 20 दिन का था। हमारे काम में हमें कोई भी एरिया दिया जा सकता था तो इस बार मुझको एक गांव दिया गया था। वहां का सर्वे मुझे अकेले ही करना था। मुझको कम्पनी से ये प्रोजेक्ट मिला तो उसे पूरा करने के लिए मैं उस गांव के लिए रवाना हो गया। 

मैंने उस गांव जाने की बस पकड़ी और चल दिया। उस बस में बहुत भीड़ थी, बड़ी मुश्किल से मुझे सीट मिली। थोड़ी देर चलने के बाद बस एक स्टॉप पर रुकी तो मैं चाय पीने के लिए उतर आया। 

जैसे ही मैं चाय पी कर वापिस बस में आया तो मेरी सीट में एक लड़की बैठी हुई थी। चूंकि बस में बहुत भीड़ थी तो उसे सीट न मिलने के कारण वो वहां बैठ गई थी। मैं जैसे ही उसके पास गया, तो मैंने देखा कि वो लड़की बड़ी मस्त कांटा माल थी, बहुत ही खूबसूरत थी। 

उसके लाल लाल गाल, उसके चूचे भी बड़े टाईट दिख रहे थे। उसकी उम्र लगभग मेरी ही उम्र के आस-पास की लग रही थी। उसने लैगी कुर्ती पहनी हुई थी क्योंकि हमारे हिमाचल में लड़कियां अब लैगी कुर्ती सूट पहनना ज्यादा पसंद करने लगी हैं। 

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लड़की आ गयी मेरी सीट पर

सच में वो लौंडिया बड़ी मस्त हॉट और सेक्सी लग रही थी। मुझे लगा कि मैं उसे यहीं बैठने देता हूं। आखिर लड़की को तो सीट देनी चाहिए। उसकी उस साइड पर मेरा बैग भी रखा था। मेरे दूसरे साइड में एक आंटी की सीट थी। 

मैंने उस लड़की को देखा तो वो मेरी तरफ देखने लगी। उसे लगा कि अब मैं उससे उठने के लिए कहूँगा। मगर मैंने उससे कहा- आप बैठी रहो … मेरे बैग का ध्यान रखना। वो मेरी तरफ मुड़ी और बोली- अच्छा यहां पर आपकी सीट थी, सॉरी मुझे पता नहीं था। 

मैंने बोला- कोई बात नहीं आप बैठी रहो। मैं पहले से ही बैठ बैठ कर थक गया हूँ। इस पर वो बड़े प्यार से मुस्करा कर बोली- थैंक्स। दोस्तो, उसकी मुस्कराहट में क्या जादू था। मेरा उस लड़की पर दिल आ गया था। फिर बस वहां से चल पड़ी। 

आगे चल कर बस रुकी तो सीट की दूसरे तरफ जो आंटी बैठी हुई थीं, वो वहां उतर गईं। अब उस जगह पर मैं बैठ गया। मैंने उससे पूछा- आप क्या करती हो? वो बोली- मैं एम ए कर रही हूं। मैंने उसका नाम भी पूछा, उसका नाम मीनाक्षी था। 

मैंने बोला- आपका नाम आपके मां-बाप ने बड़ा सोच समझ कर रखा है। ये सुन कर वो लजा गई और बोली- आप भी ना! मैंने उससे पूछा- आपको कहां जाना है? उसने उसी गांव का नाम बोला, जहां मुझे जाना था। 

मैंने उससे कहा- अरे मैं भी तो वहीं जा रहा हूं। वो बोली- लेकिन मैंने आज तक तो आपको वहां कभी नहीं देखा। मैं बोला- अरे यार, मैं कम्पनी की तरफ से एक प्रोजेक्ट के काम से जा रहा हूं। 

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बस में लड़की हो गयी इम्प्रेस 

अब वो मुस्करा कर बोली- अच्छा ये मतलब है। मैंने कहा- हां ये मतलब है। मेरे इस तरह से जवाब देने से वो हंस दी। हम दोनों अब एक दूसरे से बात करने लगी तो वो बोली- चलो अच्छा है अब हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से जान लेंगे। 

मैंने उसकी इस बात को समझ नहीं पाया … मगर चुप रहा। फिर वो बोली- आप उधर रहोगे कहां? मैंने बोला- वहां कहीं रूम ले लूंगा। वो बोली- गांव में कोई रूम किराए में नहीं देते, आपको जानकारी होनी चाहिए। 

मैं बोला- ये बात … तो फिर मैं क्या करूंगा? वो मुस्कुरा कर बोली- कोई बात नहीं, मैं अपने पापा से बात करूंगी। हमारे पास एक कमरा खाली है। फिर कुछ समय बाद हमारा गन्तव्य आ गया और हम दोनों उस गांव के पास उतर गए। 

मैं उसके साथ उसके घर आ गया। उसने अपने पापा से बात की और उन्होंने मुझे कमरा किराये पर दे दिया। मुझे उस लड़की का साथ मिल गया था। अब मैं उसको देख कर रोज आंख सेंक सकता था। मैं सोचने लगा था कि काश इसकी चुदाई करने को भी मिल जाती। 

वैसे वो मुझसे बातें करती रहती थी और पूछती रहती थी कि किसी चीज़ की जरूरत हो तो बता देना। मुझे जिस चीज़ की जरूरत थी, तो बस उसकी चूत गांड की … अगर वो मुझे मिल जाती तो लंड को चैन मिल जाता। चार दिन बीत गए थे। 

एक दिन मैं सुबह जैसे ही उठा तो बाथरूम जाने लगा। उनका और मेरा बाथरूम एक ही था। मुझे नहाने जाना था तो मैं उधर गया, तब तक वो भी अपनी बाल्टी लेकर आ गई। उस समय वो बड़ी मस्त माल लग रही थी। 

उसने टाइट पजामी और छोटा सा कुर्ता पहना हुआ था। उसकी गांड पजामी में बड़ी मस्त दिख रही थी। उसके चूचे भी एकदम तने हुए थे, वो तो जैसे मेरी ओर इशारा कर रहे थे और बोल रहे थे कि आ जाओ, हमें दबा लो। मैंने उसे देख कर कहा- अच्छा आपको नहाना है?  प्रोजेक्ट के नाम पर चुदाई के लिए मजे – 2

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